Lung Cancer Symptoms: फेफड़ों का कैंसर होने पर शरीर पर दिखते हैं ये 7 लक्षण, आवाज में बदलाव आना भी है संकेत

Lung Cancer Causes: फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं और किस तरह समय रहते इस कैंसर का पता लगाकर इलाज शुरू करवाया जा सकता है, जानिए यहां.

Lung Cancer Symptoms

फेफड़ों के कैंसर की पहचान क्या है? Image Credit - Freepik

Lung Cancer: फेफड़ों का कैंसर तब होता है जब फेफड़ों में खतरनाक सेल्स लगातार बढ़ती चली जाती हैं और उनका इलाज नहीं होता है. इस कैंसर से बचाव के लिए सर्जरी, कीमोथेरैपी, रेडिएशन, इम्यूनोथेरैपी और सटीक दवाइयों का इस्तेमाल किया जाता है. फेफड़े के कैंसर में कैंसर सेल्स फेफड़े में ही पनपती हैं और ज्यादातर श्वसन नली से शुरू होती हैं और फिर फेफड़े के बाकी हिस्सों तक फैलने लगती हैं. ऐसे में समय रहते फेफड़े के कैंसर के शुरुआती लक्षणों (Lung Cancer Symptoms) को पहचानना और इस कैंसर को ट्रीट करना जरूरी है. यहां जानिए फेफड़े के कैंसर के वॉर्निंग साइन (Lung Cancer Warning Signs) कौन-कौनसे हैं और किस तरह शुरुआती स्टेज में ही इस कैंसर की पहचान हो सकती है.

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फेफड़े के कैंसर के शुरुआती लक्षण | Early Signs Of Lung Cancer

बार-बार खांसी आना

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फेफड़े के कैंसर के लक्षणों में बार-बार खांसी आना शामिल है. अगर 1-2 हफ्तों से ज्यादा दिन तक खांसी लगातार आ रही है तो यह चिंता का विषय है और डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है.

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सीने में दर्द

सीने में दर्द होना कैंसर के वॉर्निंग साइंस में शामिल है. अगर सीने का दर्द दवाई खाने पर भी नहीं जा रहा है तो यह गंभीर समस्या का लक्षण हो सकता है.

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खून की खांसी

अगर खांसी के साथ ही खून नजर आने लगा है या मुंह से खून निकल रहा है तो यह फेफड़े के कैंसर का लक्षण हो सकता है.

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सांस फूलना

अगर हल्का-फुल्का कोई काम करने पर, थोड़ा सा भी चलने पर या फिर बिना कुछ किए ही सांस फूलने लगे तो इसे उम्र बढ़ने का इशारा समझकर हल्के में नहीं लेना चाहिए. इस तरह सांस फूलना फेफड़े की समस्याओं के चलते हो सकता है.

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आवाज में बदलाव

अगर आवाज ठीक तरह से नहीं निकल रही है, आवाज में हवा का दबाव ज्यादा लग रहा है या कहें आवाज बदल गई है तो ऐसा श्वसन नली में किसी अवरोध के कारण हो सकता है. ऐसा फेफड़ों के कैंसर में भी होता है.

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कुछ निगलने में तकलीफ होना

फेफड़ों की दिक्कतों के कारण खाना निगलने में दिक्कत हो सकती है. इसे इग्नोर करने की गलती नहीं करनी चाहिए.

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वजन कम होना और सूजन दिखना

हर समय थकान महसूस होना और अचानक से ही वजन कम होना शुरू हो जाना फेफड़ों की किसी बीमारी या फेफड़ों के कैंसर में भी होता है. ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है. इसके अलावा, फेफड़े का कैंसर (Fefde Ka Cancer) होने पर चेहरे, गर्दन, बाहों पर और छाती के ऊपरी हिस्से पर सूजन नजर आ सकती है.

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किन लोगों को फेफड़ों के कैंसर का खतरा ज्यादा होता है

  • धूम्रपान करने वाले लोगों को फेफड़ों के कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है या वे लोग जो अब स्मोक नहीं करते लेकिन पहले किया करते थे.
  • सैकंड हैंड स्मोक कर रहे लोग यानी वे लोग जिनके आस-पास कोई लगातार धूम्रपान करता है उन्हें भी फेफड़े के कैंसर का खतरा रहता है.
  • ऐसे व्यक्ति जिसके परिवार में किसी को फेफड़े का कैंसर रहा हो उसे भी फेफड़े के कैंसर का रिस्क रहता है.
  • प्रदूषण वाली जगह में रह रहे लोगों को भी फेफड़ों का कैंसर होने की संभावना रहती है.

यह भी पढ़ें – प्रोस्टेट कैंसर होने पर सबसे पहले दिखता है यह लक्षण, डॉक्टर ने बताया किस तरह करें Prostate Cancer की पहचान

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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