Liver Cirrhosis Ke Lakshan: लिवर लंबे समय तक डैमेज होने को लिवर सिरोसिस कहा जाता है. इसके लक्षण समय पर ना पहचाने जाएं और इलाज शुरू ना किया जाए तो लिवर को नुकसान (Liver Damage) होता चला जाता है और स्टेज गंभीर होने पर केवल ट्रांसप्लांट ही एकमात्र इलाज बचता है. AIIMS, नई दिल्ली के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. शालिमार बताते हैं कि उनके पास आए एक मरीज आया जिसके लिवर का टेस्ट किया गया तो पता चला उन्हें लिवर सिरोसिस है. इसपर मरीज का कहना था कि उसे लगा कि यह सिर्फ थकावट है. ऐसे में लिवर सिरोसिस के चेतावनी संकेत पता होना जरूरी है. यहां जानिए लिवर सिरोसिस क्या है, इसके लक्षण (Liver Cirrhosis Symptoms) कैसे नजर आते हैं और डॉक्टर के अनुसार किस तरह सिरोसिस से बचा जा सकता है.
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सिरोसिस क्या होता है
सिरोसिस सालों तक चुपचाप बढ़ता रहता है और जबतक इसका पता चलता है तबतक लिवर को गहराई तक नुकसान हो जाता है. डॉ. शालिमार बताते हैं कि हमारा लिवर हर दिन 500 से ज्यादा काम करता है. यह विषैले पदार्थों को छानता है, ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखता है, थक्का जमाने वाले प्रोटीन बनाता है और हम जो कुछ भी खाते हैं उसका पाचन करता है. सिरोसिस तब होता है जब समय के साथ बार-बार लिवर को नुकसान पहुंचता है. वक्त के साथ लिवर के नॉर्मल काम करने वाले सेल्स स्कार टिशू से रिप्लेस होने लगते हैं. स्कार टिशू काम नहीं करते हैं. इससे लिवर सिकुड़ जाता है, कड़ा हो जाता है और अपने काम करने की क्षमता खो देता है.
इन लक्षणों को कभी ना करें नजरअंदाज
डॉक्टर बताते हैं कि लिवर सालों तक चुपचाप डैमेज को सहता रहता है. जबतक लक्षण नजर आते हैं तबतक नुकसान हो चुका होता है. ऐसे में कुछ लक्षण हैं जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए –
- लगातार बिना कारण के थकान और कमजोरी महसूस होना
- पेट में और पैरों में सूजन आना
- त्वचा और आंखों का पीला पड़ना
- जी मिचलाना
- भूख ना लगना
- बिना वजह वजन घटना
- बेहोशी आना
- खून की उल्टी आना.
लिवर सिरोसिस का इलाज
लिवर फाइब्रोसिस की प्रगति को लेकर डॉक्टर का कहना है कि यह अच्छी बात है कि फाइब्रोसिस की प्रगति को धीमा किया जा सकता है और सिरोसिस से होने वाली जटिलताओं को काफी हद तक नियंत्रण में भी किया जा सकता है. यह इस तरह से संभव है –
मूल कारण का इलाज कराना – चाहे शराब हो, हेपेटाइटिस बी वायरल का इंफेक्शन हो, हेपेटाइटिस सी वायरल हो या फिर फैटी लिवर हो, मूल कारण का इलाज (Treatment) कराना जरूरी है.
शराब से दूरी – शराब के सेवन से पूरी तरह दूरी बनाना जरूरी है. शराब से पूरी तरह दूरी बनाने पर ही लिवर की हालत और बिगड़ने से रोकी जा सकती है.
दवा – जटिलताओं को नियंत्रित करने के लिए दवा लेना जरूरी है.
जांच – खून की जांच और अल्ट्रासाउंड से लिवर के नुकसान और खराब होने का पता चल सकता है. इससे इलाज में मदद मिलती है.
लिवर ट्रांसप्लांट – लिवर सिरोसिस के गंभीर मामलों में लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प होता है.
लिवर सिरोसिस से कैसे बचें
- लिवर सिरोसिस से बचने के लिए शराब से परहेज करें
- हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाएं
- वजन को नियंत्रित रखें
- डायबिटीज और कॉलेस्ट्रोल को नियंत्रण में रखें
- खून की जांच और डॉक्टर के द्वारा बताए गए टेस्ट को समय पर कराएं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source - AIIMS
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