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हर मौसम में क्यों बिगड़ता है स्वास्थ्य? पतंजलि आयुर्वेद के टिप्स से समझें वात, पित्त और कफ को हेल्दी रखने का तरीका

Seasonal Changes Health Care: हर मौसम में स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह शरीर के दोषों का असंतुलन है. अगर आप ऋतुचर्या और आयुर्वेदिक नियमों को अपनाते हैं कि जैसे कि सही खानपान, योग, हर्बल उपाय तो आप पूरे साल फिट और हेल्दी रह सकते हैं.

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हर मौसम में क्यों बिगड़ता है स्वास्थ्य? Image Credit-News24

Importance Of Seasonal Lifestyle Changes: मौसम बहुत तेजी से बदल रहा है. इसलिए लोगों को सर्दी-खांसी, एलर्जी, स्किन प्रॉब्लम या पाचन से संबंधित परेशानियां होने लगती हैं. इसलिए लोग बीमार पड़ते रहते हैं और दवा करते रहते हैं. मगर कुछ दिनों बाद ही बीमारी वापस आ जाती है. असल में कई ऐसे रोग होते हैं जिन्हें अगर जड़ से खत्म ना किया जाए तो वे बार-बार आपको परेशान करते हैं. आज की हमारी चिकित्सा प्रणाली रोग को जड़ से खत्म करने की बजाय उसके लक्षणों से तुरंत आराम दिलाने में ज्यादा कारगर है. यही वजह है कि अब लोगों का रुझान आयुर्वेद की तरफ ज्यादा बढ़ रहा है. आयुर्वेद की मदद से आप रोग से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं. इसके अलावा, ऋतुचर्या यानी मौसम के अनुसार दिनचर्या जानना बेहद जरूरी होता है. यही तरीका पतंजलि आयुर्वेद भी अपने योग, आयुर्वेद और हर्बल उपायों के जरिए बताता है. साथ ही लोगों को कई तरह की आयुर्वेदिक दवाइयां भी उपलब्ध कराता है, जिनका सेवन करना फायदेमंद हो सकता है. 

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हर मौसम में क्यों बिगड़ता है स्वास्थ्य?

आयुर्वेद के अनुसार शरीर में तीन मुख्य दोष होते हैं, जिन्हें वात, पित्त और कफ बोला जाता है. इसमें मूवमेंट, नर्वस सिस्टम और इम्युनिटी आदि शामिल होते हैं. मौसम बदलते ही इन दोषों का संतुलन भी बदलता है, जिससे पाचन गड़बड़ होता है, इम्युनिटी कमजोर पड़ती है या एलर्जी और इंफेक्शन बढ़ते हैं.

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बीमार पड़ने के कारण

  • तापमान बदलना
  • वायरल इन्फेक्शन होना
  • एलर्जी होना
  • प्रदूषण की मात्रा बढ़ना
  • कमजोर प्रतिरोधक क्षमता का होना
  • बदलती लाइफस्टाइल  

पतंजलि आयुर्वेद कैसे मदद करता है?

पतंजलि आयुर्वेद योग, आयुर्वेदिक औषधि और नेचुरल लाइफस्टाइल पर जोर देता है. इसके विशेषज्ञों के अनुसार, ऋषि मुनियों ने जड़ी बूटी और सही लाइफस्टाइल पर जोर दिया गया है.  आयुर्वेदिक पद्धति में इलाज के दौरान चिकित्सक सिर्फ रोग के लक्षणों को ही नहीं देखता बल्कि आपके मन, प्रकृति, दोषों और धातुओं की स्थिति को भी ध्यान में रखता है.

त्रिदोष में कैसे रहें हेल्दी?

दिनचर्या अपनाएं- सुबह जल्दी उठना, योग और प्राणायाम करना शरीर की नैचुरल घड़ी के अनुसार खाना-पीना आदि. एक इंसान के लिए बहुत जरूरी है. जिससे शरीर दोषों के प्राकृतिक चक्र के साथ संतुलित रहता है.
ऋतु के अनुसार डाइट- शरीर को ऋतु के हिसाब से ट्रीट करना जरूरी है जैसे- सर्दी में गर्म और पौष्टिक खाना खाना जरूरी है. गर्मी में ठंडा और हल्का खाना और बारिश में हल्का और सुपाच्य खाना जरूरी है.
हर्बल सपोर्ट और नेचुरल टिप्स- पतंजलि के अनुसार, खुद को हेल्दी रखने के लिए जरूरी है कि आप आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का सहारा लें. आप आंवला, गिलोय और त्रिफला आदि को शामिल कर सकते हैं.
ऑयल मसाज- शरीर पर तेल मालिश करने से स्किन, नर्वस सिस्टम और जोड़ों को फायदा मिलता है. खासकर बदलते मौसम में यह वात दोष को शांत करने में मदद करता है.
योग और प्राणायाम- पतंजलि में योग को बहुत ही ज्यादा महत्व दिया जाता है. खुद को हेल्दी रखने के लिए कपालभाति, अनुलोम विलोम, भस्त्रिका आदि किया जा सकता है. ये शरीर को अंदर से डिटॉक्स करते हैं और इम्यूनिटी मजबूत बनाते हैं.

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आहार में हर्बल आयुर्वेदिक चूर्ण करें शामिल

बाबा रामदेव का कहना है कि बदलते मौसम में अदरक, तुलसी और गुड़ वाली जैसी जड़ी-बूटियां गर्म पानी में मिलाकर दिन में दो बार पीने से फायदा होगा. इसके अलावा, हल्दी-लहसुन वाला दूध रात को सोने से पहले लेने पर बीमारियों से बचाव होता है.

पतंजलि के एक्सपर्ट से फ्री परामर्श की सुविधा

पतंजलि के एक्सपर्ट से आप फ्री सुविधा के तहत बात कर सकते हैं. आप सुबह 6 से रात 10 बजे तक निःशुल्क टेलीमेडिसिन सेवा के तहत 1800 296 1111 पर बात कर सकते हैं. आप divyayoga.com के माध्यम से ईमेल के जरिए भी सलाह ले सकते हैं. मधुमेह, ब्लड प्रेशर, जोड़ों के दर्द और जीर्ण रोगों के लिए यह सेवा घर बैठे उपलब्ध है. 

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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