कान में सीटी की आवाज क्यों आने लगती है? डॉक्टर ने बताया किस गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत

Ringing In Ear: अगर आपको भी कान में सीटी की आवाज आती हुई महसूस होती है तो इस दिक्कत को हल्के में ना लें. डॉक्टर की सलाह है कि समय रहते डॉक्टर से मिलना और समस्या की जड़ तक जाना बेहद जरूरी है.

Ringing In Ear

कान में सीटी की आवाज आए तो क्या करें?

Ringing Noise In Ear: क्या आपने कभी महसूस किया है कि अचानक से कान के अंदर सीटी की आवाज आ रही है. यह आवाज कान के भीतर से आती है और एक अजीब सी झनझनाहट महसूस होने लगती है. असल में यह नॉर्मल नहीं है. इसी बारे में बताते हुए फिजीशियन डॉ. अमित लाला खोमाने ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया है और बताया है कि कान के अंदर सीटी की आवाज (Kaan Me Seeti Ki Awaz) आने की क्या वजह हो सकती है और किस स्थिति में इस आवाज को कभी इग्नोर नहीं करना चाहिए. बिना देरी किए आप भी जान लीजिए डॉक्टर किस दिक्कत का जिक्र कर रहे हैं.

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कान में सीटी की आवाज क्यों आती है

डॉक्टर ने बताया कि बहुत से लोगों को कान में सीटी की आवाज आती हुई महसूस होती है लेकिन वे इसे कान की कोई दिक्कत समझकर इग्नोर कर देते हैं. लेकिन, कुछ लोगों में यह गंभीर बीमारी का पहला संकेत हो सकता है. मेडिकली इसे टिनिटस (Tinnitus) कहते हैं मतलब बिना एक्सटर्नल साउंड के ब्रेन के साउंड का फील होना. हर मरीज इस साउंड को अलग-अलग तरह से महससू करता है, फिर धीरे-धीरे नींद की दिक्कतें होने लगती हैं, फोकस बिगड़ता है और एंजाइटी भी बढ़ जाती है.

कान में सीटी की आवाज आने के प्रभाव यहीं तक सीमित नहीं हैं. डॉक्टर का कहना है कि इससे मरीजों को चक्कर आने की दिक्कत भी हो जाती है.

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यह कई कारणों से हो सकता है जैसे लाउड इयरफोन का इस्तेमाल करना, स्ट्रेस, एंजाइटी, सुनने की क्षमता का कम होना, कान में इंफेक्शन होना या वैक्स का जमना, ब्लॉकेज, हाई बीपी और किसी दवा का असर.

कब नहीं करना चाहिए इग्नोर

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डॉक्टर का कहना है कि इस तरह टिनिटस के साथ जीना मुश्किल होता है. वहीं, अगर टिनिटस के साथ ही कान फुल होने लगे, सुनने में दिक्कत आए और चक्कर आने लगे तो यह मिनियर्स डिजीज भी हो सकता है. इस कंडीशन में इनर इयर के अंदर फ्लुइड डिस्टर्बेंस होने लगता है. इसकी वजह से कान में रिंगिंग साउंड, वर्टिगो और सुनने की क्षमता चले जाने तक की नौबत आ जाती है.

अगर यह दिक्कत आपको 10 दिनों से नहीं बल्कि महीनों या सालों से हो रही है और साथ में सुनने में दिक्कत आती है या चक्कर आता है तो इसे इग्नोर ना करें. इस समस्या में डॉक्टर से तुरंत जांच करवाना जरूरी है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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