डिजिटल स्ट्रेस शरीर को बना सकता है बीमारियों का घर, जानिए यौगिक लाइफस्टाइल कैसे कर सकता है मदद

What is Digital Stress: डिजिटल स्ट्रेस आज की सबसे बड़ी छिपी हुई समस्या बन चुका है, जो धीरे-धीरे शरीर को बीमारियों का घर बना सकता है. अगर वक्त पर ध्यान दिया जाए तो कभी हद तक राहत मिल सकती है. 

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डिजिटल स्ट्रेस से बचने के आसान उपाय. Image Credit- AI

Digital Stress Kaise Hota Hai: आजकल कई ऐसी बीमारियां सामने आने लगी हैं जिसके बारे में पहले कभी सुना ही नहीं होता. इन बीमारियों में डिजिटल स्ट्रेस भी शामिल है. मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक हम स्क्रीन से जुड़े रहते हैं और देखते देखते यह हमारे शरीर के लिए खतरनाक बन जाता है. हालांकि, स्क्रीन टाइम से लगातार जुड़े रहना शरीर और मन दोनों पर ही गहरा असर डालता है. अगर समय रहते इसे नहीं संभाला गया तो यह कई गंभीर बीमारियों का रूप ले सकता है. ऐसे में यौगिक लाइफस्टाइल एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आता है. अगर आप भी इस बीमारी से ग्रस्त हैं और छुटकारा पाना चाहते हैं तो पतंजलि आयुर्वेद सेंटर में इसका सटीक इलाज मिल जाएगा. वहीं, अगर आप घर पर इलाज करना चाहते हैं तो बाबा रामदेव के बताए नुस्खे अपना सकते हैं. ये नुस्खे क्या हैं आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं. 

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डिजिटल स्ट्रेस क्या होता है?

डिजिटल स्ट्रेस लगातार स्क्रीन या डिजिटल डिवाइस इस्तेमाल करने की वजह से हो जाता है. इससे मानसिक और शारीरिक स्तर पर काफी असर पड़ता है, जो लंबे समय तक रहता है. 

डिजिटल स्ट्रेस के कारण 

  • लगातार स्क्रीन टाइम
  • सोशल मीडिया की तुलना 
  • काम का डिजिटल प्रेशर
  • नींद की कमी

डिजिटल स्ट्रेस के लक्षण 

  • सिरदर्द और आंखों में जलन होना 
  • नींद ना आना
  • चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी होना 
  • गर्दन और पीठ दर्द होना 

यौगिक लाइफस्टाइल क्या है?

इससे छुटकारा पाने के लिए आयुर्वेद यौगिक लाइफस्टाइल अपनाने पर जोर देता है. इसका मतलब होता है एक ऐसी जीवनशैली अपनाना जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाए रखे. इसमें योग, प्राणायाम, ध्यान, सात्विक आहार और अनुशासित दिनचर्या शामिल होती है. यह सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, बल्कि जीने का एक तरीका है, जो हमें प्रकृति के करीब लाता है और तनाव से दूर रखता है. 

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पतंजलि ने योग सूत्र को बताया हल 

योग के जनक माने जाने वाले महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र के माध्यम से बताया कि कैसे मन को नियंत्रित करके जीवन में शांति पाई जा सकती है. पतंजलि एक्सपर्ट के मुताबिक, योग मन की चंचलता को रोकने का उपाय है. आज के डिजिटल युग में, जहां मन लगातार भटकता रहता है. पतंजलि के सिद्धांत पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं. 

सात्विक भोजन पर दिया है जोर 

यौगिक लाइफस्टाइल में भोजन का बहुत बड़ा योगदान होता है. सात्विक भोजन शरीर को हल्का, मन को शांत और ऊर्जा से भरपूर बनाता है. 

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सात्विक आहार में क्या होता है?

आप सात्विक आहार में फल, सब्जियां, दालें, अनाज, दूध, घी और कम मसाले और कम तेल वाला खाना आदि पर जोर देते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि ऐसा करने से मानसिक शांति मिलती है और पाचन बेहतर होता है. डिजिटल स्ट्रेस से जूझ रहे लोगों के लिए सात्विक भोजन बेहद फायदेमंद माना जाता है. 

आयुर्वेदिक दिनचर्या का महत्व क्या है? 

आयुर्वेद में दिनचर्या यानी रोजमर्रा की आदतों को बहुत अहम माना गया है. इसको लेकर बाबा रामदेव भी मानते हैं कि अगर व्यक्ति अपने रोज की आदतों पर जोर दे तो काफी हद तक बीमारियों को कम किया जा सकता है. 

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डिजिटल स्ट्रेस से बचने के आसान उपाय

  • स्क्रीन टाइम सीमित करें और जब काम हो तभी डिजिटल चीजों से जुड़ें. 
  • सोने से 1 घंटा पहले मोबाइल बंद करें और जल्दी सोने की कोशिश करें. 
  • दिन में डिजिटल ब्रेक जरूर लें और 2 घंटे दिमाग को आराम दें. 
  • ऑफलाइन एक्टिविटी को अपनी जिंदगी में शामिल करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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