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National Cancer Awareness Day 2026: क्या स्तन की हर गांठ कैंसर वाली होती है? AIIMS के डॉक्टर ने बताए ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण और कब कराएं जांच

AIIMS, नई दिल्ली में पैनल डिस्कशन के दौरान डॉक्टरों ने स्तन कैंसर पर बात की. डॉक्टरों की टीम ने स्तन कैंसर के लक्षण बताए और सलाह दी कि महिला को कब स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए.

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कब करवानी चाहिए स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग, जानिए यहां. Image Credits - AI

Breast Cancer Symptoms: हर साल भारत में 7 नवंबर के दिन नेशनल कैंसर अवेयरनेस डे (National Cancer Awareness Day) मनाया जाता है. इस दिन को मनाने का मकसद कैंसर के प्रति लोगों को जागरुक करना और कैंसर की जल्द पहचान और इलाज पर जोर देना है. स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाला एक सामान्य कैंसर है जिसके मामले बढ़ने लगे हैं. भारत में कम उम्र की महिलाओं को भी स्तन कैंसर होने लगा है. जागरूकता की कमी के कारण मरीज अक्सर एडवांस स्टेज में जांच के लिए जाते हैं जिससे इलाज में मुश्किल आती हैं. ऐसे में कैंसर की समय रहते जांच बेहद जरूरी है. AIIMS, नई दिल्ली के पैनल डिस्कशन में डॉक्टरों ने स्तन कैंसर के कारणों, लक्षणों और इलाज पर बात की और बताया कि किस तरह समय रहते ब्रेस्ट कैंसर को पहचाना जा सकता है.

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स्तन कैंसर के सामान्य लक्षण कौन से हैं

  • स्तन या बगल में कोई गांठ निकल आना या त्वचा का सख्त हो जाना
  • स्तन से दूध के अलावा खून निकलना या किसी और तरह के पदार्थ का बहना
  • स्तन के शेप और साइज में अचानक अंतर आ जाना
  • निप्पल की पॉजीशन बदल जाना
  • स्तन पर किसी तरह का रैश निकल आना या त्वचा का जरूरत से ज्यादा लाल दिखना
  • ब्रेस्ट पर या उसके आस-पास त्वचा का दानेदार हो जाना, सख्त हो जाना
  • स्तन की त्वचा का संतरे के छिलके जैसा टेक्सचर हो जाना
  • निप्पल का खराब होना, कटना-फटना

ये लक्षण किसी और बीमारी के भी हो सकते हैं, लेकिन डॉक्टर के पास जाना जरूरी है जिससे समय रहते इलाज हो सके. स्टेज 1 में कैंसर की जांच हो जाए तो जान बच सकती है जबकि लास्ट स्टेज में मरीज की जान जाने का खतरा रहता है.

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क्या हर गांठ कैंसर की गांठ होती है

डॉक्टर बताते हैं कि हर गांठ (Lump) कैंसर वाली नहीं होती है, यहां तक कि ज्यादातर गांठें कैंसर वाली नहीं होती हैं. इसीलिए पैनिक नहीं करना चाहिए. ज्यादातर कैंसर की गांठ दर्द वाली नहीं होती हैं, लेकिन अगर साथ में कोई और इंफेक्शन होता है तो कैंसर की गांठ में दर्द हो सकता है. हालांकि, बिना पैनिक किए डॉक्टर के पास जाकर इस गांठ को टेस्ट करवाना चाहिए.

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कब करवानी चाहिए कैंसर की स्क्रीनिंग

शरीर पर अगर ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण दिख रहे हैं तब स्क्रीनिंग करवानी चाहिए. लेकिन, अगर लक्षण नहीं दिखते हैं तब भी 40 साल की उम्र से ज्यादा की हर महिला को ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए. मेमोग्राम कैंसर को गांठ बनने या निप्पल से डिस्चार्ज आने की स्टेज तक आने से पहले ही पकड़ लेता है. इसलिए 40 की उम्र में मेमोग्रामी करवानी चाहिए, 40 से 50 साल की उम्र में 2 बार मेमोग्राफी करवानी चाहिए. 50 साल की उम्र के बाद हर साल हर महिला को एक बार मेमोग्राफी जरूर करवानी चाहिए.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - AIIMS

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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