World Malaria Day 2025: मलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से होने वाला बुखार है। इस समय देश के कुछ इलाकों में तेज गर्मी होने के बाद भी मच्छरों का आतंक मचा हुआ है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे बुखार होते हैं। हर साल 25 अप्रैल को वर्ल्ड मलेरिया डे मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत साल 2007 में की गई थी। इसे साल 2001 में अफ्रीका मलेरिया डे के नाम से मनाया गया था। WHO ने इसे World Malaria Day का नाम दिया। मलेरिया दिवस 2025 की थीम Malaria Ends With Us: Reinvest, Reimagine, Reignite-(मलेरिया हमारे साथ ही समाप्त हो जाएगा: पुनः निवेश करें, पुनः कल्पना करें, पुनः प्रज्वलित करें) है। आइए जानते हैं मलेरिया के बारे में 7 सबसे जरूरी बातें।
मलेरिया से जुड़ी जरूरी बातें
1. मलेरिया सिर्फ बारिश में नहीं होता
आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी, इंटरनल मेडिसिन, डॉ. राकेश पंडित बताते हैं कि मलेरिया अब गर्मियों में भी तेजी से फैल रहा है, खासकर गंदगी और ठहरे हुए पानी वाले इलाकों में।
2. हर बुखार मलेरिया नहीं होता, लेकिन जांच जरूरी
सिरदर्द, ठंड लगना, तेज बुखार आना, पसीना आना और कमजोरी। ये मलेरिया के आम लक्षण हो सकते हैं लेकिन हर बार मलेरिया ही हो यह जरूरी नहीं है। इसलिए, कोई भी लक्षण महसूस होने पर जल्द जांच करवाएं।
3. कुछ लोगों को ज्यादा रिस्क
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए मलेरिया की बीमारी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इन वर्गों में मलेरिया तेजी से और गंभीर रूप से फैलता है। अगर इन्हें कोई लक्षण दिखाई देता है, तो समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
4. स्वास्थ्य विभाग की मुफ्त जांच सुविधाएं
देश में मलेरिया को लेकर हर जिले में सरकारी अस्पतालों और पीएचसी (PHC,Primary Health Care) पर मलेरिया की जांच और दवाएं मुफ्त में उपलब्ध हैं। इसके बारे में हर देशवासी को जानने की जरूरत है।
रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। खिड़की-दरवाजों पर जाली लगाएं और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। इन सभी से मलेरिया के मच्छरों से आप खुद को बचा सकते हैं।
मलेरिया के मच्छर साफ पानी में भी पनपते हैं। इसलिए, आपको अपने आस-पास पानी को जमा होने से रोकना है। घर के आस-पास कूलर, गमले और बाल्टी आदि की नियमित रूप से सफाई करें।
7. टेस्ट-ट्रीट-ट्रैक फॉर्मूला अपनाएं
डॉ. शारंग बताते हैं कि सभी को मलेरिया के बारे में शुरुआती सूचनाएं होनी चाहिए। लक्षणों की समझ, इलाज कहां और कैसे किया जाए। इसके लिए टेस्ट-ट्रीट-ट्रैक फॉर्मूला अपनाया जा सकता है। इस फॉर्मूले का मतलब है जैसे ही लक्षण दिखें, तुरंत टेस्ट कराएं, इलाज लें और रिकवरी पर ध्यान दें।
मलेरिया के लक्षण
ग्राफिक्स की मदद से समझें…
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।