कैंसर की कीमोथेरेपी से कैसे लड़ीं Hina Khan, बताया किन मुश्किलों का करना पड़ा सामना

Hina Khan Cancer Treatment: हिना खान ने अपनी कीमोथेरेपी के सबसे कठिन दौर, शरीर में आए बदलाव, मानसिक संघर्ष और खुद को मजबूत बनाए रखने के तरीके पर खुलकर बात की. जानिए उन्होंने इलाज के दौरान किन चुनौतियों का सामना किया और कैसे सकारात्मक सोच, परिवार और आध्यात्मिकता ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी.

Hina Khan Cancer

कीमोथेरेपी के दर्द और हिम्मत पर खुलकर बोलीं हिना खान.

Hina Khan Breast Cancer: मशहूर टीवी एक्ट्रेस हिना खान अपनी शानदार ऐक्टिंग के लिए जानी जाती हैं. हालांकि, पिछले काफी समय से ब्रेस्ट कैंसर के खिलाफ अपनी जंग को लेकर हिना चर्चा में हैं. स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर (Stage 3 Breast Cancer) का इलाज कराने के बाद वह अब रिकवरी और मेंटेनेंस स्टेज में हैं. हिना समय-समय पर अपनी हेल्थ की अपडेट्स फैंस के साथ शेयर करती रही हैं. सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में अपने इलाज के दौरान आए चैलेंज्स के बारे में खुलकर बात की थी. हिना ने बताया कि कीमोथेरेपी सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि मानसिक तौर पर भी एक इंसान के लिए बहुत मुश्किल समय होता है. उन्होंने अपनी बॅाडी में आए बदलाव और पूरी जर्नी के बारे में बात की. साथ ही, हिना ने ये भी बताया कि इतने मुश्किल समय में खुद को कैसे संभाला.

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कब पता चला कि ब्रेस्ट कैंसर है

28 जून, 2024 को हिना खान ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर कर बताया कि हिना को स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर है. इंस्टाग्राम पोस्ट पर अपनी बीमारी के बारे में बताने के साथ-साथ उन्होंने ये भी कहा कि वो इसके इलाज के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

कीमोथेरैपी का सबसे मुश्किल हिस्सा क्या था

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हिना खान ने बताया कि हर 3 हफ्ते में एक कीमोथेरैपी सेशन होता था, जोकि उनके लिए बहुत दर्द से भरा होता था. हर सेशन के बाद का पहला हफ्ता सबसे ज्यादा मुश्किल होता था. उन्हें पूरे शरीर की नसों में दर्द होता था जिसे न्यूरोपैथिक पेन (Neuropathic Pain) भी कहते है. दर्द करने के लिए उन्हें दवाएं भी दी जाती थी लेकिन वो दवाएं पूरी तरह से दर्द को खत्म नहीं करती थी. हांलाकी अगले दो हफ्ते उनके लिए इतने दर्द से भरे नहीं होते थे.

शरीर में आए बदलावों ने भी किया परेशान

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हिना हमेशा से पतली रही हैं, ऐसे में वजन बढ़ना खासतौर से हिना के लिए मुश्किल भरा रहा, हिना ने कहा, “मैंने बहुत ज्यादा वजन बढ़ा लिया, मेरा शरीर बदल गया. मैंने अपने बाल खो दिया. यह एक झटका था जोकि बहुत-बहुत मुश्किल रहा.”

मानसिक रूप से खुद को कैसे संभाला

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हिना खान ने बताया कि शुरु में तो उन्होंने मजबूत रहने की काफी कोशिश की लेकिन फिर वक्त के साथ सिचुएशन को अपनाना मुश्किल लगने लगा. उन्होंने बताया कि इस दौरान मेंटली स्ट्रॉग रहना बहुत जरूरी होता है. हिना खान ने ये भी कहा कि उनके हिसाब से शारीरिक दिखावा आपको अच्छा लग सकता है लेकिन इसकी जगह मेंटल हेल्थ को लेनी चाहिए और इसी के साथ हर दिन पॅाजिटिव रहना चाहिए.

किन चीजों ने उन्हें हिम्मत दी

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हिना ने बताया कि इतने मुश्किल समय में भी कुछ चीजें ऐसी थी जो उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए ताकत देती रहीं. उन्होंने बताया कि आध्यात्मिकता (Spirituality) ने उन्हें इस जर्नी में बहुत ताकत दी. उन्होंने बताया कि हर कैंसर के रोगी के अपने चारों तरफ पॅाजिविटी ही रखनी चाहिए जिसमें आपका परिवार, मेडिटेशन और खुद पर विश्वास शामिल हो. वह इस समय को जीवन का अंत नहीं बल्कि एक फेज मानती है.

हिना का जीवन मंत्र

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हिना खान का मानना है कि जो भी हमारे जीवान में हो रहा है उस पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं है, लेकिन इसके बाद भी हमें अपना 100% देना चाहिए. हार मानना कोई विकल्प नहीं है, हार मानने की बजाय पूरी कोशिश करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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