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क्या एसिडिटी से हो सकता है कैंसर? डॉक्टर ने बताया कब खट्टी डकार को समझना चाहिए खतरे की घंटी

Acid Cause Cancer: अगर आपको लंबे वक्त से एसिडिटी की समस्या है या पेट में दर्द रहने की शिकायत है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. डॉक्टर का कहना है कि पेट खराब होने या खट्टी डकार आना पेट में कैंसर होने का भी कारण हो सकता है. 

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बार-बार खट्टी डकार आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसकी पहचान वक्त पर कर लेनी चाहिए. Image Credit- AI

खबर की मुख्य बातें:

  • एसिडिटी एक नॉर्मल समस्या है, लेकिन लगातार बनी रहने पर यह कैंसर का कारण बन सकती है.
  • लंबे समय तक एसिड रिफ्लक्स से खाने की नली की अंदरूनी लेयर में सूजन हो सकती है, जिससे बैरेट्स इसोफेगस बन सकता है.
  • बैरेट्स इसोफेगस में खाने की नली की कोशिकाओं में बदलाव होता है, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खानपान की गलत आदतों और बाहर के खाने की वजह से लोग एसिडिटी की समस्या से परेशान रहते हैं. कभी खाना खाने के बाद पेट में जलन होने लगती है, तो कभी गले तक खट्टा पानी आने लगता है. कुछ लोगों को बार-बार डकार आती है, जबकि कुछ लोगों को सीने में जलन और पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन महसूस होता है. आमतौर पर लोग इन लक्षणों को गैस या एसिडिटी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई लोग तुरंत राहत पाने के लिए खुद से दवाएं भी लेने लगते हैं, लेकिन लगातार दवा खाना हेल्थ के लिए अच्छा नहीं है. ऐसा इसलिए क्योंकि एक्सपर्ट डॉक्टर शालिनी सालुंके का कहना है कि एसिडिटी नॉर्मल बीमारी है, लेकिन लगातार बनी रहने पर कैंसर का कारण भी हो सकती है. इसलिए डॉक्टर की सलाह पर सीटी स्कैन जरूर कराएं, ताकि कैंसर जैसी बीमारी का वक्त पर पता लगाया जा सके. 

इसे भी पढ़ें- शरीर के किसी हिस्से में उभर आई है बिना दर्द वाली गांठ? हो सकता कैंसर का पहला साइलेंट सिग्नल

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एसिडिटी का मतलब क्या होता है? 

एसिडिटी एक आम समस्या है, जो अक्सर पेट के एसिड के खाने वाली नली की ओर वापस आने या पाचन से जुड़ी दूसरी परेशानियों के कारण होती है. कभी-कभार एसिडिटी होना आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती, क्योंकि इसे दवा से ठीक किया जा सकता है. हालांकि, पेट में खाने को पचाने के लिए एसिड बनता है और जब यह एसिड पेट से ऊपर खाने की नली में वापस आने लगता है तो सीने में जलन, खट्टी डकार और गले में खट्टा या कड़वा स्वाद महसूस हो सकता है. 

एसिडिटी के लक्षण

  • सीने में जलन होना
  • खट्टी डकार आना
  • मुंह में खट्टा पानी आना
  • पेट के ऊपरी हिस्से में जलन होना
  • पेट फूलना
  • मतली आना
  • गले में जलन होना
  • बार-बार डकार आना
  • लगातार खांसी या आवाज बैठना

क्या एसिडिटी से हो सकता है कैंसर?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि एसिडिटी होने का मतलब कैंसर नहीं है, लेकिन जब यह समस्या बार-बार होती है और लंबे समय तक बनी रहती है तो इसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज यानी GERD कहा जा सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि एसिड रिफ्लक्स की वजह से खाने की नली की अंदरूनी लेयर में सूजन और नुकसान हो सकता है. कुछ लोगों में इसकी वजह से बैरेट्स इसोफेगस नाम का बैक्टीरिया बनने लगता है. इसमें खाने की नली की अंदरूनी कोशिकाओं में बदलाव होने लगता है और कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर उस इंसान को कैंसर हो जाएगा जिसे लंबे समय से एसिडिटी की समस्या है. 

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बार-बार खट्टी डकार आने के पीछे क्या कारण हैं?

खट्टी डकार आने पर पेट में मौजूद एसिड या खाने का कुछ हिस्सा वापस गले की ओर आ सकता है. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिसकी पहचान वक्त पर कर लेनी चाहिए. 

  • ज्यादा खाना
  • तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना
  • खाने के तुरंत बाद लेटना
  • चाय और कॉफी का ज्यादा सेवन करना
  • मोटापा 
  • धूम्रपान करना

एसिडिटी और कैंसर के बीच क्या संबंध है?

एसिडिटी और कैंसर के बीच संबंध को समझने के लिए यह जानना जरूरी है कि नॉर्मल एसिडिटी और लंबे समय तक रहने वाले एसिड रिफ्लक्स में अंतर होता है. जब पेट का एसिड बार-बार खाने की नली में पहुंचता है तो वहां की अंदरूनी लेयर में जलन और सूजन हो सकती है. लंबे समय तक ऐसा होने पर कुछ लोगों में कोशिकाओं की संरचना में बदलाव आ सकता है, जिसे बैरेट्स इसोफेगस कहा जाता है. 

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बैरेट्स इसोफेगस क्या होता है? 

बैरेट्स इसोफेगस खाने की नली के कैंसर का एक प्रकार है, जिसे एडेनोकार्सिनोमा भी कहते हैं. हालांकि, यहां एक बात और समझना जरूरी है कि एसिडिटी और पेट के कैंसर को एक ही समस्या नहीं माना जा सकता. पेट या खाने की नली के कैंसर के लक्षण कई बार दूसरी पाचन संबंधी समस्याओं जैसे लग सकते हैं. इसलिए सिर्फ खट्टी डकार या सीने में जलन के आधार पर कैंसर मान लेना ठीक नहीं है. 

कब हो सकता है पैंक्रियाटिक कैंसर? 

पैंक्रियाटिक कैंसर तब होता है, जब खाना पचाने वाली कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बना जाती हैं. यह हिस्सा पेट के पीछे होता है, जिसे अग्नाशय के नाम से भी जाना जाता है. यह हिस्सा पाचन में मदद करने वाले एंजाइम और ब्लड शुगर को कंट्रोल करने वाला इंसुलिन बनाता है. इस कैंसर की शुरुआती स्टेज में गैस और खट्टी डकार आने की समस्या होती है, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं. 

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पैंक्रियाटिक कैंसर के लक्षण 

  • एसिडिटी कम न होना 
  • पेट फूलना
  • भूख कम लगना 
  • बिना वजह वजन घटना 
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द
  • हिचकी आना 
  • पीलिया की बीमारी होना 
  • ब्लड शुगर का अचानक ऊपर नीचे होना 

खट्टी डकार के साथ दिखने वाले इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज 

  • खट्टी डकार अकेले आमतौर पर कैंसर का संकेत नहीं होती, लेकिन अगर इसके साथ कुछ दूसरे लक्षण भी दिखाई दें तो डॉक्टर से जरूर बात करें.  
  • अगर खाना निगलते समय ऐसा महसूस होता है कि खाना गले या छाती में अटक रहा है तो आपको टेस्ट जरूर कराना चाहिए. 
  • अगर आप पहले की तरह खाना खा रहे हैं, लेकिन फिर भी वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें. 
  • बार-बार उल्टी आना, खाना खाने के बाद लगातार उल्टी होना या लंबे समय तक मतली बने रहना नॉर्मल नहीं माना जाना चाहिए. 
  • अगर आपको सप्ताह में कई बार सीने में जलन होती है या यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है तो डॉक्टर से जरूर बात करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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Source- NIDDK, NIH

 

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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