Kadha Benefits: काढ़ा एक आयुर्वेदिक हर्बल ड्रिंक है जो स्वाद में कड़वा जरूर होता है लेकिन सेहत के लिए कमाल का साबित हो सकता है. हर्बल चीजें जैसे तुलसी, अदरक, काली मिर्च और लौंग जैसी सामग्री से तैयार होने वाला काढ़ा सेहत पर कमाल का असर दिखा सकता है. ये गर्म मसाले एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होने के चलते खांसी-जुकाम जैसी दिक्कतों को कम करते हैं. ऐसे में अगर आप भी सर्दी की चपेट में आ गए हैं तो यहां जानिए किस तरह काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है. काढ़ा बनाने की यह सिंपल रेसिपी (Kadha Recipe) आप आसानी से फॉलो कर सकेंगे.
कैसे बनाते हैं काढ़ा
काढ़ा बनाने के लिए सबसे पहले बर्तन में पानी डालकर आंच पर चढ़ा दें. आप एक से डेढ़ कप पानी ले सकते हैं. पानी को उबलने के लिए चढ़ाएं और उसमें एक छोटा टुकड़ा अदरक का लेकर कूटकर डाल दें. इसमें 2-3 लौंग, 2 काली मिर्च, एक छोटा टुकड़ा दालचीनी और कुछ तुलसी के पत्ते डाल लें. इसे 15 से 20 मिनट तक पकाएं और जब पानी बर्तन में सूखकर लगभग आधा हो जाए तो आंच बंद कर दें.
बस तैयार है आपका काढ़ा. इसे आप जस का तस ही पी सकते हैं या फिर इसमें हल्का शहद या गुड़ भी मिलाया जा सकता है. यह काढ़ा स्वाद में चाहे कड़वा लगे लेकिन सेहत को फायदे देता है.
काढ़ा पीने के क्या फायदे होते हैं
बढ़ती है इम्यूनिटी – काढ़ा पीने पर इम्यूनिटी बढ़ सकती है. इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो वायरल इंफेक्शंस से बचाते हैं और मौसमी फ्लु को दूर रखते हैं.
खांसी, जुकाम और सर्दी पर असर – काढ़ा पीने पर सर्दी, जुकाम और गले में दर्द की दिक्कत कम हो सकती है. काढ़ा मसालों के चलते भी गर्म होता है और इसे गर्म पीने पर भी इसका एक्स्ट्रा फायदा मिलता है. नाक बहने की दिक्कत से परेशान हैं या फिर गला रुंध जाता है तो काढ़ा उस दिक्कत में भी फायदेमंद होता है.
इंफ्लेमेशन कम होती है – एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होने के चलते काढ़ा पीने पर इंफ्लेमेशन से राहत मिलती है. इसमें हल्दी और अदरक डाला जाए तो यह और ज्यादा फायदेमंद हो जाता है. लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि आपको काढ़ा बनाने के लिए कच्ची हल्दी का इस्तेमाल करना है, हल्दी का पाउडर नहीं लेना है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.