Coffee Benefits: कॉफी हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है. चाय की तरह ही कॉफी के दीवाने भी कुछ कम नहीं हैं. लेकिन, दूध वाली चाय से उलट कॉफी के नुकसान से ज्यादा इसके फायदे गिनाए जाते हैं. एक हालिया रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया है कि कॉफी एंटी-एजिंग ड्रिंक (Anti Ageing Drink) की तरह काम करती है. टेलोमेरे बायोलॉजी रिसर्च में देखा गया है कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस इसे प्रभावित करता है जिससे एजिंग होती है और कॉफी के पॉलीफेनोल्स और क्लोजेनिक एसिड्स मेटाबॉलिक सिग्नलिंग और सेलुलर प्रोटेक्शन में मदद करते हैं. ऐसे में कॉफी एजिंग को कम करने में सहायक हो सकती है.
कॉफी किस तरह एजिंग कम करती है
कॉफी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट कंपाउंड्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस टेलोमेरे (Telomere) को छोटा करता है जिससे एजिंग जल्दी होती है यानी बुढ़ापा जल्दी आता है. ऐसे में कॉफी इस ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को घटाती है और इंडायरेक्टली एजिंग को कम करती है.
कॉफी में मौजूद पॉलीफेनोल्स मेटाबॉलिक और इंफ्लेमेटरी पाथवेज को इंफ्लुएंस करते हैं जिससे इंडायरेक्टली टेलोमेरे स्टेबिलिटी को सपोर्ट मिलता है. कॉफी का नियमित सेवन करने पर ये कंपाउंड्स और पोषक तत्व शरीर को मिलते हैं जिससे एजिंग कम होने में असर दिख सकता है.
कई मेंटल डिसोर्डर्स बायोलॉजिकल स्ट्रेस को बढ़ाते हैं और टेलोमेरे को प्रभावित करते हैं. ऐसे में कॉफी के एंटी-ऑक्सीडेंट्स कुछ हद तक सेलुलर सपोर्ट देते हैं. इसके अलावा, लाइफस्टाइल, डाइट और स्लीप पैटर्न के साथ ही फिजिकल एक्टिविटी एजिंग को प्रभावित करती है.
एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर ड्रिंक्स कम करती हैं एजिंग
एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर ड्रिंक्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करती हैं. इससे टेलोमेरे को फायदा मिलता है. कॉफी के अलावा, ग्रीन टी और कुछ फ्रूट बेस्ड ड्रिंक्स भी एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती हैं.
कॉफी को कैसे बनाएं बैलेंस्ड डाइट का हिस्सा
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.