अब न सिर्फ लाइफस्टाइल, बल्कि खाना खाने के तरीकों में कई तरह के बदलाव आए हैं. पहले के मुकाबले लोगों ने कांटे और चम्मच से खाना शुरू कर दिया है. हालांकि, एक वक्त था जब लोग खाना हाथ से खाया करते थे, लेकिन वक्त के साथ यह परंपरा बदलती गई और पूरी तरह से गायब हो गई. अब लोग अकेले में भी हाथ से खाना पसंद नहीं करते, लेकिन यह आदत सही नहीं है, क्योंकि इसको लेकर गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी का कहना है कि अगर खाना हाथ से खाया जाए तो फायदे दोगुना बढ़ सकते हैं. इसलिए बचपन से ही हाथ से खाने पर जोर दिया जाता है, ऐसे में आइए जानते हैं कि आप कांटे या चम्मच से खाना न खाने के बजाय हाथ से क्यों खा सकते हैं.
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पंच तत्वों के सामान हैं उंगलियां
आयुर्वेद में पांच उंगलियों को ब्रह्मांड के पांच तत्वों के सामान हैं. इसमें अंगूठा अग्रि, तर्जनी उंगली वायु, मध्यमा उंगली आकाश, अनामिका उंगली पृथ्वी और कनिष्ठिका उंगली को जल के तौर पर जाना जाता है. अगर खाते वक्त उन्हें चाटा जाए तो पेट को काफी हद तक फायदा हो सकता है. पेट को न सिर्फ आराम मिलता है, बल्कि फूड आसानी से भी पच जाता है.
हाथ से खाना और माइंडफुल ईटिंग
जब हम हाथ से खाना खाते हैं तो खाने को छूते हैं, उसकी गर्माहट महसूस करते हैं. इससे खाना और इसके स्वाद महसूस होता है. धीरे-धीरे और ध्यान लगाकर खाना इंसान को अपनी भूख और पेट भरने के संकेतों को पहचानने में मदद कर सकता है. इसलिए हाथ से खाना खाने से इंसान दिमाग लगाकर और शांत तरीके से खाना खाता है.
खाने की मात्रा पर ध्यान देने में मिल सकती है मदद
हाथ से खाना खाते समय इंसान अक्सर एक बार में उतना ही खाना उठाता है जितना वह आसानी से खा सके. इससे खाने की मात्रा पर ध्यान देने का मौका मिल सकता है. खासकर जब इंसान धीरे-धीरे खाता है और हर निवाले को महसूस करता है तो बहुत ज्यादा खाने से बचने में मदद मिल सकती है.
ज्यादा हाइजेनिक होना
आपको जानकर हैरानी होगी कि खाना ज्यादा हाथ के खाना हेल्दी माना जाता है, क्योंकि कांटे और चम्मच सिर्फ एक बार ही धोए जाते हैं. मगर हाथ से खाना खाने का कोई भी एक तरीका नहीं है. फायदा तभी मायने रखता है जब हाथ साफ हों. गंदे हाथों से खाने पर बैक्टीरिया और वायरस शरीर में पहुंच सकते हैं और इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है.
फिर हाथ से खाएं या चम्मच से?
हाथ से खाना खाना भारतीय खाने संस्कृति का एक सामान्य हिस्सा है और साफ हाथों से ऐसा करना पूरी तरह ठीक है. वहीं, चम्मच या कांटे से खाना भी गलत नहीं है और सेहत के लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है कि खाना पौष्टिक हो, मात्रा संतुलित हो, धीरे-धीरे खाया जाए और क्वालिटी का ध्यान रखा जाए.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.