6 साल के बच्चे की इतनी पिटाई कि मासूम की चली गई जान, साइकाइट्रिस्ट ने बताया इतने वायलेंट क्यों हो जाते हैं टीचर

Why Teacher’s Get Angry: विशाखापट्टनम में 6 साल के मासूम की स्कूल में जान जाने के बाद मन-मस्तिष्क में टीचर के व्यवहार और प्रतिक्रिया को लेकर कई तरह के सवाल उठते हैं. इन्हीं सवालों के जवाब दे रही हैं फोर्टिस अस्पताल और अडायु की कंसल्टेंट साइकाइट्रिस्ट डॉ. रिया गुप्ता.

6 Year Boy Died In School

टीचर्स को क्यों आता है गुस्सा बता रही हैं साइकाइट्रिस्ट. AI Generated Image

विज्ञापन

Teacher’s Psychology: आंध्र प्रदेश के विशाखापटम से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां 6 साल के बच्चे के माता-पिता का कहना है कि स्कूल की टीचर के पिटाई करने के बाद बच्चे की मौत हो गई है. इस बीच सोशल मीडिया पर स्कूल का वीडिया वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि बच्चे को टीचर ने थप्पड़ मारा जिसके बाद बच्चा टीचर के ऊपर ही गिर गया और उसकी मौत हो गई. बच्चे की सेहत को लेकर माता-पिता का कहना है कि बच्चा एक दिन पहले तक बिल्कुल ठीक था और उसे किसी तरह को कोई रोग या इंफेक्शन नहीं था. लेकिन, मृत्यु का स्पष्ट कारण पोस्टमार्टम ना होने के चलते अबतक सामने नहीं आया है. यह मामला मन में कई तरह के सवाल उठाता है. सवाल उठता है कि टीचर के बच्चे को इस तरह मारने के पीछे क्या वजह रही होगी, टीचर को मासूम पर इतना गुस्सा क्यों आया या उस समय क्या मानसिक स्थिति होगी. इस पर फोर्टिस अस्पताल और अडायु की कंसल्टेंट साइकाइट्रिस्ट डॉ. रिया गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया कि टीचर की मानसिक स्थिति (Mental State) क्या होती है या कौन से कारक हैं जो उन्हें इतना वायरलेंट बना सकते हैं.

यह भी पढ़ें – ब्लड प्रेशर की दवा लेते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना है जरूरी, जानिए इन मेडिसिन के क्या हो सकते हैं

विज्ञापन

क्या रही होगी टीचर की मानसिक स्थिति

साइकाइट्रिस्ट ने कहा, “किसी घटना का एक वीडियो देखकर टीचर की मानसिकता की पुष्टि करना सही नहीं होगा. इसकी और खोजबीन के बाद ही पता चल सकता है. हालांकि, मनोविज्ञान (Psychology) कहता है कि कुछ टीचर बच्चे के व्यवहार पर कुछ कारणों के चलते बुरी तरह से रिएक्ट कर सकते हैं, ये कारण स्ट्रेस हो सकता है, अपना गुस्सा कंट्रोल ना कर पाना हो सकता है, उनकी अपनी कठोर मान्यताएं हो सकती हैं, काम की जगह का प्रेशर हो सकता है या उनकी खुद की परवरिश में हुई हिंसा हो सकती है. लेकिन, ये कारण किसी बच्चे को मारने का बहाना नहीं हो सकते हैं. यह अस्वीकार्य है और इसके बच्चे पर बुरे शारीरिक और मानसिक प्रभाव दिख सकते हैं.”

इतने गुस्से की क्या वजह हो सकती है

वीडियो में टीचर का गुस्सा साफ देखा जा सकता है. इसपर साइकाइट्रिस्ट ने बताया, “ऐसा लग सकता है कि किसी को गुस्सा अचानक आया है लेकिन इस गुस्से के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे थकान, फ्रस्ट्रेशन, कंट्रोल खो देने का डर या यह सोचना कि इससे बच्चे को उसकी सीख मिल जाएगी. यह एक वयस्क व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह अपने गुस्से पर काबू पाए, रुके, पीछे हटे, सपोर्ट ले और सुरक्षित तरह से प्रतिक्रिया.”

विज्ञापन

बच्चे को सिखाने के सुरक्षित तरीके भी हैं

डॉ. रिया गुप्ता कहती हैं, “बच्चे को नियम सिखाने के या डिसिप्लिन करने के ऐसे तरीके भी हैं जिनका आधार डर नहीं है. यह स्पष्ट अपेक्षाओं, शांति से की जाने वाली बातचीत, नेचुरल परिणाम और पॉजिटिव तरह से ही हो सकेगा. स्कूलों को टीचर की ट्रेनिंग करनी चाहिए, मेंटल हेल्थ सपोर्ट मुहैया करवाना चाहिए, सुरक्षित रिपोर्टिंग सिस्टम होना चाहिए, जीरो टोलरेंस चाइल्ड प्रोटेक्शन पॉलिसी होनी चाहिए. वयस्कों को पता होना चाहिए कि बर्नआउट के कारण, एग्जॉशन में या मेंटल हेल्थ (Mental Health) से जुड़ी दिक्कतों में कब प्रोफेशनल हेल्प लेना जरूरी है.

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन


विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ