खबर की मुख्य बातें:
- कब्ज का मतलब है मल त्यागने के तरीके में बदलाव आना, जैसे कम बार मल आना या मल त्यागने में मुश्किल होना.
- NHS के अनुसार, कब्ज के कारणों में पर्याप्त फाइबर और पानी न लेना, शारीरिक गतिविधि की कमी, और टॉयलेट जाने की इच्छा को नजरअंदाज करना शामिल है.
- कब्ज के लक्षणों में पिछले हफ्ते में 3 बार से कम मल त्याग करना, मल का असामान्य रूप से बड़ा या छोटा, सूखा, सख्त या गांठदार होना शामिल है.
सुबह उठने के बाद जब पेट साफ नहीं होता, तो ज्यादातर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन जब यही सिलसिला लगातार दो या उससे ज्यादा दिनों तक चलता है, तो मन में सवाल उठने लगता है कि आखिर शरीर के अंदर रुका हुआ मल कहां रहता है और इस सेहत पर क्या असर पड़ता है? कुछ लोगों को लगता है कि मल आंतों में जमा होकर सड़ने लगता है, जबकि कुछ इसे आम समस्या मानकर कई दिनों तक ध्यान नहीं देते. अगर आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो यह जानना जरूरी है कि कितने दिन तक पेट साफ न होना सामान्य माना जा सकता है, कब्ज की पहचान कैसे होती है और कब यह समस्या डॉक्टर से सलाह लेने की वजह बन सकती है. आइए इस स्टोरी में जानते हैं सभी सवालों के जवाब.
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क्या है कब्ज की समस्या?
कब्ज का मतलब है मल त्यागने के तरीके में बदलाव आना, जैसे कि कम बार मल आना या मल त्यागने में मुश्किल होना. यह एक आम समस्या है और हर उम्र के लोगों को हो सकती है. आमतौर पर ये समस्या 1-2 दिन तक रहती है और कुछ मामलों में ये कुछ और दिन भी बढ़ सकती है. लेकिन समस्या तब पैदा होने लगती है कि दवाओं व लाइफस्टाइल में बदलाव के बाद भी कब्ज की समस्या बनी रहती है और इसे देखते हुए दिल में दूसरी किसी गंभीर बीमारी का डर सताने लगता है. अगर आपको भी ये समस्या हो रही है, तो इसका इलाज किया जा सकता है, कुछ आदतों की मदद से और यहां तक की आप डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का भी सेवन कर सकते हैं.
किन कारणों से हो सकती है कब्ज की समस्या?
कब एक ऐसी समस्या है, जो एक या दो नहीं बल्कि कई कारणों के वजह से हो सकती है, लेकिन इसका एक सबसे बड़ा कारण हमारी खुद की लाइफस्टाइल होती है, जो इस तरह की स्थिति को पैदा करती है. NHS (National Health Service) के अनुसार, जो चीजें व्यक्ति में कब्ज का कारण बनती है, उनमें;
- पर्याप्त मात्रा में फाइबर न लेना (फाइबर फलों, सब्जियों और अनाज में पाया जाता है)
- पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना
- पर्याप्त फिजिकल एक्टिविटी की कमी या फिर लंबे समय तक बैठे या लेटे रहना
- कम एक्टिव रहना और एक्सरसाइज न करना
- अक्सर टॉयलेट जाने की इच्छा को नजरअंदाज करना
- खानपान अच्छा न रखना
- दवा का साइड इफेक्ट
- तनाव, चिंता या डिप्रेशन
इन सबके अलावा, प्रेग्नेंसी के दौरान और बच्चे के जन्म के बाद कब्ज होना आम बात है. अगर आपकी उम्र 65 साल से ज्यादा है, तो भी यह समस्या आम हो सकती है.
सिर्फ मल त्याग न होना ही नहीं कब्ज के लक्षण
अगर बीते कुछ घंटों से मल त्याग नहीं हो रहा है, तो इसका मतलब ये नहीं है कि आपको कब्ज भी हो. इसके अलावा कई ऐसे लक्षण हैं, जो बताते हैं कि व्यक्ति कब्ज की समस्या से परेशान है. इसमें;
- पिछले हफ्ते में आपने कम से कम 3 बार मल त्याग नहीं किया है या आप सामान्य से कम बार मल त्याग कर रहे हैं
- मल असामान्य रूप से बड़ा या छोटा है और सूखा, सख्त या गांठदार है
- मल त्याग करते समय आपको जोर लगाना पड़ता है या दर्द होता है
- आपको ऐसा लगता है कि आपका पेट पूरी तरह साफ नहीं हुआ है
अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या महसूस हो रही है, तो हो सकता है कि आपको कब्ज हो गया है, इसलिए बेहतर रहेगा कि आप डॉक्टर से सलाह लें और राहत के लिए लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें.
क्या पेट में सड़ने लगती है पॉटी?
अक्सर आपने लोगों को कहते सुना होगा कि अगर कोई व्यक्ति कई दिनों तक पॉटी नहीं करता है या फिर कब्ज की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो उसकी आंतों में मौजूद नसल सड़ने लगता है और वह गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकता है. लेकिन मेडिकल साइंस इसकी कुछ और ही हकीकत बताता है. NHS के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति कई दिनों से पॉटी नहीं कर रहा है, तो उसके आंत में मौजूद मल धीरे-धीरे सूखता जाएगा और एक वक्त आएगा कि वह कठोर हो जाएगा, जिससे बाद में त्यागने में परेशानी हो सकती है. इसलिए बेहतर रहेगा कि आपको जब कब्ज की समस्या हो, तो बिना देरी डॉक्टर से सलाह लें.
किन आदतों से ठीक हो सकती है कब्ज की समस्या
- NHS के अनुसार, कुछ बदलावों से कब्ज की समस्या काफी हद तक ठीक हो सकती है. राहत के लिए अच्छी और बैलेंस डाइट लें, फलों का सेवन करें, जिसमें सोर्बिटोल नामक तत्व हो, जैसे सेब, अंगूर, रास्पबेरी और स्ट्रॉबेरी
- पानी वक्त-वक्त पीते रहें और दूसरे ड्रिंक्स का भी सेवन करें.
- शराब से दूरी बनाएं
- खाने में फाइबर को शामिल करें.
- इन सबके अलावा, रोजाना टॉयलेट जाकर फ्रेश हों, जब भी पॉटी महसूस हो तो लंबे समय तक रोके मत.
रोजाना चलने व दौड़ने की आदत डालें - अगर कब्ज की समस्या लंबे समय तक रहे और राहत न मिलें, तो डॉक्टर से सलाह लें और उनके द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन करें.
कैंसर भी हो सकता है कब्ज का कारण
आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि कुछ मामलों में कब्ज की जुड़े कैंसर से जुड़ी होती है. NIH के अनुसार, कुछ खास तरह के कैंसर. कब्ज उन कैंसर का लक्षण हो सकता है जो पेट के अंगों पर दबाव डालते हैं, आंतों से मल के निकलने में रुकावट डालते हैं, या रीढ़ की हड्डी की उन नसों पर असर डालते हैं जो आंतों से जुड़ी होती हैं. कब्ज का कारण बनने वाले कुछ कैंसर में कोलन कैंसर, रेक्टल कैंसर, ओवेरियन कैंसर और ब्रेन ट्यूमर शामिल हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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