सिर्फ महिला को दोष देना गलत! बच्चा न होने की वजह पुरुष भी हो सकते हैं, WHO ने बताई ये वजहें
Infertility Causes in Male and Female: अक्सर शादी के बाद जब किसी कपल को बच्चा नहीं हो रहा होता है, तो लोग सबसे पहले महिला को ही इसका जिम्मेदार ठहराते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं बच्चा न होने के पीछे पुरुष भी जिम्मेदार हो सकते हैं, आइए जानते हैं WHO ने क्या बताया इस समस्या को लेकर?
बच्चा न होने के पीछे पुरुषों में भी हो सकती हैं ये समस्याएं. (Image: AI/Pexels)
शादी के बाद जब किसी कपल को बच्चा नहीं होता, तो कई बार सबसे पहले महिला को ही इसका जिम्मेदार ठहराया जाता है और जिंदगीभर उसे ताने दिए जाते हैं कि वह बच्चा नहीं कर सकती है, जोकि एक दम गलत है. लेकिन अक्सर लोग नहीं जानते हैं कि ऐसा जरूरी नहीं कि महिला ही बच्चे पैदा न करने की कारण है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, बांझपन यानी इनफर्टिलिटी (Infertility) की वजह महिला या पुरुष, दोनों में से किसी के प्रजनन तंत्र (Reproductive system) से जुड़ी समस्या हो सकती है. कुछ मामलों में इसकी पक्की वजह का पता लगाना भी संभव नहीं हो पाता है.
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WHO के अनुसार, बांझपन का असर सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी पड़ सकता है. WHO के अनुसार, इनफर्टिलिटी से जूझने वाले कपल्स को तनाव, चिंता और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ सकता है. कई बार महिलाओं को इसके कारण हिंसा, तलाक और बेइज्जती जैसी स्थिति का सामना भी करना पड़ता है. इसलिए जरूरी है कि बच्चा न होने की स्थिति में महिला को अकेले जिम्मेदार न ठहराया जाए. इसके पीछे पुरुषों से जुड़े कारण भी हो सकते हैं, जिसके बारे में हम आपको इस स्टोरी में बताएंगे.
WHO के मुताबिक, पुरुषों के प्रजनन तंत्र (Reproductive system) में कई तरह की समस्याएं इनफर्टिलिटी का कारण बन सकती हैं. इनमें शुक्राणु यानी स्पर्म बनने, उनकी गुणवत्ता और उनके सही तरीके से काम करने से जुड़ी परेशानियां शामिल हैं. इसके अलावा, हार्मोन में असंतुलन और प्रजनन मार्ग में रुकावट भी पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है. पुरुषों में बांझपन के प्रमुख कारणों को इस तरह समझा जा सकता है:
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स्पर्म की गुणवत्ता में कमी: स्पर्म का आकार असामान्य होना या उनका ठीक से न चल पाना प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है.
स्पर्म बनने में परेशानी: अंडकोष में स्पर्म बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचने से स्पर्म का उत्पादन प्रभावित हो सकता है.
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हार्मोन में गड़बड़ी: पिट्यूटरी ग्रंथि, हाइपोथैलेमस या अंडकोष से जुड़े हार्मोन में असंतुलन होने पर ग्रंथि बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
प्रजनन मार्ग में रुकावट: जिन रातों से सीमन (Semen) बाहर निकलता है, उनमें रुकावट होने पर सीमन के निकलने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है.
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इन कारणों से साफ है कि पुरुषों की प्रजनन क्षमता भी कई शारीरिक समस्याओं पर निर्भर करती है. इसलिए बच्चा न होने पर सिर्फ महिला को दोष देना सही नहीं है.
क्या अंडकोष की समस्या और हार्मोन में गड़बड़ी भी बन सकती है वजह?
WHO के अनुसार, पुरुषों में इनफर्टिलिटी का एक कारण अंडकोष से जुड़ी समस्या भी हो सकती है. अंडकोष स्पर्म बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं. अगर स्पर्म बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है, तो इससे स्पर्म का उत्पादन प्रभावित हो सकता है. WHO के अनुसार, वैरिकोसील जैसी स्थिति और कीमोथेरेपी जैसे कुछ मेडिकल इलाज के कारण स्पर्म बनाने वाली कोशिकाओं को प्रभावित हो सकती हैं. इसके अलावा, पुरुषों की प्रजनन क्षमता के लिए हार्मोन भी जरूरी होते हैं. टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) जैसे हार्मोन स्पर्म बनने की प्रक्रिया को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाते हैं. पिट्यूटरी ग्रंथि, हाइपोथैलेमस या अंडकोष में होने वाली कुछ समस्याओं से हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिसका सीधा असर प्रजनन पर पड़ता है.
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इन स्थितियों में प्रजनन क्षमता प्रभावित हो सकती है:
अंडकोष में स्पर्म बनाने की प्रक्रिया में गड़बड़ी.
वैरिकोसील जैसी समस्या.
स्पर्म बनाने वाली कोशिकाओं पर कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट का असर.
प्रजनन से जुड़े हार्मोन में असंतुलन.
शुक्राणुओं के आकार और उनकी स्पीड में समस्या.
इसलिए पुरुषों में बच्चा न होने की वजह सिर्फ एक नहीं होती. इसके पीछे शारीरिक, हार्मोनल और स्पर्म से जुड़ी अलग-अलग समस्याएं हो सकती हैं.
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क्या महिलाओं में भी इनफर्टिलिटी के कई कारण हो सकते हैं?
WHO के अनुसार, महिलाओं में बांझपन के पीछे प्रजनन तंत्र से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. WHO के अनुसार, फैलोपियन ट्यूब में रुकावट, गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं, अंडाशय (Ovary) से जुड़ी समस्या और हार्मोन का असंतुलन महिला की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं. इन समस्याओं के कारण अलग-अलग हो सकते हैं और हर महिला में इनका असर एक जैसा नहीं होता.
महिलाओं में इनफर्टिलिटी के कुछ प्रमुख कारण हैं:
फैलोपियन ट्यूब में रुकावट: यौन संक्रमण का इलाज न होने या पेट और पेल्विक हिस्से की कुछ सर्जरी के बाद ट्यूब प्रभावित हो सकती हैं.
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गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं: एंडोमेट्रियोसिस, गर्भाशय की बनावट में जन्मजात गड़बड़ी या फाइब्रॉइड जैसी स्थितियां प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकती हैं.
अंडाशय से जुड़ी समस्या: पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) और फॉलिकल से जुड़े डिसऑर्डर इनफर्टिलिटी का कारण बन सकते हैं.
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हार्मोन में असंतुलन: हाइपोथैलेमस और पिट्यूटरी ग्रंथि से जुड़ी समस्याएं प्रजनन हार्मोन के संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं.
इससे ये साफ होता है कि महिलाओं और पुरुषों, दोनों में इनफर्टिलिटी के अलग-अलग कारण हो सकते हैं. किसी भी स्थिति में बिना जानकारी के किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है.
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क्या खानपान और लाइफस्टाइल भी बन सकता है कारण?
WHO के अनुसार, कुछ लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें महिला और पुरुष, दोनों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं. धूम्रपान, जरूरत से ज्यादा शराब पीना और मोटापा जैसे कारण शामिल हैं, जिनका असर प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है. इसके अलावा, पर्यावरण में मौजूद प्रदूषकों और जहरीले पदार्थों के संपर्क में आने से भी समस्या पैदा हो सकती है.
प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं:
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धूम्रपान
ज्यादा शराब पीना
मोटापा
प्रदूषण और जहरीले पदार्थ
कुछ स्टेरॉयड का इस्तेमाल
हालांकि, इन चीजों का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता. इनफर्टिलिटी की वजह समझने के लिए संबंधित डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.