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सिर्फ Smoking छोड़ना ही काफी नहीं! Lung Cancer का खतरा कम करने के लिए इन चीजों पर भी दें ध्यान

Lungs Cancer Prevention Tips: फेफड़ों का कैंसर बेहद गंभीर बीमारी है, जिससे हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है. आइए जानते हैं कैसे फेफड़ों को शिकार बनाती है ये बीमारी और जानते हैं NIH और WHO से कैसे कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है?

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फेफड़ें कैसे कैंसर का शिकार हो जाते हैं? (Image: AI/Pexels)

खबर की मुख्य बातें:

  • WHO के अनुसार, कैंसर 2018 में दुनियाभर में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण था, जिससे अनुमानित 96 लाख मौतें हुईं.
  • फेफड़ों का कैंसर तब होता है जब फेफड़ों की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ती हैं और स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं.
  • फेफड़ों के कैंसर के मुख्य कारणों में धूम्रपान, सेकंड हैंड धुएं के संपर्क में आना, वायु प्रदूषण और हानिकारक पदार्थों का संपर्क शामिल हैं.
  • फेफड़ों के कैंसर के दो मुख्य प्रकार हैं: नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर और स्मॉल सेल लंग कैंसर, जिसके लक्षणों में लगातार खांसी, सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं.

Lungs Cancer: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिससे आज दुनिया का बड़ी आबादी जूझ रही है. इस बीमारी के कारण हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो जाती है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी ट्रीटमेंट कराव रहे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि WHO के अनुसार, कैंसर दुनियाभर में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है, जिससे 2018 में अनुमानित 96 लाख मौतें हुईं. ये एक बड़ा और गंभीर आंकड़ा है, जो बताता है कि ये बीमारी कितनी ज्यादा खतरनाक है. इन मौतों में एक बड़ा हिस्सा लंग्स कैंसर यानी फेफड़ों का है. आइए जानते हैं क्या है फेफड़ों का कैंसर और क्या सिर्फ सिगरेट छोड़ने से इसका खतरा कम हो सकता है या नहीं.

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अच्छी सेहत के लिए हेल्दी फेफड़े क्यों जरूरी?

अच्छी सेहत के लिए ये जानना काफी जरूरी है कि हमारी जो आदतें हैं, वह शरीर में मौजूद अंगों पर कैसा असर डाल रही है. फेफड़े मानव शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जिसमें खराबी पूरी शरीर की सेहत पर असर डालती है. NIH के अनुसार, फेफड़े छाती में मौजूद शंकु के आकार के सांस लेने वाले अंग होते हैं, जब आप सांस अंदर लेते हैं, तो फेफड़े शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाते हैं. जब आप सांस बाहर छोड़ते हैं, तो वे कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालते हैं, यह प्रक्रिया जीवन को चलाने के लिए जरूरी है. हालांकि, आदतों और कई अन्य कारणों से फेफड़ों की सेहत खराब होने लगती है और एक वक्त आता है कि व्यक्ति गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है, जिसमें से एक कैंसर है.

क्या है फेफड़ों का कैंसर? How Lungs Infected with Cancer

WHO के अनुसार, लंग कैंसर यानी फेफड़ों का कैंसर (Lungs Cancer) एक गंभीर बीमारी है, जिसमें फेफड़ों की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं और धीरे-धीरे स्वस्थ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं. इसके कारण सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी, जैसे कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं. लंग कैंसर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है- नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर और स्मॉल सेल लंग कैंसर. इसका इलाज बीमारी के प्रकार, स्टेज और मरीज की सेहत के आधार पर किया जाता है. आपको बता दें कि कैंसर की सबसे खतरनाक बात ये रहती है कि इसके लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते हैं, जिस कारण अक्सर लोगों को यह मालूम ही नहीं होता है कि उनके अंदर कैंसर पनप रही है और अगर कोई लक्षण दिखाई भी देते हैं, तो इतने सामान्य से लगते हैं कि अक्सर लोग धोखा खा जाते हैं. WHO के आंकड़ों के अनुसार, साल 2022 में, फेफड़ों का कैंसर कैंसर से होने वाली मौतों का मुख्य कारण था, जिसमें अनुमानित 25 लाख मामले और 18 लाख मौतें हुईं.

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किन-किन कारणों से हो सकता है फेफड़ों का कैंसर? Causes Behind Lungs Cancer

WHO के अनुसार, धूम्रपान करना, फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण है, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी के घिर जाते हैं. इसके अलावा और रिस्क फैक्टर की बात करें, तो इनमें;

  • सेकंड हैंड तंबाकू के धुएं के संपर्क में आना (आसपास कोई सिगरेट पी रहा हो और आपके अंदर उसका धुआं जा रहा हो)
  • वायु प्रदूषण
  • कामकाज के दौरान एस्बेस्टस, सिलिका और डीजल के धुएं जैसे हानिकारक पदार्थों के संपर्क में आना
  • रेडॉन के संपर्क में आना
  • फेफड़ों की कुछ पुरानी बीमारियां और जेनेटिक.
  • परिवार में कैंसर का इतिहास रहना.

कैसे दिखते हैं फेफड़ों के कैंसर के लक्षण? Symptoms Lungs Cancer

  • लगातार रहने वाली खांसी
  • सीने में दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • खांसी के साथ खून आना
  • हर वक्त थकान महसूस होना
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना
  • बार-बार होने वाले फेफड़ों के संक्रमण

अगर आपको कोई भी लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो बिना देरी जांच कराएं और देरी या घरेलू उपायों के बजाय डॉक्टर की सलाह का पालन करें.

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फेफड़ों के कैंसर का खतरा कैसे कम हो सकता है? Prevention Tips For Lungs Cancer

  • अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ धूम्रपान से दूरी ही कैंसर के खतरे को कम कर सकती है, तो आपको बता दें कि कुछ और बातों का पालन करना भी जरूरी है. NIH के अनुसार, रिस्क फैक्टर्स से दूरी और अच्छी लाइफस्टाइल से नजदीकी इस गंभीर बीमारी के खतरे को कम करने में मददगार हो सकती है. फेफड़ों के कैंसर के खतरे को कम करने के लिए
  • धूम्रपान न करना
  • धूम्रपान छोड़ना
  • काम के दौरान धुआं, केमिकल आदि जो कैंसर का खतरा बढ़ाएं उनसे दूरी
  • रेडॉन के संपर्क में कम आना

यह स्पष्ट नहीं है कि निम्नलिखित चीजें फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करती हैं या नहीं:

  • आहार
  • फिजिकल एक्टिविटी

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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SOURCE: WHO, NIH

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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