Health Tips: आज के समय में दिल की बीमारियां बेहद तेजी (Heart Attack Issues) से बढ़ रही हैं. कभी यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब 20–30 वर्ष की उम्र के युवा भी हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति का शिकार हो रहे हैं. कई बार यह अटैक अचानक आता है और इंसान को संभलने का मौका भी नहीं देता. ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर क्या वजह है कि आज की युवा पीढ़ी इतनी जल्दी हार्ट अटैक का शिकार हो रही है? क्या इसके पीछे हमारी लाइफस्टाइल (Lifestyle) जिम्मेदार है या खानपान? तो आइए जानते हैं इस गंभीर विषय पर आचार्य मनीष से कि किन कारणों की वजह से कम उम्र में भी लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और कैसे हम इस खतरे से खुद को समय रहते बचा सकते हैं.
देर रात जगना
आचार्य मनीष के अनुसार आजकल कई लोग देर रात तक जागते हैं, जिससे हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसलिए सदियों से कहा जाता है कि रात को जल्दी सोना चाहिए और सुबह सूर्योदय से पहले जागना चाहिए. रात 10 बजे के बाद शरीर की प्राकृतिक ऊर्जा रिपेयर मोड (Repair Mode) में चली जाती है यानी शरीर खुद को हील करने लगता है. अगर हम इस समय भी जगे रहते हैं तो न केवल शरीर थकता है बल्कि दिल पर भी काफी दबाव पड़ता है, जिससे आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
देर रात खाना खाना
एक्सपर्ट का मानना है कि बहुत से लोग देर रात खाना खाते हैं, जबकि शरीर का लिवर इस समय के लिए डिजाइन नहीं है. आचार्य मनीष कहते हैं कि शरीर की एक समय-निर्धारित प्रणाली (system) होती है चाहे खाना हो या सोना. रात में 11–12 बजे खाना खाने से शरीर की टाइमिंग डिस्टर्ब हो जाती है. रात में शरीर का लिवर और पाचन तंत्र (Digestive System) आराम करना चाहता है, लेकिन देर से भोजन करने पर ये अंग थक जाते हैं और लंबे समय तक काम करने के लिए बाध्य होते हैं, जिससे दिल पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है.
4 चीजों पर पड़ता है बुरा असर
आचार्य मनीष कहते हैं कि देर रात खाना और देर रात सोना पेट (Stomach), पैंक्रियाज (Pancreas) लिवर (Liver) और स्प्लीन (Spleen) को डिस्टर्ब कर देते हैं, जिसकी वजह से आज कम उम्र में ही भी लोग हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.