Children Psychology: आयदिन ऐसे मामले सामने आते हैं जहां बच्चों को हिंसक होते देखा जाता है. पिछले दिनों तेलंगाना के नलगोंडा से खबर आई थी कि 2 छात्रों ने अपने स्कूल की प्रिंसिपल का कत्ल किया था. ऐसे मामले सामने आते हैं तो मन में सवाल भी आता है कि बच्चे आखिर इतने हिंसक क्यों हो जाते हैं. सोसाइटी, फैमिली प्रेशर या स्कूल में होने वाली दिक्कतें, क्या है जो बच्चों को वायलेंट (Violent) बना देता है? फोर्टिस अस्पताल और अडायु की कंसल्टेंट साइकाइट्रिस्ट डॉ. रिया गुप्ता ने बताया ऐसे कौन से फैक्टर्स हैं जो बच्चे को हिंसक बना सकते हैं.
यह भी पढ़ें – 6 साल के बच्चे की इतनी पिटाई कि मासूम की चली गई जान, साइकाइट्रिस्ट ने बताया इतने वायलेंट क्यों हो जाते हैं टीचर
बच्चे क्यों हो जाते हैं हिंसक
साइकाइट्रिस्ट डॉ. रिया गुप्ता बताती हैं, “बच्चे या किशोर का हिंसक व्यवहार बहुत परेशान करने वाला होता है, लेकिन इससे हमें दबाव में जी रहे सभी युवाओं को खतरनाक नहीं मान लेना चाहिए. हिंसा अक्सर बच्चे की अपनी कमजोरियों और उसके आस-पास के माहौल के बीच जटिल तालमेल से पैदा होती है.”
साइकाइट्रिस्ट ने आगे कहा, “कुछ बच्चे लगातार पढ़ाई के दबाव, बेइज्जती, बुलीइंग, घर में झगड़े, नजरअंदाजी, घरेलू हिंसा या भावनात्मक रूप से सुरक्षित बड़ों की कमी का सामना करते हैं. जब निराशा, शर्म, गुस्सा और बेबसी की भावना को पहचाना या संभाला नहीं जाता तो वे आक्रामकता के रूप में बाहर आ सकते हैं. दोस्तों का इंफ्लुएंस बार-बार हिंसक कंटेंट देखना, आवेग पर काबू न रख पाना, बड़े किशोरों में नशीले पदार्थों का इस्तेमाल और यह गलत सोच कि हिंसा से सम्मान मिलता है, ये सब जोखिम बढ़ा सकते हैं. हालांकि, तनाव का सामना करने वाले ज्यादातर बच्चे हिंसक नहीं बनते, साथ सपोर्टिव रिलेशनशिप और समय पर मदद बचाव के मजबूत फैक्टर्स हैं.”
इन चेतावनी संकेतों को गंभीरता से लेना है जरूरी
साइकाइट्रिस्ट कहती हैं कि बड़ों को चेतावनी के संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए. साइकाइट्रिस्ट ने कहा, “ऐसे कुछ संकेत हैं जिनपर नजर रखना जरूरी है, जैसे अचानक सबसे अलग-थलग हो जाना, बार-बार आक्रामक व्यवहार, धमकियां देना, क्रूरता, व्यवहार में बड़े बदलाव, या बेइज्जती के बाद बहुत ज्यादा गुस्सा आना. स्कूलों और परिवारों को डर पर आधारित अनुशासन के बजाय खुली बातचीत, काउंसलिंग की सुविधा, बुलीइंग रोकने के सिस्टम, इमोशनल स्किल्स की शिक्षा और शुरुआत में ही प्रोफेशनल मदद की जरूरत है. हिंसा के बाद जवाबदेही जरूरी है, लेकिन इसकी रोकथाम बहुत पहले ही शुरू हो जाती है जब बच्चों को यह महसूस कराया जाता है कि उनकी बात सुनी जा रही है, उन्हें सही दिशा मिल रही है और वे सुरक्षित रूप से जुड़े हुए हैं.”
यह भी पढ़ें – फ्लू के ये लक्षण बच्चों में दिखें तो भूलकर भी न भेजें स्कूल! H1N1 को लेकर जारी हुई एडवाइजरी
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
हड्डियां ही नहीं, शरीर के कई हिस्सों को चुपचाप नुकसान पहुंचाती है Vitamin D
7 hrs agoमिलेट्स क्या होते हैं और क्यों खाने चाहिए? FSSAI से जानिए Millets के फायदे
8 hrs agoक्या कम शराब पीने से भी बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? WHO ने बताया
9 hrs agoपीरियड्स रेग्युलर ना आना, ज्यादा बहाव इन 3 कैंसर का हो सकता है लक्षण
12 hrs agoलगातार हेडफोन लगाने से हो सकता है कानों को नुकसान, जानें सही तरीका
12 hrs agoक्या सुबह नींबू पानी पीने से वजन तेजी से घटता है? रिसर्च से जानिए
16 hrs agoबेबी प्लानिंग से पहले हर Couple को इन बातों का रखना चाहिए ख्याल
1 day agoसर्दी-जुकाम ने जकड़ लिया है तो घर पर बनाकर पिएं यह काढ़ा, महसूस होगा आराम
1 day agoपथरी का दर्द कहां होता है और कैसा महसूस होता है? डॉक्टर ने बताया
1 day agoविटामिन D की गोली पानी के साथ खाकर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे पैसे बर्बाद?
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines