भरपेट खाना खाने के थोड़ी देर बाद, फिर लगने लगती है भूख? जानिए क्यों डायबिटीज में कभी नहीं भरता पेट
क्या खाना खाने के बाद कुछ ही देर में आपको दोबारा तेज की भूख लगने लगती है, जिस कारण दिन में कई बार खाना पड़ता है? आइए जानते हैं किस गंभीर बीमारी का कारण हो सकती है ये बदलाव और क्या ये ठीक हो सकती है.
खाने के बाद भी बार-बार लगती है भूख? जानिए किस बीमारी को हो सकता है खतरा (Images: AI/Pexels)
Constant Hunger After Eating Diabetes Symptom: भूख हर किसी को लगती है, लेकिन समस्या तब बन जाती है; जब भर पेट खाना खाने के बावजूद बार-बार भूख लगने लगती है. अक्सर लोगों की शिकायत रहती है, जब वह पेट भर कर खाना खा लेते हैं, तो कुछ ही देर बाद उन्हें फिर से भूख लगने लगती है और स्थिति ऐसी हो जाती है कि फिर से कुछ भारी खाना पड़ता है. अगर आप बार-बार इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो हो सकता है कि आप डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी का शिकार हो गए हो. अगर आपको इस बीमारी के बारे में नहीं मालूम है और आप अपने परिवार में पहले शख्स है, जिसे ये बीमारी हुई है, तो आइए आपको इस बीमारी के बारे में कुछ अहम बातें और इसके लक्षणों के बारे में बताते हैं.
NIH के अनुसार, डायबिटीज एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जो तब होती है, जब खून में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है. ये ग्लूकोज आपके शरीर में एनर्जी पैदा करती है. आपको बता दें कि, इंसुलिन एक हार्मोन है जो पैंक्रियाज में बनता है, यह ग्लूकोज को आपकी सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है ताकि उसका इस्तेमाल एनर्जी के लिए सही तरीके से किया जा सके. लेकिन जब कोई व्यक्ति डायबिटीज की बीमारी का शिकार हो जाता है, तो उसके शरीर में पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता है, बनाना बंद हो जाता है या फिर इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाता है. इस समस्या के कारण ग्लूकोज की मात्रा खून में बढ़ती जाती है और शरीर के कई अंगों पर असर पड़ने लगता है.
शरीर को बना देती है खोखला
CDC के अनुसार, डायबिटीज की वजह से लंबे समय तक ब्लड शुगर का लेवल ज्यादा रहने से सेहत से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, दूसरे शब्दों में कहे, तो यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करती है, जिस कारण शरीर खोखला होने लगता है और व्यक्ति गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है.
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दिल- ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाना और हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक या हार्ट फेलियर का कारण बनना. आंखें- आंखों के पिछले हिस्से में मौजूद छोटी ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाना, जिससे देखने की क्षमता खत्म हो सकती है. पैर- ब्लड फ्लो कम होना और नसों को नुकसान पहुंचाना, जिससे घाव में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और घाव जल्दी ठीक नहीं होता; साथ ही पैर काटने की नौबत भी आ सकती है. कान – कान के अंदर दिमाग तक नर्व सिग्नल पहुंचने की प्रक्रिया पर असर पड़ना, जिससे सुनने की क्षमता कम हो सकती है. नसों – सुन्नपन या दर्द होना, जिससे रोजमर्रा के काम करने में मुश्किल होती है. मुंह – नुकसानदायक बैक्टीरिया का बढ़ना और कैविटी व मसूड़ों की बीमारी होना. ब्लड वेसल्स – ब्लड वेसल्स की दीवारों को नुकसान पहुंचाना और ब्लड फ्लो कम होना. पेट- पेट की नसों को नुकसान पहुंचाना और पाचन धीमा होना या रुक जाना. दिमाग – दिमाग की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाना और स्ट्रोक या याददाश्त कम होने की समस्या होना. सेक्शुअल हेल्थ – नसों को नुकसान पहुंचाना और ब्लड सप्लाई कम होना, जिससे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और वजाइनल ड्राइनेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं. त्वचा – स्किन इन्फेक्शन या त्वचा पर काले धब्बे जैसी समस्याओं का होना. किडनी – किडनी की वेस्ट फिल्टर करने की क्षमता कम होना, जिससे क्रोनिक किडनी डिजीज हो सकती है.
इससे आप समझ गए होंगे कि यो छोटी सी दिखने वाली बीमारी, आपका क्या हाल कर सकती है और आपको भविष्य में कितनी बड़ी मुश्किलों में धकेल सकती है. इसलिए जरूरी है कि इसके लक्षणों को समझा जाए और वक्त रहते सही कदम उठाए जाएं.
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किन-किन कारणों से व्यक्ति हो सकती है डायबिटीज का शिकार?
NIDDK के अनुसार, डायबिटीज का शिकार व्यक्ति कई कारणों से हो सकता है, इसमें कुछ तो ऐसे कारण होते हैं, जिसे ज्यादातर लोग आम आदत मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. आपको हैरानी होगी कि मोटापा डायबिटीज का कारण बनता है, ज्यादा तला-भुना, मसालेदार, मीठा खाने से भी डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा कम फिजिकली एक्टिव रहने से भी व्यक्ति डायबिटीज का शिकार हो सकता है. इतना ही नहीं, परिवार में पहले किसी को अगर डायबिटीज रहा हो, तो भी इस बीमारी का खतरा बना रहता है.
कैसे दिखते हैं डायबिटीज के लक्षण?
बता दें कि डायबिटीज के कई प्रकार होते हैं, जिसमें प्रमुख टाइप-1 और टाइप-2 है. CDC के अनुसार, डायबिटीज के कुछ मुख्य लक्षण दोनों ही टाइप में एक जैसे होते हैं, अगर किसी व्यक्ति को ये लक्षण दिखे, तो बेहतर रहेगा कि वह डॉक्टर से जांच कराएं और उनकी सलाह के अनुसार, उचित कदम उठाए. शुगर की बीमारी के लक्षणों की बात करें, तो इनमें;
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बार-बार पेशाब आना.
ज्यादा प्यास और भूख लगना.
बिना कोशिश किए वजन कम होना.
थकान महसूस होना.
चिड़चिड़ापन या मूड खराब रहना.
धुंधला दिखाई देना.
बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) या यीस्ट इन्फेक्शन होना.
इतना ही नहीं, इसके अलावा भी कई लक्षण है, जो डायबिटीज के मरीजों में देखने को मिलती है, इनमें कटने, छिलने या घाव का बहुत धीरे-धीरे ठीक होना.
गर्दन, बगल या जांघों के आस-पास की त्वचा पर काले धब्बे बनने लगना, हाथों या पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी महसूस होना भी शामिल है. बेहतर रहेगा कि अगर आपको किसी तरह की परेशानी या फिर शरीर में कोई बदलाव दिखाई दे रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें.
कैसे डायबिटीज की बीमारी से पाएं राहत?
अगर आप सोच रहे हैं कि डायबिटीज की बीमारी दवाओं से ठीक हो सकती है, तो ये आपकी बड़ी भूल है. मेडिकल साइंस ने अभी तक इस बीमारी का पक्का इलाज नहीं निकाल पाया है. इस बीमारी के खतरे को कम रखने के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने की जरूरत होती है, जब जाकर ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है और अंगों पर असर कम पड़ता है.
कैसे रखें शुगर लेवल को कंट्रोल?
ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने के लिए आपको अपने हेल्दी वेट, यानी मोटापा है, तो वजन घटाना पड़ेगा. इसके अलावा, हेल्दी खाना, रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी करना, सुस्त डेली-रूटीन से दूरी, नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना जरूरी है. ध्यान रखें कि ज्यादा बढ़ा हुआ शुगर लेवल और ज्यादा घटा हुआ शुगर लेवल सेहत पर असर डालता है, इसलिए इसे कंट्रोल में रखना जरूरी है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.