Diabetes Care: दशहरे पर मिठाई खाने का है मन? डायबिटीज के मरीज जरूर जान लें ये जरूरी बातें
Diabetes Festival Sweets: शुगर की बीमारी में मीठा खाना सेहत के लिए नुकसानदायक माना जाता है, लेकिन त्योहारों में हर किसी का मन करता है कि थोड़ा तो मिठाई खाया जाए. आइए जानते हैं कैसे आप शुगर के बीमारी में मिठाई खा सकते हैं और ज्यादा खाना क्या असर डाल सकता है?
त्योहार में शुगर के मरीज कैसे खाएं मिठाई? (Image: AI)
खबर की मुख्य बातें:
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डायबिटीज दुनिया की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है, जिसमें खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है.
NIH के अनुसार, डायबिटीज तब होती है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही उपयोग नहीं कर पाता है.
CDC के अनुसार, डायबिटीज के मरीज सही मात्रा और खानपान का ध्यान रखकर कभी-कभी मिठाई का सेवन कर सकते हैं.
बढ़ा हुआ शुगर स्तर दिल, किडनी, आंख, दिमाग और नसों सहित शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है.
Sugar Tips: दशहरा के दिन करीब है, जिसमें लोग तरह-तरह की मिठाई खाएंगे और दूसरों को खिलाएंगे, लेकिन जिन लोगों को डायबिटीज की बीमारी होती है, उनके लिए त्योहारों में मीठा खाना सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है और जान पर भी खतरा बन सकता है. अगर आप भी डायबिटीज की बीमारी से पीड़ित, लेकिन परिवार के साथ दशहरे में खूब मिठाई खाने की योजना बनाएं बैठे हैं, तो आइए आपको बताते हैं आपका मीठा खाना आपकी सेहत पर कैसा असर डाल सकता है और अगर खाना है, तो कैसे सुरक्षित तरीके से मिठाई खा सकते हैं?
डायबिटीज को लेकर कहा जाता है कि ये दुनिया की उन गंभीर बीमारियों में से एक है, जो व्यक्ति को इतना कमजोर कर देती है, उसका जीवन खतरे में आ जाता है. आपको बता दें कि इस बीमारी को जरा से हल्के में लेना और शुगर लेवल को ट्रिगर करने वाली चीज का ज्यादा सेवन आपकी जान पर खतरा बन सकती है. NIH के अनुसार, डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो तब होती है, जब खून में ग्लूकोज का लेवल बढ़ने लगता है. ये ग्लूकोज आपके शरीर में एनर्जी पैदा करती है. इतना ही नहीं, आपको बता दें कि, इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैंक्रियाज में बनता है, यह ग्लूकोज को आपकी सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है ताकि उसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए सही तरीके से किया जा सके. लेकिन डायबिटीज की स्थिति में आपका शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है/ बनाना बंद कर देता है या फिर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है. इस समस्या के कारण ग्लूकोज आपके खून में रह जाता है और आपकी कोशिकाओं तक नहीं पहुंच पाता है. डायबिटीज के कारण, दिल, किडनी, आंख, दिमाग आदि पर गंभीर असर पड़ता है और इन्हें ये नुकसान पहुंचाता है, जिससे व्यक्ति की मौत तक हो सकती है.
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डायबिटीज में मिठाई खाना कितना सही?
अब सवाल उठता है कि डायबिटीज की बीमारी में मिठाई का सेवन करना सेहत पर क्या असर डालेगा? CDC के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों के लिए मीठा खाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें अपनी पसंदीदा मिठाई से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए. दरअसल, मिठाई और स्टार्च वाली चीजों में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ा सकती है. अगर ब्लड शुगर लंबे समय तक कंट्रोल में न रहे, तो इससे सेहत से जुड़ी कई परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, सही मात्रा और खानपान का ध्यान रखकर डायबिटीज के मरीज कभी-कभी मिठाई का स्वाद ले सकते हैं. हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि वे अपनी डाइट, ब्लड शुगर और डॉक्टर की सलाह लें, वरना सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है.
हाई-ब्लड शुगर का सेहत पर क्या पड़ेगा असर?
बिना डॉक्टर की सलाह, खुद से मात्रा तय करके मिठाइयों का सेवन शरीर पर गंभीर असर डाल सकता है, जिस कारण आप और आपका परिवार खुशियों के सीजन में भी दुख में रहेगा. आपको जानकर हैरानी होगी कि बढ़ा हुआ शुगर लेवल शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों पर बुरा असर डाल सकता है. इसमें;
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दिल- खून वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाना, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है.
आंखें- आंखों के पिछले हिस्से में मौजूद छोटी खून की वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाना, जिससे देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है.
पैर – खून का प्रवाह कम होना और नसों को नुकसान पहुंचना, जिससे घाव में संक्रमण होने और उसके ठीक होने में मुश्किल आने का खतरा बढ़ जाता है; साथ ही, पैर काटने (एम्प्यूटेशन) की नौबत भी आ सकती है.
कान- आंतरिक कान से दिमाग तक जाने वाले नर्व सिग्नल पर असर पड़ना, जिससे सुनने की क्षमता कम हो सकती है.
नसों – सुन्नपन या दर्द होना, जिससे रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है.
मुंह – हानिकारक बैक्टीरिया का बढ़ना, जिससे कैविटी और मसूड़ों की बीमारी हो सकती है.
खून वाहिकाएं को नुकसान- बढ़ा हुआ शुगर खून वाहिकाओं की दीवारों को नुकसान पहुंचना सकता है, जिस कारण खून का प्रवाह कम हो सकता है.
पेट – पेट की नसों को नुकसान पहुंचना, जिससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाना या रुक जाना.
दिमाग- दिमाग की खून वाहिकाओं को नुकसान पहुंचना, जिससे स्ट्रोक या याददाश्त जाने (मेमोरी लॉस) का खतरा हो सकता है.
यौन स्वास्थ्य- नसों को नुकसान पहुंचना और खून की आपूर्ति कम होना, जिससे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और वजाइनल ड्राइनेस (योनि में सूखापन) जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
त्वचा- त्वचा में संक्रमण होना या त्वचा पर गहरे धब्बे जैसे बदलाव आना.
किडनी – किडनी की वेस्ट को छानने की क्षमता कम हो जाना, जिससे क्रोनिक किडनी डिसीज हो सकती है.
त्योहार में कैसे करें मिठाई का सेवन?
CDC के अनुसार, डायबिटीज में मिठाई खाने से पहले कुछ बातों को समझा और अपनाया जाएं, तो काफी फायदा मिल सकता है.
कार्बोहाइड्रेट की मात्रा का रखें ध्यान
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डायबिटीज के मरीजों के लिए मिठाई खाते समय कार्बोहाइड्रेट की मात्रा पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. चीनी, मैदा और दूध से बनी कई मिठाइयों में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है. इसलिए दिनभर में आप क्या खा रहे हैं और कितनी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट ले रहे हैं, इसका ध्यान रखें. अगर आप मिठाई खाने का मन बना रहे हैं, तो अपने पूरे दिन के खानपान की योजना पहले से बनाकर रखें. हालांकि, मिठाई के लिए जरूरी पोषक तत्वों वाले भोजन में कटौती न करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें.
मिठाई कम मात्रा में खाएं
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डायबिटीज होने पर मिठाई खाने की इच्छा को पूरी तरह दबाना जरूरी नहीं है और न ही, खुलकर खाना अच्छा है, बल्कि इसकी मात्रा पर कंट्रोल रखना चाहिए. एक बार में ज्यादा मिठाई खाने के बजाय थोड़ी मात्रा लें और धीरे-धीरे खाएं, ताकि आप उसके स्वाद का आनंद भी ले सकें. हालांकि, इससे ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा खत्म नहीं होता. इसलिए मिठाई खाते समय अपनी ब्लड शुगर की स्थिति, रोजाना के खानपान और डॉक्टर की सलाह का ध्यान रखना जरूरी है.
मिठाई के हेल्दी विकल्प चुनें
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डायबिटीज के मरीज मीठा खाने की इच्छा होने पर कुछ बेहतर विकल्प चुन सकते हैं. उदाहरण के लिए, मिल्क चॉकलेट या व्हाइट चॉकलेट के बजाय थोड़ी मात्रा में डार्क चॉकलेट खाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसके अलावा, सेब और केला जैसे फल भी मीठे की क्रेविंग पूरी करने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, फलों में भी प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, इसलिए इन्हें खाते समय भी मात्रा का ध्यान रखें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.