Chheenk Rokne Se Kya Hota Hai: कभी मीटिंग में बैठे हों, क्लास में शांति हो या किसी खास मौके पर हों, और अचानक नाक में गुदगुदी शुरू हो जाए, बस फिर क्या, उस समय तेज छींक आने वाली होती है. ऐसे समय में कई लोग शिष्टाचार या झिझक के कारण छींक को रोकने की कोशिश करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस तरह की हरकत करना आपकी जान के लिए कितना बड़ा खतरा हो सकता है?

शायद आपको मालूम न हो लेकिन छींक हमारे शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रक्रिया है. जब धूल, पराग कण, तेज गंध या वायरस नाक के अंदर घुसते हैं, तो शरीर उन्हें बाहर निकालने के लिए छींक के रूप में प्रतिक्रिया देता है. यह एक तरह का सुरक्षा अलार्म है, जो फेफड़ों और श्वसन तंत्र को साफ रखने में मदद करता है. जुकाम या एलर्जी के दौरान छींक आना और भी सामान्य है. इसलिए इसे रोकने के बजाय समझना जरूरी है कि यह शरीर की सफाई की प्रक्रिया है, न कि कोई शर्मिंदगी वाली बात. अगर आप यह सोच रहे हैं कि क्या होगा अगर आप छींक को रोक लें, तो आइए जानते हैं परिणाम कितने खकरनाक हो सकते हैं?

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: ब्लड कैंसर किसकी वजह से होता है? यहां जानिए किन 5 चीजों से करना चाहिए परहेज

---विज्ञापन---

शरीर पर क्या पड़ता है असर? What effect does stopping a sneeze have on the body?

छींक को जबरदस्ती रोकना नुकसानदायक हो सकता है, जब हम नाक और मुंह बंद करके छींक को रोकते हैं, तो शरीर के अंदर अचानक दबाव बढ़ जाता है. यह दबाव कान, गले और यहां तक कि दिमाग की नसों पर भी असर डाल सकता है. मेडिकल रिपोर्ट्स में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें छींक रोकने से कान का पर्दा फट गया या गले की नसों में चोट आ गई. इतना ही नहीं, अत्यधिक दबाव के कारण सिर में तेज दर्द, चक्कर या गर्दन में सूजन भी हो सकती है. कुछ दुर्लभ मामलों में रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ने से गंभीर समस्या भी हो सकती है. इतना नहीं, यह गलती दिमाग पर असर डाल सकती है, जिससे आपकी मौत तक हो सकती है. इसलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छींक को प्राकृतिक रूप से आने दें और उसे जबरदस्ती रोकने से बचें.

छींक आए तो क्या करें? जानिए सही तरीका

अगर आपको छींक आ रही है, तो उसे रोकने के बजाय सही तरीके से आने दें. छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या टिश्यू से हल्का ढकें, ताकि संक्रमण न फैले. अगर टिश्यू मौजूद नहीं है, तो कोहनी के अंदरूनी हिस्से में छींकें. इससे आसपास के लोगों को संक्रमण से बचाया जा सकता है. छींक के बाद हाथ अच्छी तरह साबुन से धोना भी जरूरी है.

यह भी पढ़ें: चलते-उठते जोड़ों से आती है कट-कट की आवाज? जानें इसके पीछे की असली वजह

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.