दाल को 4 घंटे भिगोना क्यों जरूरी है? एक्सपर्ट ने बताया ऐसा करने से पेट फूलने से मिलती है राहत

Dal Bhigone Ka Tarika: दाल में मौजूद पोषक तत्वों का पूरा लाभ पाने के लिए उसे सही तरीके से भिगोना बेहद जरूरी होता है. अगर इसको बिना भिगोए या कम भिगोकर पकाया जाता है तो इसमें मौजूद तत्व पाचन को प्रभावित करने का काम करते हैं.

Dal Bhigone Ka Tarika

ऐसा करने से गैस, अपच और ब्लोटिंग की दिक्कतें कम होती हैं. Image Credit- Freepik

विज्ञापन

How To Soak Lentils: दाल भारतीय थाली का एक अहम हिस्सा है. इससे मिलने वाले प्रोटीन और पोषक तत्व शरीर को हेल्दी रखने का काम करते हैं. अगर सही तरह से दाल को अपने आहार में शामिल किया जाए तो फायदा दोगुना हो जाता है. इसको लेकर आचार्य मनीष जी का कहना है कि दाल को बनाने से पहले भिगो देना बेहद फायदेमंद होता है. वहीं, अगर दाल को बिना भिगोए या कम समय भिगोकर पकाया जाए तो इसमें मौजूद कुछ तत्व पाचन को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे दाल खाने के बाद गैस बनने या पेट फूलने की समस्या होने लगती है. इसलिए एक्सपर्ट की राय है कि दाल को पकाने से पहले लगभग 4 घंटे तक भिगोकर रखें, क्योंकि इससे दाल में मौजूद पाचन-विरोधी तत्व कम हो जाते हैं और शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं.

इसे भी पढ़ें- पथरी ना हो इसके लिए क्या करें? डॉक्टर ने बताया किडनी के मरीजों को क्या खाना चाहिए

विज्ञापन

दाल को भिगोकर खाने के फायदे | Lentils Soaking Benefits 

दाल को 4 घंटे भिगोना क्यों जरूरी है?

दाल को 4 घंटे तक भिगोना फायदेमंद है. इससे दाल के पोषक तत्व शरीर को सही तरीके से मिल पाते हैं और आपको किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है.

पेट फूलने से राहत मिलना- कई लोगों को दाल खाने से गैस बनने की शिकायत हो जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि दाल में मौजूद फाइटिक एसिड और टैनिन जैसे तत्व मौजूद होते हैं. हालांकि, भिगोने से इन पोषक तत्वों का असर कम हो जाता है.

दाल का जल्दी पकना- दाल भिगोने की वजह से वह अच्छी तरह से पक जाती है और इसके दाने भी अंदर से मुलायम हो जाते हैं. इसलिए दाल को कम से कम 4 घंटे तक भिगोएं और स्वाद को बेहतर करें.

विज्ञापन

गंदगी साफ होना- कई बार दाल पर मिलावट की जाती है. अगर दाल को 4 घंटे तक भिगोया जाता है तो मिलावट की आसानी से पहचान की जा सकती है. आप धोने के बाद दाल को अच्छी तरह से मिलाएं.

दाल भिगोने का सही तरीका

  • सबसे पहले दाल को एक कटोरी में निकालें और अच्छी तरह से साफ कर लें.
  • अब पानी को डालें और अच्छी तरह से रगड़कर दोबारा पानी को भर दें.
  • पानी भरने के बाद लगभग दाल को 4 घंटे के लिए भिगोकर रख दें. इससे दाल की गंदगी आसानी से साफ हो जाएगी.
  • भिगोने के बाद दाल का पानी फेंक दें. साफ पानी से दाल को दोबारा धोएं और फिर पकाने की तैयारी करें.  

इन बातों का रखें ध्यान

  • दाल को कभी भी 6 घंटे से ज्यादा भिगोने की गलती ना करें. ऐसा करने से दाल के अंदर का खमीर ऊपर आ सकता है.
  • दाल भिगोने के बाद और इस्तेमाल करने से पहले धोना ना भूलें. साथ ही, इसके पानी को फेंक दें क्योंकि इस दौरान पानी में एंटी-न्यूट्रिएंट्स घुल जाते हैं.
  • गर्मी ज्यादा है तो दाल को फ्रिज में रख दें. इससे पानी खट्टा नहीं होगा और दाल पकने के बाद खराब नहीं होगी.  

इसे भी पढ़ें- पेट में गैस को तुरंत कैसे ठीक करें? यहां जानिए किस मसाले का पानी पेट फूलने की दिक्कत कम करता है

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ