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हिंदी न्यूज़ / हेल्थ / पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को माइग्रेन का खतरा ज्यादा क्यों? क्या है वजह

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को माइग्रेन का खतरा ज्यादा क्यों? क्या है वजह

Migraine Pain Risk: माइग्रेन की समस्या जब होती है, तो काफी परेशानियां महसूस होती हैं और ये समस्या ज्यादातर महिलाओं में क्यों देखने को मिलती है। क्या है इसका कारण, लक्षण और कैसे कर सकते हैं बचाव, जानिए।

माइग्रेन Image Credit: Freepik
Edited By: Deepti Sharma | Updated: Mar 7, 2024 10:11

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Migraine Pain Risk: आजकल लोगों में माइग्रेन (Migraine) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी परेशानी है, जिसमें सिर के एक भाग में भयंकर दर्द होता है और ऐसी स्थिति में सिर का प्रभावित भाग दिल की तरह तेज धड़कता है। इतना ही नहीं इसकी वजह से आंखें खोल पाना तक मुश्किल होता है और कैसी भी रोशनी से चुभन महसूस होने लगती है। ऐसी स्थिति में बहुत तेज सिर दर्द के साथ-साथ वोमिटिंग होना, तेज आवाज सहन न कर पाना जैसे लक्षण नजर आते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह दर्द 2 से 72 घंटे तक हो सकता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में माइग्रेन की समस्या काफी ज्यादा देखने को मिलती है। आइए जान लेते हैं क्या है इसके पीछे का कारण..

माइग्रेन क्या होता है? 

माइग्रेन एक तरह का गंभीर सिरदर्द है, जो सिर के एक साइड से शुरू होता है। माइग्रेन के सिरदर्द में वोमिटिंग और काफी ज्यादा चिड़चिड़ापन महसूस होता है। माइग्रेन एक आम सिरदर्द है और लगभग 15% आबादी इससे प्रभावित है। माइग्रेन पीड़ितों की फैमिली में माइग्रेन का महत्वपूर्ण इतिहास होता है और पीरियड के दौरान ज्यादा बिगड़ सकता है। महिलाओं और पुरुषों का रेशियो एक से तीन गुना है।

किन्हें ज्यादा होती है परेशानी 

यह शरीर के हार्मोन में बदलाव की वजह से होता है और जो महिलाएं हार्मोनल गोलियां लेती हैं या हार्मोनल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स का यूज करती हैं, उनमें माइग्रेन का जोखिम बहुत ज्यादा होता है। शरीर में एस्ट्रोजन (Estrogen) नाम का हार्मोन माइग्रेन होने की वजह है।

महिलाओं में सबसे ज्यादा खतरा

दुनिया भर में माइग्रेन 18 से लेकर 49 साल की महिलाओं में ज्यादा होता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में माइग्रेन की समस्या बार-बार होती है। माइग्रेन का डायग्नोसिस हमेशा क्लीनिकल होता है और इसके लिए एक अच्छे न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह की जरूरत होती है और ज्यादा गंभीर मामलों में एमआरआई की भी जरूरत पड़ सकती है।

माइग्रेन की समस्या कैसे कम करें 

माइग्रेन से दूर रहने के लिए एक स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए। इसके अलावा जंक फूड्स और ऑयली फूड से दूरी बनाकर रखें। हेल्दी डाइट के साथ-साथ ज्यादा रोशनी या फिर तेज गाने सुनने से बचें और कम से कम 7-8 घंटे की भरपूर नींद लेनी चाहिए। माइग्रेन से बचाव के लिए रोजाना वर्कआउट और योग करें। ये भी पढ़ें- किडनी के लिए सिर्फ नमक ही नहीं ये 4 सफेद चीजें भी हैं जहर Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। News24 की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 


Topics:

health newsMigraine

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