दिवाली के बाद उल्टी-दस्त और पेट दर्द की परेशानी क्यों बढ़ जाती हैं? फूड पॉइजन के इन लक्षणों को पहचानें
Food Poison: कई लोगों की शिकायत रहती है कि दिवाली व अन्य त्योहार के बीत जाने या उसी दौरान उनको पेट में तेज दर्द, उल्टी या दस्त की समस्या परेशान करने लगती है. इस कारण त्योहार का मजा खराब हो जाता है, आइए NIDDK से जानें फूड पॉइजन के लक्षण और उपाय.
त्योहार की मस्ती के बाद पेट की परेशानी? कहीं फूड पॉइजनिंग का शिकार तो नहीं हो गए आप? (Image: AI)
खबर की मुख्य बातें:
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दिवाली के दौरान खानपान में लापरवाही से फूड पॉइजनिंग हो सकती है, जो पाचन तंत्र का संक्रमण या जलन है.
दूषित भोजन या पेय पदार्थों के सेवन से फूड पॉइजनिंग होती है, जिसके लक्षण हल्के से गंभीर तक हो सकते हैं.
NIDDK के अनुसार, साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे कीटाणु फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं.
फूड पॉइजनिंग के ज्यादातर मामले अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ पीना महत्वपूर्ण है.
दिवाली का त्योहार खुशियों का त्योहार है, जिसमें लोग एक दूसरे के घर जाते हैं गिफ्ट देते हैं और इस दिन की खुशियां मनाते हैं. दिवाली की खुशियों के बीच अक्सर लोग अपनी हेल्दी डाइट को भुला बैठते हैं और बहुत तला-भुना ज्यादा मिठाइयां आदि खा लेते हैं, जिसका असर उनकी सेहत पर पड़ता है. अक्सर लोगों की शिकायत रहती है कि दिवाली के दिन या दिवाली के बाद उनको बहुत उल्टी-दस्त, पेट में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जो लंबे समय तक बना रहता है, ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर किन कारणों से ऐसी समस्या परेशान करने लगती है और कैसे इन समस्याओं से राहत पाया जा सकता है. आइए इस स्टोरी में जानें आप कैसे पेट दर्द और दस्त जैसी समस्या से राहत पा सकते हैं.
क्यों दिवाली में परेशान करती है उल्टी-दस्त और पेट दर्द की समस्या?
दिवाली के त्योहार पर घरों में तरह-तरह के पकवान, मिठाइयां और खाने-पीने की चीजें बनाई जाती हैं. इस दौरान खानपान में जरा सी लापरवाही फूड पॉइजनिंग की वजह बन सकती है. National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) के अनुसार, फूड पॉइजनिंग पाचन तंत्र में होने वाला संक्रमण या जलन है, जो दूषित भोजन या पेय पदार्थों के सेवन से हो सकती है. इसके ज्यादातर मामले कुछ समय में अपने आप ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ लोगों को गंभीर परेशानी हो सकती है. खासतौर पर शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए दिवाली पर खाने की साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है.
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फूड पॉइजन में कैसे दिखते हैं लक्षण?
दिवाली के दौरान दूषित मिठाई, बासी खाना या साफ-सफाई के बिना तैयार किए गए पकवान खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है. NIDDK के अनुसार, साल्मोनेला और ई. कोलाई जैसे कीटाणु शरीर में पहुंचकर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं. इसके लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं. कुछ लोगों में दूषित खाना खाने के कुछ घंटों बाद ही परेशानी शुरू हो जाती है, जबकि कुछ में लक्षण दिखने में कई दिन लग सकते हैं.
फूड पॉइजनिंग के प्रमुख लक्षण:
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दस्त या बार-बार पतले मल की समस्या
पेट में दर्द या ऐंठन
जी मिचलाना
उल्टी होना
बुखार आना
अगर दिवाली के दौरान उल्टी या दस्त की समस्या हो रही है, तो शरीर में पानी की कमी से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. ज्यादा कमजोरी या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें.
फूड पॉइजनिंग से कैसे पाएं राहत?
दिवाली के दौरान अगर ज्यादा मिठाई या दूषित खाना खाने से फूड पॉइजनिंग हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है. NIDDK के अनुसार, ज्यादातर मामलों में फूड पॉइजनिंग बिना किसी खास इलाज के अपने आप ठीक हो जाती है. हालांकि, उल्टी और दस्त के कारण शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है. ऐसे स्थिति पैदा न हो इसके लिए, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीना सबसे जरूरी है. अगर उल्टी हो रही है, तो एक साथ ज्यादा पानी पीने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी या अन्य साफ तरल पदार्थ पिएं. एडल्ट पानी, पतला किया हुआ फलों का जूस, स्पोर्ट्स ड्रिंक और सूप का सेवन कर सकते हैं. ज्यादा दस्त या डिहाइड्रेशन होने पर डॉक्टर की सलाह से ओआरएस लेना फायदेमंद हो सकता है. भूख वापस आने पर सामान्य भोजन शुरू किया जा सकता है, लेकिन ध्यान रखें, हल्का खाना खाएं, न की भारी, तला-भुना. बच्चों में उल्टी या दस्त होने पर डॉक्टर से सलाह लें. बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाइयों या उपायों अपनाना चाहिए.