Alcohol and Cancer: क्या कम शराब पीने से भी बढ़ सकता है कैंसर का खतरा? WHO ने बताई होश उड़ाने वाली सच्चाई

शराब का सेवन करना हेल्थ के लिए नुकसानदायक है, लेकिन कुछ लोग कम मात्रा में पीते हैं और समझते हैं कि ऐसा करने से कैंसर जैसी बीमारी से बचा जा सकता है. क्या वाकई में ऐसा होता है, इसको लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का क्या कहना है आइए जानते हैं. 

Is low level alcohol increase cancer risk

शराब पीने से शरीर में एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन काफी इफेक्ट होते हैं. Image Credit- AI

शराब लाइफस्टाइल का हिस्सा बन गई है, जिसे सुख हो या फिर दुख… हर सेलिब्रेशन में याद किया जाता है. हालांकि, शराब का सेवन करना हेल्थ के लिए नुकसानदायक होती है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग कभी-कभार शराब पी लेते हैं. इसको लेकर अक्सर माना जाता है कि कम मात्रा में शराब पीने से सेहत को कोई खास नुकसान नहीं होता, लेकिन क्या यह मानना सही है? क्या कम शराब पीने से भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? इसको लेकर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) और इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) का कहना है कि शराब पीने से कैंसर का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है. हालांकि, शराब कम पीने से कैंसर का खतरा कम हो जाता है या किस तरह की दिक्कत होने लगती हैं. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि रिसर्च इस बारे में क्या कहती है और शराब शरीर में कैंसर का खतरा कैसे बढ़ा सकती है. 

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क्या कम मात्रा में शराब पीने से भी कैंसर हो सकता है?

WHO का कहना है कि शराब पीने से कैंसर जैसी बीमारी का खतरा कम हो जाता है. शराब की मात्रा से होने वाले नुकसान को कम नहीं किया जा सकता है. हालांकि, इसके नुकसान हर इंसान के लिए अलग-अलग हो सकते हैं, क्योंकि शराब पीने से किसी भी तरह का नुकसान न हो यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है. रिसर्च के मुताबिक, शराब पीने से मुंह, गले, खाने की नली, लिवर, कोलोरेक्टल यानी बड़ी आंत और मलाशय जैसी परेशानियां हो सकती हैं. 

शराब शरीर में कैंसर का खतरा कैसे बढ़ाती है?

  • शराब पीने से शरीर में एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन काफी इफेक्ट होते हैं. महिलाओं में एस्ट्रोजन का बढ़ा हुआ स्तर ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है. यही वजह है कि शराब का सेवन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाने का काम करता है.  
  • शराब पीने से के ऐसे मेटाबॉलिज्म बन सकते हैं, जिससे कोशिकाओं, प्रोटीन और DNA को नुकसान पहुंचाता है. इसे मेडिकल भाषा में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस भी कहा जाता है और लंबे समय तक कोशिकाओं को होने वाले नुकसान कैंसर की बीमारी को बढ़ावा देते हैं.   
  • जो लोग शराब के साथ सिगरेट या दूसरे तंबाकू का सेवन करते हैं तो उनमें मुंह, गले और खाने की नली के कुछ कैंसर का खतरा ज्यादा हो सकता है. हालांकि, कैंसर की बीमारी खराब लाइफस्टाइल की वजह से भी हो सकती है.

क्या बीयर, वाइन और व्हिस्की सभी से कैंसर का खतरा बढ़ता है?

कई लोगों को लगता है कि वाइन या बीयर, व्हिस्की और रम जैसी शराब के मुकाबले कम नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं, लेकिन कैंसर का खतरा बढ़ सभी चीजों से बढ़ता है. WHO और IARC का कहना है कि शराब में मौजूद इथेनॉल शरीर में जाकर एसीटैल्डिहाइड में बदल सकता है. इसलिए बीयर, वाइन, व्हिस्की, रम और दूसरे अल्कोहल कैंसर जैसी बीमारी से जुड़े हुए हैं. 

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महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा क्यों बढ़ सकता है?

शराब और ब्रेस्ट कैंसर के बीच कई रिसर्च जा चुकी हैं. इसमें बताया गया है कि शराब पीने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर आप कम मात्रा में शराब पी रही हैं तो भी शरीर को नुकसान हो सकता है. हालांकि, किसी महिला में ब्रेस्ट कैंसर होने या न होने का कारण सिर्फ शराब नहीं हो सकता है. 

क्या कभी-कभार शराब पीना भी नुकसानदायक हो सकता है?

कभी-कभार शराब पीने से होने वाले नुकसान या ज्यादा मात्रा में शराब पीने के नुकसान अलग हो सकते हैं. शराब का सेवन जितना ज्यादा होता है, कई कैंसर का खतरा भी उतना बढ़ता है.  हालांकि, कैंसर के लिहाज से कभी-कभार या कम मात्रा में सेवन को पूरी तरह खतरे को कम नहीं किया जा सकता है. यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि खतरा बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि शराब पीने वाले हर इंसान को कैंसर होगा. 

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शराब छोड़ने से क्या कैंसर का खतरा कम हो सकता है?

अगर आप शराब अपने रूटीन से बिल्कुल हटा देते हैं तो कैंसर का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की एक रिसर्च के मुताबिक शराब छोड़ने और मुंह या नली के कैंसर का खतरा कम हो सकता है. फेफड़े भी हेल्दी रहते हैं और कोई बीमारी होने का खतरा काफी कम हो जाता है. 

कैसे पता लगाएं कि मुंह का कैंसर है?

  • लाल या सफेद धब्बे होना- आप शीशे में देखकर इस बात का पता लगा सकते हैं कि कहीं आपके मुंह के अंदर सफेद या लाल धब्बा तो नजर नहीं आ रहा और अगर आप रहा है तो यह कितने वक्त से मुंह के अंदर है. इस बात का पता लगाएं, क्योंकि यह कैंसर का संकेत हो सकता है.
  • 2 हफ्ते से ज्यादा छाले रहना- अगर आपके मुंह में छाला या कोई घाव है, जो 2 हफ्ते से है तो इसे नजरअंदाज न करें. वहीं, अगर ठीक होकर दोबारा उसी जगह पर नजर आ रहा है तो इसकी जांच कराना जरूरी है. यह कैंसर होने या शुरुआती लक्षण का हिस्सा हो सकता है.
  • सफेद या मोटी स्किन होना- मुंह में तंबाकू दबाने वाली जगह पर लाल या सफेद धब्बा नजर आ रहा है तो यह खतरनाक हो सकता है. मोटी पपड़ी या सूजन नजर आए या दर्द महसूस हो तो आपको डॉक्टर से बात करने की जरूरत है. यह कैंसर बनने का शुरुआती लक्षण हो सकता है, जिसे वक्त पर रोका जा सकता है. 
  • मुंह कम खुलना- कैंसर होने पर मुंह कम खुलता है और अगर कोशिश की जाती है तो दर्द होता है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है और आपका मुंह कम खुल रहा है तो आपको डॉक्टर से बात करने की जरूरत है. आप मुंह का टेस्ट कराएं और पूरा इलाज करें.

इसे भी पढ़ें- पीरियड्स रेग्युलर ना आना, ज्यादा बहाव या बिल्कुल भी नहीं इन 3 कैंसर का हो सकता है लक्षण, महिलाएं जांच में ना करें देरी

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

Source- WHO 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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