सुबह जमीन पर पैर रखते ही एड़ी में चुभता है कांटा? जानिए यूरिक एसिड बढ़ने के कारण और कैसे मिलेगी राहत
Gout and Uric Acid: क्या आपको भी सुबह उठते ही पैरों में कांटे जैसी चुभन महसूस होती है, जिस कारण कुछ वक्त के लिए चलना मुश्किल हो जाता है. आइए Harvard Health Publishing की रिपोर्ट से जानते हैं क्या है ये समस्या और कैसे की जा सकती है ठीक?
सुबह उठते ही पैरों में दर्द क्यों होता है? (Image: AI/pexels)
कई लोगों की शिकायत रहती है कि जब वह सोकर उठते हैं और जमीन पर पैर रखते हैं, तो उनको अजीब चुभन सी महसूस होती है. ये चुभन ऐसा लगता है, मानों किसी ने पैरों के नीचे कांटे रख दिए हो. यह समस्या अचानक होती है और कुछ देर बात सामान्य हो जाती है, लेकिन अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके पीछे यूरिक एसिड कारण हो सकता है, जिसे लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इस स्टोरी में हम आपको बताएंगे कि आखिर किन चीजों से बढ़ता है यूरिक एसिड और कैसे आप इसे कंट्रोल में रख सकते हैं, ताकि आपको सुबह पैरों में चुभन महसूस न हो.
Harvard Health Publishing के अनुसार, गाउट गठिया (आर्थराइटिस) का एक पुराना रूप है जो शरीर में बहुत ज्यादा यूरिक एसिड जमा होने के कारण पैदा हो सकता है, यह अतिरिक्त यूरिक एसिड टिशू, खासकर जोड़ों में जमा हो सकता है और समय-समय पर जोड़ों के बीच की जगह में सुई जैसे क्रिस्टल बना सकता है. शरीर इन क्रिस्टल के खिलाफ प्रतिक्रिया करता है और इन्हें कम करने की कोशिश करता है, जिस कारण आपको सुबह के समय या किसी भी समय सूजन, लालिमा और दर्द का अनुभव हो सकता है. इसे ही गाउट का अटैक कहते हैं.
यूरिक एसिड क्या है?
सवाल उठता है कि आखिर यूरिक एसिड क्या है, जो गाउट की समस्या पैदा कर देता है. Harvard के अनुसार, यूरिक एसिड एक केमिकल है, जो शरीर में प्यूरीन के टूटने से नैचुरली बनता है. आमतौर पर शरीर में जब यूरिक एसिड बनता है, तो वह पेशाब के जरिए बाहर निकल जाता है, लेकिन खराब लाइफस्टाइल के कारण कई लोगों में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है और किडनी पर्याप्त मात्रा में उसे बाहर नहीं निकाल पाता है. इस कारण खून में यूरिक एसिड जमा हो सकता है, जिसे हाइपरयूरिसीमिया कहते हैं, और इससे गाउट (gout) की समस्या हो सकती है.
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किन कारणों से जमा होने लगता है यूरिक एसिड
यूरिक एसिड की समस्या को कम करने के लिए कुछ जरूरी बदलाव
खानपान एक बड़ा कारण- ज्यादा प्यूरीन वाले खाने की चीजें खाने से गाउट होने का खतरा बढ़ जाता है. यही बात बहुत ज्यादा शराब पीने पर भी लागू होती है, क्योंकि इससे किडनी के जरिए शरीर से बाहर निकलने वाले यूरिक एसिड की मात्रा कम हो जाती है. रिसर्च से पता चला है कि हाई-फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप से मीठी की गई खाने-पीने की चीजों का सेवन गाउट से जुड़ा है.
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ज्यादा वजन- जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है या जो मोटापे के शिकार होते हैं, उनमें सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में ज्यादा यूरिक एसिड बनता है. स्टडीज से पता चला है कि लोग जितने भारी होते हैं, उनमें गाउट का खतरा उतना ही ज्यादा होता है, सबसे ज्यादा वजन वाले लोगों में यह खतरा दस गुना या उससे भी ज्यादा हो सकता है.
पारिवारिक इतिहास- जिन लोगों के परिवार में किसी को गाउट है, उन्हें भी इसके होने की संभावना ज्यादा होती है.
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कुछ स्वास्थ्य स्थितियां, जिनमें डायबिटीज, मोटापा और दिल या किडनी की बीमारी, किडनी की बीमारी वाले लोगों को भी यूरिक एसिड का खतरा होता है.
हाई ब्लड प्रेशर- सामान्य ब्लड प्रेशर वाले लोगों की तुलना में हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को गाउट होने की संभावना दोगुनी तक हो सकती है.
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कैसे पाएं यूरिक एसिड की समस्या से राहत
Harvard Health Publishing के अनुसार, लाइफस्टाइल में अगर कुछ अच्छे बदलाव किए जाएं, तो यूरिक एसिड
सामान्य बॉडी मास इंडेक्स (BMI)
शराब न पीना
डाययुरेटिक दवा का इस्तेमाल न करना (इसका इस्तेमाल आमतौर पर हाई ब्लड प्रेशर और दूसरी बीमारियों के इलाज में किया जाता है).
DASH-स्टाइल डाइट का पालन करना – यह दिल के लिए फायदेमंद डाइट है जिसे शुरू में हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए बनाया गया था.
अगर आपको बार-बार गाउट का अटैक आता है, तो आपके डॉक्टर आपसे इस बारे में भी बात करेंगे कि क्या आपको ऐसी दवा लेनी चाहिए जो यूरिक एसिड का लेवल कम करे.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.