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विटामिन डी की कमी पूरी करने के लिए रोजाना कितनी देर धूप लेना जरूरी है? जानिए क्या कहती है रिसर्च

Vitamin D Deficiency: अक्सर सुबह की धूप लेने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि उसे कितनी देर तक लेना जरूरी है? जरूरत से ज्यादा धूप लेना क्या खतरनाक साबित हो सकता है, आइए NIH की एक रिसर्च से सच्चाई विस्तार से जानते हैं. 

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रोज कितनी धूप लेना हो सकता है सही? Image Credit- Gemini

विटामिन डी शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है, क्योंकि यह हड्डियों के लिए मायने रखता है और मांसपेशियों को हेल्दी बनाने का काम करता है. अगर इस विटामिन में कमी होती है तो बॉडी में कमजोरी महसूस होने लगती है. इसलिए ज्यादा डॉक्टर धूप में रहने की सलाह देते हैं, क्योंकि धूप में रहने से इस विटामिन की कमी पूरी होने लगती है. एनआईएच की एक रिसर्च के मुताबिक, शरीर धूप में मौजूद यूवीबी की मदद से स्किन में विटामिन डी बनाता है, लेकिन सवाल यह है कि रोजाना कितनी देर धूप लेना सही है? अगर जरूरत से ज्यादा ली जाए तो क्या हेल्थ को नुकसान हो सकता है. आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि एक इंसान को कितनी देर विटामिन डी लेना चाहिए. 

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रोज कितनी धूप लेना हो सकता है सही? 

इस रिसर्च में पुरुषों में धूप और विटामिन डी के बीच रिलेशन देखा गया. पुणे में 40 से 60 साल की उम्र के 160 पुरुषों पर हुई इस स्टडी में पाया गया कि विटामिन डी का लेवल बनाए रखने के लिए दोपहर के समय एक घंटे से ज्यादा की नॉर्मल धूप जरूरी हो सकती है. वहीं, लेवल ज्यादा बनाए रखने के लिए दो घंटे की धूप लेना सही माना गया है. ऐसे में यह कहा जा सकता है कि रोज दो घंटे की नींद लेना नॉर्मल हो सकता है.

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क्या 15 मिनट धूप लेने से बढ़ सकता है विटामिन डी? 

अक्सर कहा जाता है कि रोजाना 15 मिनट धूप लेने से विटामिन डी की जरूरत पूरी हो जाती है. लेकिन इसे सभी लोगों के लिए एक तय नियम नहीं माना जा सकता. धूप की UVB मात्रा मौसम, समय, जगह और स्किन के रंग के अनुसार बदलती रहती है. रिसर्च में बताया गया है कि इस दौरान शरीर के आगे और पीछे के हिस्से को 115 मिनट धूप मिली और विटामिन डी के स्तर में बढ़ोतरी देखी गई. 

धूप लेने का सही समय कितना जरूरी? 

सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच UVB इंडेक्स सबसे ज्यादा था. हालांकि, सर्दियों में कुछ जगहों पर धूप लेने के बावजूद विटामिन डी का लेवल बढ़ता हुआ नहीं देखा गया. इसलिए सिर्फ सुबह की हल्की धूप को विटामिन डी के लिए मानना सही नहीं होगा. 

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किन लोगों को ज्यादा धूप की जरूरत हो सकती है?

हर इंसान की विटामिन डी बनाने का लेवल अलग होता है. उम्र बढ़ने पर स्किन की विटामिन डी बनाने का लेवल कम हो सकता है. इसी तरह शरीर को ढककर रखने वाले कपड़े, सनस्क्रीन, बादल और प्रदूषण भी स्किन तक पहुंचने वाली UVB किरणों को इफेक्ट कर सकते हैं. 

विटामिन डी की कमी है तो क्या करें?

अगर आपको लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी या हड्डियों से जुड़ी परेशानी है तो सिर्फ धूप के भरोसे न रहें. विटामिन डी की कमी 25-हाइड्रोक्सी विटामिन डी टेस्ट से की जा सकती है. कमी मिलने पर डॉक्टर आपकी जरूरत के अनुसार डाइट, धूप या सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं.

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इसे भी पढ़ें- शरीर में किसकी कमी से ज्यादा नींद आती है? जानिए कौन सा विटामिन हो सकता है वजह

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- NIH

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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