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मुंह के किस-किस हिस्से में होता है ओरल कैंसर? जानिए कैसे दिखते हैं लक्षण और किस तरह होती है जांच

Oral Cancer Symptoms: भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने बताए मुंह के कैंसर के लक्षण, जांच के तरीके, रिस्क फैक्टर और इलाज. ऐसे में मुंह के कैंसर का समय रहते पता लगा लिया जाए तो समय पर इलाज शुरू हो सकता है और कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोका जा सकता है.

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मुंह में कैंसर होता है तो कैसे पता चलता है? AI Generated Image

Oral Cancer: मुंह में होने वाले कैंसर को मुंह का कैंसर या ओरल कैविटी कैंसर कहते हैं. यह कैंसर ओरल कैविटी में पनपता है और होंठों से लेकर टॉन्सिल्स तक या मुंह के पिछले हिस्से यानी गले तक भी हो सकता है. आंकड़ों के मुताबिक भारत में ओरल कैंसर महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में होता है और पुरुषों की ही इससे अधिक मौत होती है. ऐसे में मुंह का कैंसर (Muh Ka Cancer) क्या है, किन लोगों को इससे ज्यादा खतरा है, इसके लक्षण कैसे दिखते हैं और मुंह के किस-किस हिस्से को प्रभावित करते हैं यह जानना जरूरी है. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की रिपोर्ट्स से जानिए ओरल कैंसर के लक्षण, रिस्क फैक्टर्स, जांच के तरीके और इलाज के बारे में.

यह भी पढ़ें – क्या ट्यूमर को ही कैंसर कहते हैं? जानिए Cancer और Tumor में क्या अंतर है

मुंह के किन-किन हिस्सों में हो सकता है मुंह का कैंसर

मुंह का कैंसर (Mouth Cancer) मुंह के इन हिस्सों में हो सकता है – जीभ, होंठ, मसूड़े, दांत, गालों के अंदर का हिस्सा, स्लाइवरी ग्लैंड्स, मुंह का निचला और ऊपरी हिस्सा, टॉन्सिल्स और उवुला.

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कैसे दिखते हैं मुंह के कैंसर के लक्षण?

  • मुंह के अंदर, चेहरे पर या गर्दन पर घाव हो जाता है जो ठीक नहीं होता है
  • मुंह खोलने में दिक्कत होना
  • जीभ, मसूड़ों पर या गालों के अंदरूनी हिस्से पर सफेद, लाल या मिक्स्ड रंगों की परत नजर आने लगती है
  • गर्दन पर हार्ड मास की गांठ बन जाती है
  • मुंह में हर समय दर्द रहता है, जीभ में या जबड़े में दर्द महसूस होता है
  • कुछ भी चबाने या निगलने में तकलीफ होती है
  • जीभ, मसूड़ों या मुंह के अंदरूनी किसी भी हिस्से में सूजन आ जाती है, गांठ बनने लगती है या लंप्स-बंप्स नजर आने लगते हैं
  • आवाज में बदलाव आ जाता है
  • बिना किसी वजह मुंह से खून निकलने लगता है
  • दांत ढीले पड़ जाते हैं या डेंचर्स खराब फिटिंग के होते हैं
  • बिना किसी वजह के वजन कम होने लगता है.

ये लक्षण बिना कैंसर वाले भी हो सकते हैं, लेकिन अगर 2 हफ्तों से ज्यादा मुंह में नजर आते हैं तो डॉक्टर से जांच कराने में देरी ना करें.

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किन लोगों में मुंह के कैंसर का ज्यादा खतरा होता है

बीढ़ी, सिगरेट या तंबाकू का किसी भी तरह से सेवन करने वाले लोगों में, शराब पीने वालों में, जिनके दांत नुकीले होते हैं और लगातार मुंह में धंसते है, जिनकी डाइट में पोषक तत्वों की कमी होती है, ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) से संक्रमित लोग, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है और जो लोग धूप के संपर्क में ज्यादा आते हैं उन्हें मुंह का कैंसर हो सकता है. धूप की अल्ट्रा वायरल किरणों के कारण लिप कैंसर (Lip Cancer) की संभावना बढ़ जाती है.

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मुंह के कैंसर की जांच कैसे होती है

मुंह के कैंसर की जांच के लिए व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री देखी जाती है, जनरल फिजिकल इग्जामिनेशन होता है और ओरल इग्जामिनेशन होता है. मुंह की कैविटी को निकलाकर जांच की जाती है, देखा जाता है कि मुंह में किसी तरह की सूजन या गांठ तो नहीं है. अगर मुंह में सफेद चकत्ते या लाल पैचेस दिखते हैं तो उनकी जांच होती है.

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इनवासिव टेस्ट में ब्रश काइटोलॉजी, फाइन नीडल एस्पिरेशन काइटोलॉजीऔर बायोप्सी की जाती है. इसके अलावा, इमेजिंग टेस्ट जैसे एक्सरे, सीटीस्कैन, एमआरआई और PET स्कैन किए जा सकते हैं. मरीजों में HPV टेस्टिंग भी होती है.

घर पर कैसे करें मुंह के कैंसर की जांच

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कई बार कैंसर पनपने से पहले शरीर वॉर्निंग साइन देने लगता है. इन वॉर्निंग साइन को पहचानना जरूरी होता है. इसके अलावा, कैंसर के शुरुआती लक्षणों का सेल्फ एग्जामिनेशन किया जा सकता है. सबसे पहले देखें कि मुंह के अंदर कोई एब्नॉर्मल लक्षण (Mouth Cancer Symptoms) तो नहीं दिख रहा है. अगर किसी तरह का लक्षण नजर आता है, जैसे पैचेस दिखते हैं, गांठ महसूस होती है या 2 हफ्तों से ज्यादा किसी तरह का घाव या छाला है तो शीशे के सामने आकर उसे देखें. अगर कुछ भी अलग दिखता है तो डॉक्टर से जांच कराएं जिससे कैंसर की पुष्टि की जा सकती है. कैंसर का जितना जल्दी पता लगा लिया जाए उतनी ही बेहतर जांच हो सकती है.

यह भी पढ़ें – सालों तक चुपचाप बढ़ता है सिरोसिस, सामने आने तक डैमेज हो चुका होता है लिवर, डॉक्टर ने बताया समय रहते कैसे पहचानें लक्षण

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source - ICMR

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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