बिस्तर पर लेटते ही याद आने लगते हैं पेंडिंग ईमेल्स और बॉस की बातें? जानिए दिमाग शांत करने का फॉर्मूला
How to Manage Stress: क्या आप भी ऑफिस के काम को लेकर स्ट्रेस में रहने लगे हैं, जिस कारण आपकी निजी लाइफ भी प्रभावित हो रही है, तो आइए NHS से जानें आप कैसे इस समस्या से निकल सकते हैं?
WHO के अनुसार, तनाव किसी मुश्किल हालात की वजह से होने वाली चिंता या मानसिक तनाव की स्थिति है.
तनाव का असर व्यक्ति के काम के साथ-साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है.
तनाव के लक्षणों में सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल और चिड़चिड़ापन शामिल हैं.
तनाव कम करने के लिए गहरी सांस लेने के व्यायाम, टाइम-मैनेजमेंट तकनीक और दोस्तों या परिवार से बात करना मददगार साबित हो सकती है.
ऑफिस जाने वाले लोगों के बीच एक समस्या सबसे ज्यादा रहती है कि जब वह ऑफिस से घर वापस आ भी जाते हैं, तो दिमाग में सिर्फ ऑफिस की बातें, उसके काम, बॉस की बातें और ईमेल्स जैसी चीजें चलती रहती है, जिससे अगला दिन भी खराब हो जाता है और पूरा हफ्ता दिमाग में स्ट्रेस यानी तनाव बना रहता है. तनाव के कारण न सिर्फ काम में मन नहीं लगता है, बल्कि निजी जिंदगी भी बुरी तरह से प्रभावित रहने लगती है और ऑफिस का तनाव घर पर बीवी-बच्चों और दोस्तों पर निकल जाता है. ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर आप कैसे इस समस्या से बच सकते हैं? आइए आपको इस स्टोरी में कुछ ऐसे टिप्स बताएं, जिन्हें फॉलो करके आप तनाव को कंट्रोस कर सकेंगे.
तनाव से कैसे निपटें, इससे पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर ये होती क्या है? WHO के अनुसार, स्ट्रेस (तनाव) को किसी मुश्किल हालात की वजह से होने वाली चिंता या मानसिक तनाव की स्थिति के तौर पर समझा जा सकता है. स्ट्रेस इंसानों की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया है जो हमें जिंदगी की चुनौतियों और खतरों का सामना करने के लिए प्रेरित करती है. दुनिया में मौजूद हर व्यक्ति को किसी को किसी न किसी हद तक स्ट्रेस का सामना करना ही पड़ता है. भले वह स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा हो, जिसे एग्जाम को लेकर तनाव हो, या ऑफिस जाने वाला व्यक्ति, सभी को स्ट्रेस का सामना करना ही पड़ता है.
स्ट्रेस आप पर क्या असर डाल सकती है?
आपको मालूम होनी चाहिए कि स्ट्रेस का असर सिर्फ आपके काम पर नहीं बल्कि, मानसिक और शरीर दोनों पर पड़ता है. WHO के अनुसार, थोड़ा-बहुत स्ट्रेस अच्छा होता है और रोजमर्रा के काम करने में हमारी मदद कर सकता है. लेकिन बहुत ज्यादा स्ट्रेस से शारीरिक और मानसिक दोनों पर गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. इसलिए कभी भी स्ट्रेस को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि स्ट्रेस का सामना करना सीखना बेहतर रहता है, क्योंकि अगर आप जान लें कि कैसे आप स्ट्रेस का सामना कर सकते हैं, तो इससे स्ट्रेस आपको कम महसूस हो सकता है.
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कैसे पहचानें आप या परिवार का व्यक्ति स्ट्रेस से जूझ रहा है?
अगर कोई व्यक्ति ऑफिस से काम में इतना उलझ गया है कि वह स्ट्रेस में रहने लगा है, लेकिन आप पहचान नहीं पा रहे या फिर वह खुद नहीं समझ पा रहा है कि उसकी सेहत पर स्ट्रेस असर डाल रही है, तो कुछ संकेत तो पहचान कर आप इसका पता लगा सकते हैं. स्ट्रेस के लक्षण 3 तरह से दिखते हैं, इसमें;
शारीरिक लक्षण
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सिरदर्द या चक्कर आना
मांसपेशियों में तनाव या दर्द
पेट की समस्याएं पैदा होना
सीने में दर्द या दिल की धड़कन तेज होना
यौन समस्याएं
मानसिक लक्षण
ध्यान लगाने में मुश्किल होना
फैसले लेने में परेशानी होना
बहुत ज्यादा दबाव महसूस करना
लगातार चिंता करना
चीजें भूल जाना
व्यवहार में बदलाव
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चिड़चिड़ा रहना होना
बहुत ज्यादा या बहुत कम सोना
बहुत ज्यादा या बहुत कम खाना
कुछ जगहों या लोगों से दूर रहना
ज्यादा शराब पीना या धूम्रपान करना
अगर किसी व्यक्ति में ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो वह हो सकता है कि स्ट्रेस से घिरा हुआ हो और उसे वहां से निकलने की बहुत ज्यादा जरूरत है.
कैसे स्ट्रेस से पाएं राहत और रहे खुश
अगर आप या आपके परिवार में कोई ऑफिस के काम के बीच इतना उलझ गया है कि ऑफिस से घर आते हुए भी दिमाग में ऑफिस का काम चलता रहता है और छुट्टी वाले दिन भी ऑफिस की चीजें याद करता रहता है और तनाव में रहने लगा है, तो कुछ आसान उपायों को अपनाने से काफी हद तक राहत मिल सकती है.
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अपनी भावनाओं के बारे में किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या हेल्थ प्रोफेशनल से बात करने की कोशिश करें.
हालात को संभालने के लिए आसान टाइम-मैनेजमेंट तकनीकों का इस्तेमाल करें.
स्ट्रेस कम करने के लिए गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज करें, जैसे गहरी सांस लेना और छोड़ना.
स्ट्रेस वाले दिनों या इवेंट्स के लिए पहले से तैयारी करें.
अगर हो सके, तो अपनी सोने की जगह को शांत, अंधेरा, आरामदायक और सही तापमान वाला बनाएं.
सोने से पहले भारी खाना खाने, कैफीन और शराब लेने से बचें.
थोड़ी एक्सरसाइज करें. दिन भर फिजिकली एक्टिव रहने से रात में आसानी से नींद आने में मदद मिल सकती है.
परिवार वालों और दोस्तों के साथ ज्यादा वक्त बिताएं, जहां हंसी-मजाक हो.
मुमकिन हो सके, तो घूमने जाएं, ताकि माइंड फ्रेश हो.
स्ट्रेस की स्थिति में क्या बिलकुल न करें?
एक ही बार में सब कुछ करने की कोशिश न करें, बल्कि छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें जिन्हें आप आसानी से पूरा कर सकें.
ऐसी चीजों पर ध्यान न दें जिन्हें आप बदल नहीं सकते, बेहतर रहेगा कि आप अपना समय और एनर्जी खुद को बेहतर महसूस कराने में लगाएं.
खुद को यह न कहें कि आप अकेले हैं.
तनाव कम करने के लिए शराब, सिगरेट, जुआ या ड्रग्स का इस्तेमाल न करें, ये सभी मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
क्या सभी एक ही तरह से संभाल सकते हैं स्ट्रेस?
नहीं, हर कोई स्ट्रेस वाली सिचुएशन में अलग तरह से रिएक्ट करता है. स्ट्रेस से निपटने का तरीका और स्ट्रेस के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं, इसलिए हर व्यक्ति पर एक ही उपाय अपनाना काफी नहीं होगा.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.