जंक फूड खाने से 11वीं कक्षा की छात्रा की चिपक गई आंतें, चली गई जान, जानिए साइलेंट किलर कैसे बना बाहर का खाना

Junk Food Side Effects: जंक फूड खाने पर शरीर एक नहीं बल्कि कई तरह से प्रभावित होता है. यह पाचन को खराब करने में बड़ी भूमिका निभाता है. लेकिन, क्या जंक फूड जानलेवा हो सकता है? यहां जानिए जंक फूड खाने पर क्या असर होता है.

Junk food

16 वर्षीय छात्रा की जंक फूड खाने से गई जान.

Junk Food Death: उत्तर प्रदेश के अमरोहा (Amroha) से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. 11वीं कक्षा में पढ़ रही 16 वर्षीय छात्रा कि आंतों के इंफेक्शन से मौत हो गई है और वजह बताई गई है आंतों का आपस में चिपक जाना और पाचन तंत्र का पूरी तरह से डैमेज होना. AIIMS में छात्रा की सर्जरी की गई लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. बताया जा रहा है कि छात्रा का पाचन तंत्र अनहेल्दी डाइटरी हैबिट्स के चलते खराब हो गया था. वह आयदिन घर का खाना खाने के बजाय बाजार से लाए गए चाउमीन, मैगी और पिज्जा वगैरह खाती थी. लेकिन, क्या सचमुच जंक फूड खाना जानलेवा हो सकता है?

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जंक फूड खाने पर क्या जान जा सकती है?

दिमाग पर असर – जंक फूड एडिक्टिव होता है. जंक फूड खाने पर शरीर डोपामिन को रिलीज करता है जिससे एडिक्शन बढ़ता है. इनमें फैट सोल्यूबल फाइबर ज्यादा होता है जिससे इंफ्लेमेशन भी होती है. इससे ब्रेन की केमिकल केमिकस्ट्री बिगड़ती है.

डायबिटीज का खतरा – जंक फूड में एडेड शुगर होती है. एडेड शुगर से डायबिटीज का खतरा बढ़ता है. इससे शरीर को एक्स्ट्रा कैलोरी भी मिलती है.

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हो सकता है कैंसर – जंक फूड्स में मौजूद रिफाइंड फ्लार का जरूरत से ज्यादा सेवन कैंसर सेल्स को बढ़ाने का काम करता है. जंक फूड्स से शरीर को टॉक्सिंस, प्रीजर्वेटिव्स और पेस्टिसाइड्स मिलते हैं.

मोटापा बढ़ता है – ज्यादा तेल और मसाले से बना जंक फूड खाने पर मोटापा बढ़ाता है. मोटापा कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह बनता है.

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किडनी डैमेज हो सकती है – जंक फूड किडनी की सेहत को बिगाड़ता है. प्रोसेस्ड फूड से बना जंक फूड किडनी को खराब (Kidney Damage) करता है.

बढ़ता है कॉलेस्ट्रोल – जंक फूड कॉलेस्ट्रोल को बढ़ाने का काम करता है. इससे दिल की सेहत खराब हो सकती है.

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आंतों पर असर – जंक फूड खाने पर इंफ्लेमेशन बढ़ती है, इससे गट बैरियर पर बुरा असर पड़ता है. इससे हार्मफुल गट बैक्टीरिया बढ़ते हैं और पाचन धीमा पड़ सकता है. आंतों की सेहत बिगाड़ने में जंक फूड का बड़ा रोल है.

जंक फूड कैसे डैमेज करता है आंतें

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जंक फूड में फाइबर की कमी होती है. फाइबर की कमी से पाचन स्लो हो जाता है, इससे वॉटर का एब्जॉर्प्शन कम होता है और शरीर से मल ठीक तरह से नहीं निकल पाता. फाइबर की कमी से कब्ज (Constipation) हो जाती है. कब्ज अगर लंबे समय तक बनी रही तो बवासीर हो सकता है या रेक्टम डैमेज हो सकता है. ऐसे में फाइबर की कमी से कब्ज और कब्ज से आंतों को होने वाला नुकसान आंतों को डैमेज करने लगता है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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