जबड़े का कैंसर, जिसे ओरल कैंसर या मुख के कैंसर के रूप में भी जाना जाता है, एक गंभीर स्थिति है जो आपके मुंह, जबड़े या गले में उत्पन्न हो सकती है। यह कैंसर किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। जबड़े के कैंसर में जबड़े के आस-पास की त्वचा उभर जाती है। यह असामान्य रूप से बढ़ने लगती है, जिससे बोलने, खाने या चबाने में दिक्कत होती है। यह एक दुर्लभ प्रकार का कैंसर होता है, जो मुंह के किसी अन्य भाग, जैसे जीभ से शुरू होकर फैल सकता है। इसमें ट्यूमर जबड़े की हड्डी के अंदर या दांतों के बीच भी हो सकता है। आइए जानते हैं जबड़े के कैंसर के शुरुआती संकेतों, कारणों और बचाव के बारे में।
जबड़े के कैंसर के संकेत
1. दर्द होना
इस कैंसर के शुरुआती और सबसे आम लक्षण जबड़े या मुंह में लगातार दर्द होना है। यह दर्द समय के साथ बढ़ भी सकता है। पेनकिलर्स लेने के बाद भी दर्द में आराम नहीं मिलता है, तो डॉक्टर से जरूर मिलें।
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2. मुंह से बदबू आना
अगर प्रॉपर ओरल हाइजीन मेंटेन किया जा रहा है फिर भी मुंह से बदबू आ रही है, तो इसका मतलब है कि आपको मुंह के अंदर ट्यूमर बनने की शुरुआत हो सकती है। इसके अलावा, कई बार यह लक्षण टिश्यू डैमेज का भी हो सकता है।
3. बोलने में परेशानी
अगर आपको बात करने में दिक्कत होती है या कुछ शब्द अचानक बोलने में परेशानी हो रही है, तो यह ध्यान देने योग्य बात है। बोलने में परेशानी होना कोई आम लक्षण नहीं हो सकता है अगर आपको पहले से कोई स्पीच प्रॉब्लम नहीं है तो। शब्दों का उच्चारण न कर पाना इसका सबसे आम संकेत है।
4. चेहरे की बनावट में बदलाव
जबड़े के कैंसर का जोखिम बढ़ने पर यह चेहरे के आकार को भी बदलने लगता है। चेहरे की बनावट में असमानता या कुछ बदलाव हो, तो आपको इसकी जांच जरूर करवानी चाहिए। अगर कोई और लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है, तो भी इस संकेत को इग्नोर न करें।
5. खाना चबाने और निगलने में कठिनाई
जबड़े का कैंसर जबड़े के रोजमर्रा के कार्यों में बाधा डाल सकता है। इससे खाना चबाने और निगलने में कठिनाई महसूस हो सकती है। खाना खाते समय असुविधा का अनुभव होना या गले में कुछ फंसा हुआ महसूस करना सही संकेत नहीं है। इसे अनदेखा न करें।
Jaw कैंसर के कारण
जयपुर स्थित मरुधर डेंटल सेंटर की दंत चिकित्सक डॉक्टर रिम्मी शेखावत बताती हैं कि जबड़े के कैंसर होने के प्रमुख कारण धूम्रपान करना, शराब पीना और तंबाकू चबाना है। कई बार दंत मंजन करने से भी लोगों को मुंह का कैंसर हो जाता है। जो लोग लगातार इनका इस्तेमाल करते हैं, उनके मुंह की चमड़ी कमजोर हो जाती है और घाव होने लगते हैं। मसूड़े डैमेज होने लगते हैं, तो इससे कैंसर का रिस्क बढ़ जाता है। इसके अलावा, पारिवारिक इतिहास भी इस कैंसर का एक कारण हो सकता है।
ग्राफिक्स की मदद से समझें…
जबड़े के कैंसर का इलाज क्या है?
ट्यूमर को हटाने के लिए सर्जरी करवाई जाती है। इसे मैंडिबुलेक्टोमी सर्जरी कहते हैं।
रेडिएशन थेरेपी की मदद से इलाज किया जा सकता है।
कीमोथेरेपी, टारेगट थेरेपी और इम्यूनोथेरेपी भी कैंसर सेल्स की पहचान कर उन्हें नष्ट करने में मदद कर सकते हैं।
जबड़े के कैंसर के बचाव के उपाय
- तंबाकू और शराब का सेवन न करें।
- हेल्दी डाइट का सेवन करें।
- तंबाकू वाले पान न खाएं।
- सुपारी भी कम चबाएं।
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Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।
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