खबर की मुख्य बातें:
- WHO के अनुसार, 70 डेसीबल (dB) तक की आवाज मानव कान के लिए सुरक्षित मानी जाती है, जबकि सामान्य बातचीत की आवाज लगभग 60 डेसीबल होती है.
- 80 डेसीबल (dB) की आवाज में हफ्तेभर में 40 घंटे तक म्यूजिक सुना जा सकता है, लेकिन 90 डेसीबल पर यह समय घटकर सिर्फ 4 घंटे रह जाता है.
- तेज आवाज में लंबे समय तक म्यूजिक सुनने से ‘टिनिटस’ जैसी समस्या हो सकती है, जिसमें कानों में घंटी बजने या सीटी जैसी आवाज सुनाई देती है.
- अपने डिवाइस पर वॉल्यूम को अधिकतम स्तर के 60% से कम रखें और नॉइज-कैंसलिंग हेडफोन का उपयोग करें.
आज के वक्त में कानों पर हेडफोन लगाना एक आम आदत बन गई है, गाना सुनने से लेकर किसी से बात करना हो तो इसकी मदद से ये सारे काम आसानी से हो जाते हैं. आमतौर पर फोन पर बात करते वक्त फोन को पकड़ना पड़ता है और अगर कोई दूसरा काम कर रहे हैं, तो ये मुश्किल हो जाता है, ऐसे में हेडफोन या एयरफोन काफी काम आते हैं. लेकिन जितना ये उपयोगी हैं, उसके साथ-साथ कान की सेहत पर भी असर डाल सकते हैं. आपने अक्सर लोगों को देखा होगा कि वह हर वक्त कानों को एयरफोन या फिर हेडफोन से ढके रहते हैं और तेज आवाज में गाने सुनते रहते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि हर वक्त हेडफोन का इस्तेमाल करना सही है? आइए इस स्टोरी में जानते हैं आपके इस सवाल का जवाब.
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तेज गाने कान पर क्या असर डाल सकते हैं?
WHO के अनुसार, तेज आवाज और लगातार शोर के संपर्क में रहना आपकी सुनने की क्षमता को हमेशा के लिए नुकसान पहुंचा सकता है. इसे नॉइज इंड्यूस्ड हियरिंग लॉस (NIHL) कहते हैं, तेज म्यूजिक, पटाखों या कॉन्सर्ट के बाद कानों में घंटी बजना, सीटी जैसी आवाज आना या सुनाई कम देना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं, इसलिए इसे जरा भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. हालांकि, कई बार सेंसरी सेल्स के ठीक होने पर यह परेशानी दूर हो जाती है, लेकिन लंबे समय तक तेज शोर के संपर्क में रहने से कानों की सेंसरी सेल्स और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है, इसमें पक्षियों की चहचहाहट या घंटी जैसी तेज आवाजें सुनने में परेशानी होती है. धीरे-धीरे यह समस्या बढ़कर भीड़भाड़ वाली जगहों पर बातचीत समझने में भी मुश्किल पैदा कर सकती है, इसलिए अगर आप हेडफोन में तेज-तेज गाने सुनते हैं तो अभी से इस आदत से बचने की जरूरत है.
कितनी देर तक म्यूजिक सुनना सुरक्षित है?
अब सवाल उठा है कि अगर किसी को म्यूजिक सुनना ही है तो वह कितनी देर सुन सकता है. म्यूजिक सुनने का सुरक्षित समय इस बात पर निर्भर करता है कि आवाज कितनी तेज है, क्योंकि जितनी ज्यादा आवाज होगी, उतनी ही कम देर तक म्यूजिक सुनना सुरक्षित रहेगा. बता दें कि (WHO) के अनुसार, 70 डेसीबल (dB) तक की आवाज मानव कान के लिए सुरक्षित मानी जाती है. इसके अलावा, सामान्य बातचीत की आवाज लगभग 60 डेसीबल होती है, जो पूरी तरह सामान्य है. ऐसे में 80 डेसिबल (dB) की आवाज में हफ्तेभर में 40 घंटे तक म्यूजिक सुना जा सकता है, जबकि 90 डेसीबल पर यह समय घटकर सिर्फ 4 घंटे रह जाता है. तेज आवाज में लंबे समय तक म्यूजिक सुनने से सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए अपने आसपास के शोर और म्यूजिक डिवाइस के वॉल्यूम का डेसीबल लेवल ऐप्स की मदद से चेक और मॉनिटर करना जरूरी है, ताकि आपकी कान की सेहत बनी रहे.
हेडफोन में गाना कैसे सुने?
WHO के अनुसार, अगर सही टिप्स को अपनाया जाए, तो कान सुरक्षित रह सकते हैं. इसके लिए:
- अपने डिवाइस पर वॉल्यूम को अधिकतम स्तर के 60% से कम रखें.
- अच्छी तरह फिट होने वाले और नॉइज-कैंसलिंग हेडफोन का इस्तेमाल करें. इससे वॉल्यूम बढ़ाने की जरूरत कम हो सकती है, खासकर तब जब आप शेर वाली जगह पर सफर कर रहे हों या किसी कैफेटेरिया जैसी शोर-शराबे वाली जगह पर हों.
- ऐसे डिवाइस (जैसे स्मार्टफोन और हेडफोन) चुनें जिनमें सुरक्षित तरीके से सुनने के लिए पहले से ही कुछ फीचर्स दिए गए हों, जैसे कि साउंड एक्सपोजर की निगरानी करना और वॉल्यूम को सीमित रखना.
- तेज आवाज सुनने में बिताने वाले समय को कम करें.
- अगर आप इन चीजों का ध्यान रखें, तो आप म्यूजिक आराम से सुन सकते हैं, लेकिन बिना सोचे-समझे तेज आवाज में सुनना आपको बड़ी समस्याओं में घेर सकता है.
इस समस्या का भी बढ़ सकता है खतरा
आपकी तेज गाने सुनने की आदत आपको ‘टिनिटस’ की समस्या का शिकार बना सकती है. इस समस्या में कानों में बिना किसी बाहरी आवाज के घंटी बजने, सीटी या भिनभिनाहट जैसी आवाज सुनाई देती है, इसी स्थिति को ‘टिनिटस’ कहते हैं. कई बार तेज म्यूजिक सुनने के बाद कानों में ऐसी आवाज महसूस होती है, जो कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है. ऐसा कानों की सेंसरी सेल्स में थकान के कारण होता है. हालांकि, बार-बार तेज आवाज या म्यूजिक के संपर्क में रहने से टिनिटस की समस्या लंबे समय तक बनी रह सकती है और लगातार टिनिटस सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचने का संकेत हो सकता है. इसके अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
कान में दर्द हो तो क्या करें?
सामान्य जानकारी के अनुसार, अगर लंबे समय तक हेडफोन या तेज आवाज में म्यूजिक सुनने के बाद कानों में दर्द महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें. सबसे पहले हेडफोन का इस्तेमाल बंद करें और कानों को आराम दें. लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से कानों की सेंसरी सेल्स पर असर पड़ सकता है, जिससे सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. अगर कान में दर्द बना रहता है या बार-बार परेशानी होती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें और उनकी द्वारा बताई गई दवा लें और साथ ही, हेडफोन पर म्यूजिक सुनते समय आवाज का लेवल और टाइमिंग का ख्याल रखें.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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SOURCE: WHO, Hearing Health Foundation
First published on:
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