धूप में खड़ी कार से प्लास्टिक बोतल निकालकर पानी पीते हैं? जानिए कैसे गर्मी के संपर्क में आते ही पानी बन जाता है 'धीमा जहर'

क्या आप भी धूप में कार खड़ी कर घंटों बाद उसमें रखी प्लास्टिक की बोतल से पानी पीते हैं? जानिए आपकी ये आदत सेहत पर कैसा असर डाल सकती है. NIH और Harvard से जानिए BPA कैसे शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचा सकता है.

Bpa Leaching Hot Plastic Water Bottle

प्लास्टिक की बोतल से पानी पीना. (Image: AI/Pexels)

अक्सर लोग कार में प्लास्टिक की पानी की बोतल छोड़ देते हैं और जब कुछ घंटों बाद प्यास लगती है तो उसी बोतल का पानी पी लेते हैं. लेकिन कई लोग इस बात का ध्यान नहीं देते कि जिस प्लास्टिक की बोतल से वह पानी पी रहे हैं, लंबे समय तक धूप में रहने के कारण उसमें मौजूद पानी का क्या हाल हो सकता है आपको शायद जानकारी न हो, लेकिन तेज गर्मी के संपर्क में रहने वाली प्लास्टिक बोतल से पानी पीना सुरक्षित है? ऐसा सवाल करना और इसका जवाब जनाना भी जरूरी है. NIH के मुताबिक, कुछ प्लास्टिक उत्पादों में मौजूद बिस्फेनॉल ए (BPA) गर्मी के संपर्क में आने पर खाने या पानी में मिल सकता है, जिससे सेहत पर असर भी पड़ सकता है.

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प्लास्टिक से पानी में कैसे पहुंच सकता है BPA?

NIH के अनुसार, BPA का इस्तेमाल मुख्य रूप से पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक और कुछ खाद्य पदार्थों के डिब्बों की अंदरूनी कोटिंग बनाने में किया जाता है. यह पानी की बोतल, फूड स्टोरेज कंटेनर और अन्य प्लास्टिक उत्पादों में भी पाया जा सकता है और बहुत बड़े स्तर में इसका इस्तेमाल होता है. जब ऐसे प्लास्टिक कंटेनर गर्म होते हैं, तो उनमें मौजूद BPA पानी में पहुंचने की संभावना बढ़ सकती है. यानी बोतल की उम्र से ज्यादा बोतल या उसमें मौजूद पानी का तापमान मायने रख सकता है.

सेहत पर कैसा असर डाल सकता है BPA

Harvard Health Publishing के अनुसार, कई रिसर्च में पॉलीकार्बोनेट की बोतलों से पानी पीने के बाद शरीर में BPA की मात्रा में काफी ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई. BPA को एंडोक्राइन हार्मोन के प्रति शरीर की प्रतिक्रियाओं में बाधा डालने वाला माना जाता है. इतना ही नहीं, चूहों में इसके संपर्क में आने से यौन परिपक्वता में बदलाव और इंसानों में लंबे समय तक रहने वाली दिल की बीमारी और डायबिटीज होने का संबंध भी पाया गया है. यानी की मतलब साफ है कि प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से पहले सावधानियां जरूरी है, क्योंकि BPA को लंबे समय तक नजरअंदाज करना आपकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है.

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शरीर में कैसे पहुंचता है BPA?

NIH के मुताबिक, ज्यादातर लोगों में BPA का संपर्क खाने-पीने की चीजों के जरिए होता है. BPA खानपान और ड्रिंक में पहुंचकर शरीर में जा सकता है और अपना असर दिखा सकता है. CDC के 2003-04 के एक सर्वे में 6 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के 2,517 यूरिन सैंपल में से 93% में BPA का पता चला था. NIH ने अपनी रिपोर्ट में ये भी बताया कि कुछ पशु अध्ययनों में गर्भस्थ शिशुओं और नवजातों पर BPA के प्रभाव देखे गए हैं.

BPA से बचने के लिए क्या करें?

अगर आप BPA को लेकर सावधानी बरतना चाहते हैं तो गर्म खाने या पानी पीनए के लिए कांच, चीनी-मिट्टी या स्टेनलेस स्टील केब बोतल इस्तेमाल कर सकते हैं. NIH पॉलीकार्बोनेट प्लास्टिक कंटेनर को माइक्रोवेव में गर्म करने से बचने की सलाह देता है. प्लास्टिक कंटेनर के नीचे दिए गए रीसाइक्लिंग कोड को भी देखा जा सकता है- कुछ, लेकिन सभी नहीं, कोड 3 या 7 वाले प्लास्टिक में BPA हो सकता है. जो बच्चे बोतल में दूध पीते हैं, उनको BPA फ्री बोतल में दूध पिलाना बेहतर विकल्प हो सकता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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SOURCE: nih

Harvard Health Publishing

 

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लेखक के बारे में

Azhar Naim

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
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