करवा चौथ के बाद चक्कर, सिरदर्द और कमजोरी को न करें नजरअंदाज, हो सकता है डिहाइड्रेशन और इस समस्या का संकेत
Karwa Chauth: करवा चौथ के निर्जला व्रत के बाद अक्सर महिलाओं को बहुत ज्यादा चक्कर, सिरदर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं महसूस होने लगती है. ऐसे में ये क्यों होता है और व्रत रखने से पहले क्या करना चाहिए आइए जानते हैं इस स्टोरी में.
करवा चौथ पर पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने से सेहत पर क्या पड़ता है असर? (Image: AI/Pexels)
खबर की मुख्य बातें:
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करवा चौथ का व्रत निर्जला होता है, जिसमें महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए बिना कुछ खाए-पिए रहती हैं.
व्रत के दौरान डिहाइड्रेशन और लो ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.
डिहाइड्रेशन तब होता है जब शरीर से निकलने वाले लिक्विड की तुलना में कम लिक्विड अंदर लिया जाता है.
लो ब्लड प्रेशर की रीडिंग 90/60 mmHg से कम होती है, जबकि सामान्य रीडिंग 120/80 mmHg होती है.
चक्कर आना, सिरदर्द, थकान, मुंह सूखना डिहाइड्रेशन के लक्षण हैं, जबकि लो बीपी में सिर हल्का महसूस होना और धुंधला दिखना शामिल है.
करवा चौथ का व्रत हिंदू धर्म में काफी महत्वपूर्ण है, जिसे लगभग हर शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं. करवा चौथ का व्रत अन्य व्रत से काफी अलग और मुश्किल होता है, क्योंकि ये निर्जला यानी न ही कुछ खा सकते हैं और न ही कुछ पी सकते हैं, ऐसा व्रत है. जो महिलाएं लंबे वक्त से व्रत रखती आ रही होती हैं, उन्हें भूख-प्यास, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्याएं ज्यादा महसूस नहीं होती है या फिर उन्हें महसूस ही नहीं होती है, क्योंकि वह निर्जला व्रत की आदि हो चुकी होती हैं या फिर उन्हें मालूम रहता है कि कैसे वह दिन भर एनर्जी से भरपूर रह सकती हैं. लेकिन जो महिलाएं पहली बार ये व्रत रखती हैं, उनके लिए ये थोड़ा मुश्किल हो जाता है. अक्सर महिलाओं की शिकायत रहती है कि जब वह व्रत रखती हैं, तो दोपहर के वक्त या फिर व्रत के बाद उन्हें चक्कर, सिरदर्द और बहुत कमजोरी महसूस होती है. ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर इस समस्या के पीछे क्या कारण हो सकते हैं.
करवा चौथ के व्रत के बाद अगर महिला को बहुत चक्कर आ रहा है, सिरदर्द हो रहा है या फिर बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है, तो हो सकता है कि वह डिहाइड्रेशन का शिकार हो गई हो. ये समस्या तब पैदा होती है, जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक प्यासा रहता है. NHS के अनुसार, डिहाइड्रेशन का मतलब है कि आपके शरीर से जितना तरल पदार्थ बाहर निकलता है, उससे कम आप अंदर लेते हैं. अगर इसका इलाज न किया जाए, तो स्थिति और बिगड़ सकती है और यह एक गंभीर समस्या बन सकती है.
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करवा चौथ के मौके पर ऐसा अक्सर होता है, क्योंकि कई महिलाएं ऐसी होती हैं कि व्रत रखने से पहले वह शरीर को उसकी जरूरत के अनुसार पानी नहीं देती है, यानी ज्यादा पानी नहीं पीती हैं और बिना पानी पिए ही व्रत रख लेती हैं. अब जब शरीर में जरूरत के अनुसार, तरल पदार्थ यानी फ्लूड तो व्यक्ति को कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जिससे उसे काफी परेशानी होती है और अगर वक्त रहते डिहाइड्रेशन की समस्या को ठीक नहीं किया जाता है, तो स्थिति गंभीर रूप भी ले लेती है.
डिहाइड्रेशन में कैसे दिखते हैं लक्षण?
प्यास लगना
सिरदर्द और सिर हल्का महसूस होना
गहरे पीले रंग का, तेज गंध वाला पेशाब
सामान्य से कम बार पेशाब आना
चक्कर आना या सिर हल्का महसूस होना
थकान महसूस होना
मुंह, होंठ और जीभ का सूखना
आंखों का धंस जाना
अगर व्रत के दौरान ये लक्षण दिखाई दे रहे हैं और स्थिति गंभीर रूप ले रही है, तो बेहतर रहेगा कि व्रत को तोड़ दिया जाए और तुरंत डॉक्टर से इलाज कराया जाए. व्यक्ति को राहत देने के लिए तुरंत पानी पिला बेहतर हो सकता है.
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ये समस्या भी हो सकती है वजह
व्रत में कमजोरी और चक्कर जैसी समस्या के पीछे बीपी की एक बड़ा कारण हो सकती है. व्रत में महिलाएं न तो खाती हैं और नहीं कुछ पीती हैं, ऐसे में डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी और लंबे समय तक खाना न खाने के कारण लो बीपी (hypotension) की समस्या भी पैदा हो सकती है. NHS के अनुसार, लो ब्लड प्रेशर का मतलब है 90/60 mmHg से कम रीडिंग होना है. इसके लक्षण हमेशा दिखाई नहीं देते, लेकिन अगर लक्षण दिखें, तो आपको इलाज की जरूरत पड़ सकती है. बता दें कि सामान्य बीपी रीडिंग 120/80 mmHg होती है, इसलिए जरूरी है कि व्रत के दौरान अगर महिला को ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है, तो सबसे पहले उसका बीपी चेक करें और जल्द से जल्द डॉक्टर की सलाह के अनुसार, बीपी को सामान्य करें.
लो बीपी में कैसे दिखते हैं लक्षण?
अब सवाल उठता है कि करवा चौथ के व्रत के दौरान ऐसे कौन से लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिससे ये पता आपका बीपी लो है. NHS के अनुसार,
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सिर हल्का महसूस होना या चक्कर आना
जी मिचलाना
धुंधला दिखाई देना
आम तौर पर कमजोरी महसूस होना
भ्रम की स्थिति
बेहोश हो जाना
अगर व्रत के दौरान या फिर व्रत के बाद अचानक इस तरह के लक्षण दिखाई देने लगे, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें और मरीज को तुरंत सही उपचार दिलाएं, ताकि स्थिति गंभीर न हो. अगर आपकी पत्नी या आप खुद इन लक्षणों का सामना कर रही हैं और थोड़ा और कह-कहकर व्रत पूरा करने की कोशिश कर रही हैं, तो आपकी ये गलती स्थिति को और बुरी स्थिति में पहुंचा सकती है, जिससे आपको ज्यादा परेशान होना पड़ सकता है या फिर अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता है.
व्रत रखने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें
आप डिहाइड्रेशन और लो बीपी की समस्या का शिकार न हो जाए, इसके लिए बेहतर रहेगा कि आप व्रत रखने से पहले एक बार डॉक्टर से जांच करा लें और उनकी बताई हुई सलाह का पालन करें. डॉक्टर आपकी सेहत के अनुसार, आपको बताएंगे कि क्या आप व्रत रख सकती हैं या नहीं और अगर रख सकती हैं, तो व्रत रखने से पहले क्या खा सकती हैं, जिससे पूरे दिन एनर्जी बनी रहेगी और डिहाइड्रेशन- लो बीपी का खतरा कम हो सकेगा.
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साथ ही अगर आप डॉक्टर के पास जाती हैं, तो आप ये भी पूछ सकेंगी कि व्रत के दौरान या व्रत के बाद अगर आपको इस तरह की समस्याएं महसूस होती है, तो तुरंत राहत पाने के लिए क्या-क्या किया जा सकता है, ताकि स्थिति को वक्त रहते कंट्रोल में किया जा सके.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.