आज के समय में डायबिटीज सिर्फ उम्रदराज लोगों की बीमारी नहीं रही, बल्कि यह युवाओं और बच्चों को भी तेजी से अपनी गिरफ्त में ले रही है. सोचने वाली बात है, जो बीमारी पहले मुश्किल से हुआ करती थी, आज हालात ऐसे हैं या फिर कहें कि लोगों ने अपनी लाइफस्टाइल ऐसी बना ली है कि कम उम्र में ही लोग इस गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं. लेकिन इसी को लेकर एक सवाल भी कई बार सामने आता है कि अगर माता-पिता को शुगर की बीमारी यानी डायबिटीज है, तो उनके बच्चों को भी क्या डायबिटीज होकर रहेगी? आइए जानते हैं इसे लेकर क्या कहती है साइंस?

यह भी पढ़ें: क्या बर्थ कंट्रोल पिल्स से बढ़ता है कैंसर का खतरा? जानिए क्या है इसके पीछे की असल सच्चाई

---खबर नीचे जारी है---

डायबिटीज की बीमारी के पीछे क्या जेनेटिक्स ही जिम्मेदार है? Is genetics solely responsible for diabetes?

कई रिसर्च यह बताती हैं कि डायबिटीज में जीन यानी वंशानुगत कारण अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है. आपकी रोजमर्रा की आदतें, खानपान और लाइफस्टाइल भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं. परिवार में एक जैसी खाने की आदतें और कम शारीरिक गतिविधि इस जोखिम को और बढ़ा देती हैं. हालांकि, अच्छी बात यह है कि अगर आप समय रहते अपनी लाइफस्टाइल सुधार लें, तो टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है और आप हेल्दी लाइफ जी सकते हैं.

---खबर नीचे जारी है---

कैसे कम करें डायबिटीज का खतरा? Diabetes Prevention Tips

---खबर नीचे जारी है---

अगर आपके माता-पिता को डायबिटीज की बीमारी है और और सोचते हैं कि आपको भी यह बीमारी होकर रहेगी, चाहे आप कुछ भी कर लें, तो ऐसा नहीं है! डायबिटीज के पीछे एक सबसे बड़ी वजह लाइफस्टाइल और खानपान है, जो जेनेटिक्स और बढ़ावा देते हैं कि वह व्यक्ति को डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी का शिकार बनाएं. हालांकि अगर आप अपनी डेली-रूटीन में कुछ बदलाव कर सें और अच्छी आदतों को अपना लें, तो आप इस स्थिति से अपना बचाव कर सकते हैं. आइए जानते हैं क्या करना होगा?

---खबर नीचे जारी है---

वजन कंट्रोल

---खबर नीचे जारी है---

अगर आपका वजन सामान्य से ज्यादा है, तो डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर आप पूरा दिन बैठकर काम करते हैं और अनहेल्दी खा-खाकर मोटे होते जा रहे हैं, तो आपको अपने वजन को कंट्रोल करने की जरूरत है.

एक्टिव लाइफस्टाइल

रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर इंसुलिन को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करता है. मांसपेशियां के एक्टिव रहने पर खून से ग्लूकोज को आसानी से अवशोषित कर लेती हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल संतुलित बना रहता है और अचानक नहीं बढ़ता. इसलिए आपको चाहिए कि आप हर दिन या हफ्ते में 1 से 2 घंटा एक्सरसाइज करें और अपने आपको एक्टिव रखें.

सही डाइट ही है असली सुरक्षा कवच

डायबिटीज से बचने के लिए खानपान पर ध्यान देना बेहद जरूरी है. अपनी डाइट में साबुत अनाज, हरी सब्जियां, ताजे फल और दालों को शामिल करें, क्योंकि ये फाइबर से भरपूर होते हैं और शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करते हैं. साथ ही, नट्स, बीज और ऑलिव ऑयल जैसे हेल्दी फैट्स को अपनाएं और तला-भुना या प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं.

मीठा और बाहर का तला खाने से दूरी बनाएं

अगर आप बहुत ज्यादा मीठा खाते हैं और बाहर का तला-भुना खाना पंसद करते हैं, तो आपको चाहिए कि आप अपनी इस क्रेविंग पर काबू पाएं और इसे कम करें. ज्यादा सेवन आपको डायबिटीज का शिकार बना सकती है.

यह भी पढ़ें: कोविड से रिकवर हुए लोगों को जरूरी कराना चाहिए ये जरूरी टेस्ट, बढ़ रहा है कैंसर का खतरा!

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.