High BP: ब्लड प्रेशर कंट्रोल में नहीं तो बढ़ सकता है जान का खतरा! दिल से किडनी तक ऐसे पहुंचता है नुकसान
Blood Pressure on Health: हाई बीपी की समस्या से आज देश की बड़ी आबादी परेशान है, लेकिन कई लोग इस आन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. आइए NHS से जानिए क्या है ये समस्या, जो आपकी जान के लिए खतरा बन सकती है?
हाई बीपी की समस्या कितनी खतरनाक है? (Image: AI/Pexels)
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बीमारियों से बचाव के लिए शरीर को हेल्दी रखना काफी जरूरी है, क्योंकि अगर आप अपनी सेहत और शरीर की जरूरतों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो भविष्य में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इन खतरनाक बीमारियों में एक बड़ा नाम हाई ब्लड प्रेशर है, जिसे अक्सर लोग आम समझते हैं और हल्के में लेकर नजरअंदाज करते रहते हैं. शायद आपको मालूम न हो, लेकिन हाई बीपी की समस्या को नजरअंदाज करना दिल से लेकर किडनी कई अंगों पर बुरा असर डाल सकते हैं, जिससे मरीज का जीवन खतरा में आ सकता है और मौत तक की स्थिति बन सकती है. आइए जानते हैं क्यों जरूरी है ब्लड प्रेशर के बारे में जानना और कितना बीपी नॉर्मल होता है?
NHS के अनुसार, ब्लड प्रेशर वह दबाव है, जो खून के धमनियों की दीवारों पर पड़ता है. धमनियां दिल से शरीर के दूसरे हिस्सों तक खून पहुंचाती हैं. सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mm Hg से कम माना जाता है. वहीं, जब ब्लड प्रेशर लगातार सामान्य स्तर से ज्यादा रहता है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहा जाता है. 130/80 mm Hg या इससे ज्यादा ब्लड प्रेशर को हाई माना जाता है. हालांकि, ये लेवल आपके दिनभर की एक्टिविटी पर निर्भर करता है. लेकिन जरूरी है कि आप नियमित रूप से जांच करते रहे, क्योंकि इसमें किसी तरह की परेशानी आगे बड़ी मुश्किल पैदा कर सकती है.
हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और कारण
हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर ‘साइलेंट’ समस्या कहा जाता है, क्योंकि आमतौर पर इसके कोई स्पष्ट संकेत या लक्षण नहीं मिल पाते हैं. कई लोगों को पता ही नहीं होता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. ऐसे में सिर्फ ब्लड प्रेशर की जांच ही यह पता लगाने का तरीका है कि किसी व्यक्ति को हाई बीपी है या नहीं. यह समस्या समय के साथ विकसित हो सकती है और इसके कई कारण व जोखिम कारण हो सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि इस समस्या को नजरअंदाज न किया जाए.
हाई ब्लड प्रेशर के प्रमुख कारण और जोखिम पैदा करने वाली वजहें:
कम फिजिकल एक्टिविटी: नियमित एक्सरसाइज न करना हाई बीपी का जोखिम बढ़ा सकता है.
डायबिटीज और मोटापा: कुछ स्वास्थ्य स्थितियां हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को बढ़ा सकती हैं.
गर्भावस्था: गर्भावस्था के दौरान भी हाई ब्लड प्रेशर हो सकता है.
तनाव और मानसिक स्वास्थ्य: लंबे समय तक डिप्रेशन, चिंता, तनाव या PTSD रहने पर हाई बीपी का खतरा बढ़ सकता है.
पारिवारिक इतिहास: परिवार में पहले किसी को यह समस्या रही है, तो हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा सकती है.
बीपी का ख्याल रखना क्यों जरूरी है?
NHS के अनुसार, हाई बीपी की समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करना शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकती है, जिससे जान का खतरा काफी बढ़ सकता है. NHS के अनुसार, हाई बीपी की समस्या के कारण दिल से जुड़ी बीमारियों, जिसमें हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ सकता है. इतना ही नहीं, स्ट्रोक और दिमाग से जुड़ी समस्याएं भी पैदा हो सकती है और किडनी की सेहत के लिए भी हाई-बीपी नुकसानदायक हो सकती है. इसलिए जरूरी है कि नियमित रूप से बीपी की जांच की जाए, ताकि हेल्थ बनी रहे.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.