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50% लोगों को लंग्स कैंसर का कारण सिगरेट नहीं! Apollo के डॉक्टर ने बताई असली वजह

ज्यादतर लोगों को लगता है कि लंग्स कैंसर सिर्फ सिगरेट पीने से होता है, लेकिन ऐसा नहीं है. अपोलो के डॉक्टर सारांश बंसल का कहना है कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. 

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सिगरेट नहीं तो फिर लंग्स कैंसर क्यों?

लंग्स कैंसर को आमतौर पर सिगरेट और तंबाकू से जोड़कर देखा जाता है. यह बात काफी हद तक सही भी है, क्योंकि स्मोकिंग लंग्स कैंसर का सबसे बड़ा खतरा है. लेकिन उन लोगों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है जिन्होंने कभी सिगरेट नहीं पी. अपोलो कैंसर सेंटर की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक भारत में लंग्स कैंसर से जूझ रहे करीब 40 से 50% लोगों ने कभी स्मोकिंग नहीं की. इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि सिगरेट लंग्स कैंसर का कारण नहीं है. बल्कि इसका मतलब यह है कि स्मोकिंग के अलावा भी कई ऐसे कारण हैं, जो फेफड़ों में कैंसर का खतरा बढ़ा सकते हैं. वो क्या हो सकते हैं, आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं. 

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सिगरेट नहीं तो फिर लंग्स कैंसर क्यों?

नॉन-स्मोकर्स में लंग्स कैंसर के पीछे कई कारण भी बताए हैं, जिसे वायु प्रदूषण, पैसिव स्मोकिंग, रेडॉन गैस, व्यावसायिक प्रदूषण और कुछ जेनेटिक बदलाव आदि शामिल हैं. 

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दूषित हवा फेफड़ों के लिए खतरा

लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेना फेफड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है. हवा में मौजूद कण फेफड़ों की गहराई तक पहुंच सकते हैं. खासकर ऐसे शहरों में जहां लंबे समय तक एयर पॉल्यूशन ज्यादा रहता है, वहां इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. 

खुद सिगरेट न पीने पर भी हो सकता है नुकसान

अगर घर या ऑफिस में कोई इंसान लगातार सिगरेट पीता है और आप उसके धुएं के संपर्क में रहते हैं तो इसे पैसिव स्मोकिंग कहा जाता है. दूसरे इंसान के सिगरेट के धुएं में मौजूद कण सांस के साथ आपके शरीर में भी पहुंच सकते हैं. अपोलो के अनुसार सेकंड-हैंड स्मोक नॉन-स्मोकर्स में भी लंग्स कैंसर के खतरे को बढ़ा देता है. 

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नॉन-स्मोकर्स में जेनेटिक बदलाव भी हो सकते हैं वजह

लंग्स कैंसर हमेशा बाहरी प्रदूषण या धुएं की वजह से ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है. कुछ नॉन-स्मोकर्स में कैंसर कोशिकाओं में खास जेनेटिक म्यूटेशन पाए जाते हैं. अपोलो के अनुसार नॉन-स्मोकर्स में होने वाले कुछ लंग्स कैंसर में जेनेटिक बदलाव देखे जा सकते हैं. ऐसे मामलों में ट्यूमर की टेस्टिंग की जा सकती है. 

कौन से लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें?

लंग्स कैंसर शुरुआती दौर में हमेशा लक्षण साफ नजर नहीं आते, लेकिन अगर लंबे समय तक ये लक्षण बने रहें तो डॉक्टर से टेस्ट जरूर करवाएं. 

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  •  लगातार या बढ़ती हुई खांसी 
  • खांसी के साथ खून आना
  • सांस फूलना या सांस लेने में परेशानी
  • सीने में दर्द
  • आवाज में लगातार भारीपन
  • बिना वजह वजन कम होना
  • भूख कम लगना
  • बार-बार फेफड़ों में संक्रमण होना
  • लगातार थकान या कमजोरी

क्या नॉन-स्मोकर्स को भी स्क्रीनिंग की जरूरत है?

हर नॉन-स्मोकर को लंग्स कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए CT करवाना जरूरी नहीं है. यह हाई-रिस्क लोगों के लिए इस्तेमाल की जाती है. इस दौरान फैमिली हिस्ट्री नहीं बहुत ही मायने रखती है. इसलिए खुद से CT कराने के बजाय पहले थोड़ा ध्यान दें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.


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Source- Apollo, Doctor Saraansh Bansal

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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