24 घंटे में कितनी बार पेशाब करना चाहिए? यहां जानिए दिनभर में कितनी बार पेशाब आना नॉर्मल होता है

How Often Should You Pee: बहुत कम या जरूरत से ज्यादा बार पेशाब करने जाना किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या का लक्षण हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए एक दिन में कितनी बार पेशाब करना नॉर्मल होता है.

Urine

24 घंटे में पेशाब कितनी बार जाना चाहिए? Image Credits - Freepik

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Urine Problems: व्यक्ति दिनभर में कितनी बार पेशाब करता है यह कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे मूत्राशय की कैपेसिटी कितनी है, दिनभर में क्या और कितना पिया जा रहा है और व्यक्ति कि उम्र कितनी है. ऐसे में कितनी बार पेशाब किया जा रहा है यह संख्या आमतौर पर सभी के लिए अलग-अलग होती है. वहीं, अगर पेशाब (Peshab) करने की संख्या जरूरत से ज्यादा कम या ज्यादा हो तो उसमें भी दिक्कत है. ऐसे में यहां जानिए 24 घंटे में आमतौर पर कितनी बार तक पेशाब करने को नॉर्मल कहा जाता है.

एक दिन में कितनी बार पेशाब करना नॉर्मल है

सामान्यतौर पर एक दिन में यानी 24 घंटे में व्यक्ति का 4 से 10 बार पेशाब करना नॉर्मल कहा जाता है. यह पानी पीने की मात्रा और पानी के अलावा कौन सी ड्रिंक्स वगैरह पी जा रही हैं इसपर निर्भर करता है. इससे इतर व्यक्ति का बहुत कम या जरूरत से ज्यादा पेशाब करना किसी दिक्कत का लक्षण हो सकता है.

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कम पेशाब आने की क्या वजह है

दिनभर में अगर 4 से भी कम बार पेशाब किया जा रहा है या 400 मिलीलीटर से कम पेशाब किया जा रहा है तो उसे ओलिगुरिया कहा जाता है. कम पेशाब करना कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह हो सकता है –

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डिहाइड्रेशन – कम पेशाब करना निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन का संकेत होता है. यदि दिनभर में पर्याप्त पानी ना पिया जाए तो डिहाइड्रेशन होती है.

किडनी की दिक्कतें – किडनी (Kidney) सही तरह से काम नहीं कर पाती है तो पेशाब से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. यह किडनी की पथरी का भी संकेत हो सकता है.

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मूत्र मार्ग में रुकावट – मूत्राशय या मूत्रमार्ग में किसी तरह की रुकावट हो तो उसमें भी पेशाब कम आता है.

बढ़ा हुआ प्रोस्टेट – पुरुषों में बढ़े हुए प्रोस्टेट के कारण पेशाब में रुकावट होती है जिससे पेशाब कम आता है. कई बार इस दिक्कत में पेशाब बूंद-बूंद करके आता है.

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यूरिन इंफेक्शन – यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में भी पेशाब से जुड़ी दिक्कतें होती हैं, पेशाब कम या ज्यादा आ सकता है.

दवाओं का दुष्प्रभाव – दवाओं के साइड इफेक्ट्स से भी पेशाब कम आ सकता है.

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पेशाब ज्यादा आने की क्या वजह होती है

10 से ज्यादा बार या कहें जरूरत से ज्यादा पेशाब आना कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह से हो सकता है. ज्यादा पेशाब आने की ये वजहें हो सकती हैं –

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तरल पदार्थ ज्यादा लेना – अगर व्यक्ति दिनभर तरल पदार्थों का सेवन करता रहता है तो उसे बार-बार पेशाब आ सकता है.

ठंड का मौसम – सर्दियों में पसीना कम आता है जिससे तरल पदार्थ पेशाब के रास्ते ही निकलते हैं और बार-बार पेशाब आता है.

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डायबिटीज – बार-बार पेशाब आना या जरूरत से ज्यादा पेशाब आना डायबिटीज का संकेत हो सकता है.

यूरिन इंफेक्शन – अगर व्यक्ति को यूरिन इंफेक्शन हुआ हो तो भी बार-बार पेशाब आ सकता है.

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प्रोस्टेट का बढ़ना – प्रोस्टेट बढ़ने पर मूत्राशय एक बार में खाली नहीं हो पाता है जिसकी वजह से व्यक्ति को बार-बार पेशाब आ सकता है.

ओवरएक्टिव ब्लैडर – अगर व्यक्ति को ओवरएक्टिव ब्लैडर की दिक्कत हो जाए तो ब्लैडर की मांसपेशियां जरूरत ना होने पर भी सिकुड़ने लगती हैं और व्यक्ति को तेज पेशाब लगता है.

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किडनी की पथरी – मूत्राशय या किडनी में पथरी होने पर पेशाब की आवृति बढ़ सकती है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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