Jal Neti Benefits: आजकल इलाज से ज्यादा बीमारियों का होना आसान हो गया है. लोग बहुत ही जल्दी बीमारी की चपेट में आ जाते हैं, खासतौर से वो लोग जिन्हें रोजाना बाहर जाना होता है कुछ बीमारियां तो ऐसी हैं जो बार-बार कमजोर इम्यूनिटी पर वार करती हैं जैसे सर्दी-जुकाम, एलर्जी या बुखार हो जाना आदि. ऐसे में इन बीमारियों का इलाज दवा से नहीं बल्कि आर्युवेदिक तरीके से किया जाता है. बाबा रामदेव ने बताया है कि आयुर्वेद और योग में बताई गई एक सरल क्रिया जलनेति काफी फायदेमंद मानी जाती है. यह ना सिर्फ नाक की सफाई करती है, बल्कि सांस से जुड़ी कई परेशानियों में भी राहत दिलाने में मदद करती है. हालांकि, हर जगह इस नेति को सही तरह से नहीं किया जाता है. इसलिए बेहतर होगा कि आप पतंजलि वेलनेस सेंटर में जाकर इस सुविधा का लाभ उठाएं. वहां पर कई एक्सपर्ट्स की गिनरानी में जल नेति को किया जाता है और लाभ भी कुछ ही दिनों में देखने को मिल जाता है. इससे पहले यह समझना जरूरी है कि जलनेति होती क्या है और यह कितनी तरह से की जा सकती है.

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क्या होती है जल नेति?

जलनेति एक प्राचीन योगिक क्रिया है, जिसमें गुनगुने नमक वाले पानी से नाक की सफाई की जाती है. इसके लिए एक खास बर्तन का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, जलनेति के कई प्रकार होते हैं, जिसे बीमारी के हिसाब से किया जाता है.

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जल नेति क्रिया कितने तरह की होती है?

जल नेति- इस क्रिया में नेति पॉट का इस्तेमाल किया जाता है. इस दौरान गुनगुना पानी एक नथुने से डालकर दूसरे नथुने से निकाला जाता है. यह गंदगी और बलगम को साफ करने का काम करता है.

सूत्र नेति- यह एक ऐसी विधि है जिसमें मोम लगे सूती कपड़े या धागे का इस्तेमाल किया जाता है. इस दौरान रबर कैथेटर को नाक के एक छिद्र से डालकर मुंह से निकाला जाता है और फिर धीरे-धीरे आगे-पीछे करके नाक की नली को साफ किया जाता है.

दुग्ध नेति- इसमें जल के स्थान पर गुनगुने दूध का इस्तेमाल किया जाता है. यह नाक की श्लेष्मा झिल्ली को आराम दिलाने का काम करता है. अगर आपकी नाक सूखी रहती है तो यह दूर करने का काम करता है.

घृत नेति- इसमें गर्म देसी घी का इस्तेमाल नाक की नली को चिकनाई देने और पोषण देने के लिए किया जाता है. इस क्रिया को करना बहुत ही आसान है और कई बीमारियों में लाभकारी है. इन तमाम क्रियाओं को करने का सही तरीका पतंजलि के एक्सपर्ट से जान सकते हैं.

किन समस्याओं में फायदेमंद है?

  • यह क्रिया साइनस में जमा बलगम बेहद आसानी से साफ करती है.
  • एलर्जी और बार-बार छींक आने की समस्या में राहत दिलाती है.
  • अगर आपकी नाक बंद है तो इसे करना फायदेमंद हो सकता है.
  • इस क्रिया को करने से सांस लेने में सुधार हो सकता है.
  • सही तरीके से की गई क्रिया सर्दी-जुकाम में जल्दी राहत दिला सकती है.

पतंजलि हेल्थ सेंटर में क्यों लें गाइडेंस?

पतंजलि हेल्थ केयर सेंटर में आपको इस क्रिया से संबंधित सही जानकारी मिल सकती है. वहां पर इस क्रिया को बहुत ही अच्छी तरह से सिखाया जाता है. आप वहां पर एक्सपर्ट की देखरेख में अभ्यास कर सकते हैं. आपको सही मात्रा और तकनीक की जानकारी आसानी से मिल सकती है. वहीं, अगर आप नए हैं तो आपको सही गाइडेंस की जरूरत है.

जल नेति करने का सही तरीका

  • गुनगुने पानी में थोड़ा नमक मिलाएं.
  • नेति पॉट में पानी भरें.
  • सिर को एक तरफ झुकाएं.
  • एक नथुने से पानी डालें, जो दूसरे से बाहर निकले.
  • दोनों तरफ से प्रक्रिया दोहराएं.

इन बातों का रखें ध्यान

  • बहुत ज्यादा ठंडा या गर्म पानी इस्तेमाल ना करें.
  • पानी के साथ ज्यादा नमक इस्तेमाल ना करें.
  • सर्दी बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर से पूछें.
  • रोजाना करने से पहले सही तकनीक सीखें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.