थायराइड बॉडी को कई तरह से इफेक्ट करता है और जब थायराइड हार्मोन नहीं बना पाता तो इसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है. इसके बाद थकान, वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसका इलाज डॉक्टर की सलाह पर ही किया जाता है. डाइट भी ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद कर सकती है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सिर्फ किसी खास चीज को खाने से थायराइड की समस्या ठीक नहीं होती. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज की एक रिसर्च के मुताबिक, हाइपोथायरायडिज्म को आमतौर पर थायराइड हार्मोन से कंट्रोल किया जाता है. ऐसे में अपनी डाइट पर ध्यान देना बहुत जरूरी है और कुछ चीजों को शामिल करने से काफी फायदा हो सकता है.
थायराइड बढ़ने पर क्या खाएं? | Thyroid Me Kya Khana Chahiye
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अंडे को डाइट में करें शामिल
अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं. नाश्ते या किसी मील में अंडे को शामिल किया जा सकता है. बता दें प्रोटीन से भरपूर डाइट लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती है और इंसान को बाहर के खाने की इच्छा कम हो जाती है. आप भी अंडा डॉक्टर की सलाह पर अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.
दाल और फलियों को बनाएं डाइट का हिस्सा
मूंग, मसूर, चना और दूसरी दालें प्रोटीन और कई पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं. अगर आप शाकाहारी हैं तो रोज थाली में इन चीजों को शामिल किया जा सकता है. डाइट में प्रोटीन शामिल करने का आसान तरीका दाल का सेवन करना है. हालांकि, एक बार आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
नट्स और बीज खाएं
बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज और दूसरे नट्स-सीड्स को स्नैक्स के तौर पर लिया जा सकता है. इनमें हेल्दी फैट, प्रोटीन और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को हेल्दी रखने का काम करते हैं. आपको बस मात्रा का ध्यान रखना है, ताकि भूख और इस बीमारी को कंट्रोल किया जा सके.
साबुत अनाज को डाइट में करें शामिल
ओट्स, ब्राउन राइस, दलिया और दूसरे साबुत अनाज बैलेंस डाइट का हिस्सा हो सकते हैं. इन्हें सब्जियों और प्रोटीन के स्रोत के साथ लेना बेहतर रहता है. आप अनाज को कई तरह से खा सकते हैं, लेकिन उबालकर खाना बेस्ट हो सकता है. ज्यादा मसाला इस्तेमाल करने से पेट खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.
आयोडीन को लेकर न करें मनमानी
थायराइड हार्मोन बनाने के लिए शरीर को आयोडीन की जरूरत होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि थायराइड की समस्या में ज्यादा आयोडीन लेना फायदेमंद होगा. खासकर ऑटोइम्यून थायराइड बीमारी में बहुत ज्यादा आयोडीन नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना आयोडीन सप्लीमेंट लेना ठीक नहीं रहेगा.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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Source- NIDDK
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