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डायबिटीज की दवा GLP-1RA से बाल झड़ने का खतरा ज्यादा, जानिए क्या कहती है नई स्टडी

Diabetes Drug Ozempic: नई स्टडी के अनुसार डायबिटीज की दवा ओजेम्पिक बालों के झड़ने की समस्या को बढ़ा सकती है. जानिए दवा के असर के बारे में और क्या कहती है स्टडी.

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बाल झड़ने की संभावना बढ़ा सकती है यह दवा.

Ozempic Hair Loss: द ब्रिटिश मेडिकल जर्नल नाम पत्रिका में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक जीएलपी-1आरए (GLP-1RA) दवा से एलोपेशिया (Alopecia) यानी बालों के झड़ने की आशंका एसजीएलटी-2 इनहिबिटर दवा के मुकाबले 37 प्रतिशत तक ज्यादा है. स्टडी का कहना है कि डायबिटीज के इलाज में इस्तेमाल होने वाली ओजेम्पिक दवाएं खासकर सेमाग्लूटाइज और टिरजेपैटाइड के दुष्प्रभाव से भी बाल झड़ सकते हैं.

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GLP-1RA दवा क्या है

GLP-1 रिसेप्टर एग्नॉस्टिक्स दवाएं शरीर में बनने वाले प्राकृतिक हार्मोन की नकल करती हैं जिससे इंसुलिन का प्रोडक्शन बढ़ता है. इससे पेट देर से खाली होता है और भूख कम लगती है. बाजार में सेमाग्लूटाइड, तिर्जेपाटाइड, लीराग्लूटाइड जैसी दवाएं ओजेम्पिक, वेगोवी और मॉनजारो के नाम से बेची जाती हैं. ये दवाएं मुख्यतौर पर डायबिटीज के लिए इस्तेमाल होती हैं लेकिन वजन घटाने के ड्रग (Weight Loss Drug) के रूप में भी इनका इस्तेमाल देखा गया है.

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एलोपेशिया क्या है

  • बाल झड़ने या गंजेपन को मेडिकल भाषा में एलोपेशिया कहा जाता है. यह वह स्थिति है जिसमें बाल सामान्य से अधिक झड़ने लगते हैं यानी रोजाना लगभग 50 से 100 बालों से ज्यादा बाल झड़कर गिरना शुरू हो जाते हैं. इसे ही एलोपेशिया कहा जाता है.
  • एलोपेशिया एरीटा, एंड्रोजनेटेकि एलोपेशिया, टेलीन एफ्लुवियम और ट्रैक्शन एलोपेशिया, एलोपेशिया के 4 प्रकार हैं.
  • एलोपेशिया एरीटा में शरीर का इम्यून सिस्टम बालों की जड़ों पर हमला करने लगता है. यह एक ओटोइम्यून बीमारी है. इसमें सिर या दाढ़ी में बाल गोल-गोल चकत्तों में झड़ना शुरू हो जाते हैं.
  • एंड्रोजेनेटिक एलोपेशिया को मेल या फीमेल पैटर्न बाल्डनेस कहा जाता है. यह आनुवांशिक यानी खानदानी कहा जा सकता है जिसमें हार्मोनल बदलावों के कारण सिर के आगे के या बीच के बाल उड़ने लगते हैं और महिलाओं में सिर की मांग चौड़ी होने लगती है.
  • टेलीन एफ्लुवियम किसी बड़े मानसिक तनाव, गंभीर बीमारी, सर्जरी, पोषक तत्वों की कमी या तेजी से वजन घटाने के कारण हो सकता है. इसमें बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं.
  • ट्रैक्शन एलोपेशिया बालों को कसकर बांधने के कारण, हेयर एक्सटेंशन का लगातार इस्तेमाल करने से या बालों की जड़ों पर खिंचाव होने से हो सकता है.
  • जेनेटिक्स, हार्मोनल संतुलन, दवाओं के कारण, किसी ट्रीटमेंट के चलते, शरीर में पोषक तत्वों की कमी से और अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव के कारण एलोपेशिया हो सकता है.

मरीज जरूर रखें इन बातों का ध्यान

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डायबिटीज के मरीज या वजन घटाने की कोशिश कर रहे व्यक्ति को ये दवाएं बिना डॉक्टर की सलाह से नहीं लेनी चाहिए. इन दवाओं को बिना सलाह के लेना और अचानक से बंद कर देना ब्लड शुगर के स्तर को खतरनाक स्तर तक बढ़ा सकता है. इसके अलावा, अपनी डाइट का ध्यान रखना जरूरी है, संतुलित खानपान और सही जीवनशैली से बेहतर जिंदगी जी जा सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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