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सोते समय पैरों में ऐंठन होना किस बीमारी का लक्षण होता है? जानिए कैसे दूर होगी यह दिक्कत

Night Leg Cramps: पैरों में ऐंठन होना एक ऐसी दिक्कत है जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं. ऐसे में यहां जानिए किन लोगों को यह परेशानी होती है और पैरों की ऐंठन किन बीमारियों का संकेत हो सकती है.

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रात के समय पैरों में ऐंठन क्यों होती है, जानिए यहां.

Night Leg Cramps Causes: रात के समय पैरों में ऐंठन होना मांसपेशियों के सिकुड़ने के कारण हो सकता है. ये ऐंठन दर्दनाक होती है और कुछ सेंकड या एक मिनट तक रहने के बाद ठीक हो जाती है. आमतौर पर यह ऐंठन गंभीर कारणों से नहीं होती है, लेकिन ऐसी कुछ दिक्कतें हैं जो इस ऐंठन को बढ़ाने का काम कर सकती हैं. नाइट लेग क्रैंप्स यानी रात के समय होने वाली पैंरों की ऐंठन ज्यादातर बुजुर्गों या गर्भवती महिलाओं में होती है. यहां जानिए पैरों में ऐंठन होना किसी बीमारी का लक्षण हो सकता है या नहीं और इस ऐंठन को किस तरह कम किया जा सकता है.

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रात में क्यों होती है पैरों में ऐंठन

मसल्स का थकना – बहुत देर तक खड़े रहने से, चलने के बाद या फिर ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी के कारण मसल्स थक जाती हैं. इससे रात के समय सोते हुए पैरों में ऐंठन हो सकती है. जो लोग नया एक्सरसाइज रूटीन शुरू करते हैं उन्हें सोते हुए पैरों में ऐंठन की दिक्कत हो सकती है.

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डिहाइड्रेशन के कारण – डिहाइड्रेशन या इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस के कारण ऐंठन हो सकती है. पसीने के कारण शरीर में सोडियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और पौटेशियम कम हो सकते हैं. इसके अलावा, हैवी वर्कआउट से शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकती है जिससे पैरों की ऐंठन होने की संभावना बढ़ जाती है.

खराब ब्लड सर्कुलेशन – खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण पेरिफरल आर्टरी डिजीज हो सकती है जिससे पैरों में अक्सर ही ऐंठन हो जाती है. खराब ब्लड सर्कुलेशन के अलावा नर्व कंप्रेशन हो सकती है जिससे रीढ़ से जुड़ी दिक्कतें और पैरों में ऐंठन हो सकती है.

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एजिंग – उम्र बढ़ने पर मसल मास और इलास्टिसिटी कम होने लगती है जिससे रात के समय पैरों में ऐंठन होने की दिक्कत बढ़ती है.

प्रेग्नेंसी – गर्भवती महिलाओं में रात के समय ऐंठन आने की दिक्कत ज्यादा होती है. हार्मोनल बदलाव, पैरों की नसों पर प्रभाव पड़ने और ब्लड सर्कुलेशन के कम होने से ऐसा होता है.

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फिजिकल एक्टिविटी की कमी – जिन लोगों का लाइफस्टाइल सिडेंटरी होता है और लाइफस्टाइल में फिजिकल एक्टिविटी की कमी होती है उनके पैरों में ऐंठन हो सकती है.

पैरों की ऐंठन किस बीमारी का लक्षण हो सकती है

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  • ऐसी कुछ हेल्थ कंडीशंस हैं जिनमें पैरों में ऐंठन महसूस हो सकती है. किडनी डिजीज या किडनी फेलियर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बिगड़ने पर पैरों में ऐंठन हो सकती है.
  • डायबिटीज और डायबेटिक न्यूरोपैथी में नर्व्स डैमेज होने से और ब्लड सर्कुलेशन कम होने से ऐसा हो सकता है.
  • लिवर डिसोर्डर में पैरों में ऐंठन हो सकती है.
  • थायराइड की दिक्कतों में पैरों में ऐंठन हो सकती है.
  • पैरों में ऐंठन की एक वजह अनीमिया भी हो सकती है.

कैसे दूर होगी पैरों में ऐंठन की दिक्कत

ऐंठन होने पर स्ट्रेचिंग करें जिससे मसल्स को आराम मिल सके, हल्की मालिश की जा सकती है, उठकर चलने पर आराम मिलता है और गुनगुने पानी से मालिश करने पर राहत महसूस होती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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