Cholesterol Pain Areas: कॉलेस्ट्रोल एक तरह का चिपचिपा पदार्थ होता है जो शरीर के एक नहीं बल्कि कई अंगों को प्रभावित करता है. कॉलेस्ट्रोल 2 तरह का होता है, अच्छा कॉलेस्ट्रोल यानी HDL और बुरा कॉलेस्ट्रोल LDL. शरीर को सही तरह से काम करने के लिए अच्छे कॉलेस्ट्रोल की जरूरत होती है. अगर यह कॉलेस्ट्रोल जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए तो इसे गंदा कहा जाता है. यह रक्त धमनियों में जमना शुरू हो जाता है और ब्लड फ्लो को बाधित करने लगता है जिससे शरीर के अलग-अलग अंगों तक खून सही तरह से नहीं पहुंच पाता है. ऐसे में यहां जानिए हाई कॉलेस्ट्रोल (High Cholesterol) होने पर या कहें शरीर में गंदा कॉलेस्ट्रोल बढ़ जाने पर कहां-कहां दर्द होने लगता है.
यह भी पढ़ें - पुरुषों में कैसे दिखते हैं Kidney Damage होने के लक्षण? यहां जानिए किडनी खराब होने का पहला संकेत क्या है
---विज्ञापन---
कॉलेस्ट्रोल बढ़ने पर कहां-कहां दर्द होता है
सीने में दर्द - कॉलेस्ट्रोल धमनियों में जमने से ब्लड फ्लो सही तरह से नहीं हो पाता है जिससे दिल की दिक्कतें होने लगती हैं. ऐसे में सीने में प्रेशर, टाइटनेस और सिंकुड़न महसूस होती है.
---विज्ञापन---
पैरों में दर्द - पैर शरीर का सबसे निचला हिस्सा है और ब्लड फ्लो सही तरह से ना होने के कारण पैरों तक खून नहीं पहुंच पाता है. इससे पैरों में दर्द हो सकता है.
मसल्स में दर्द - हाई कॉलेस्ट्रोल के कारण मसल्स में दर्द रहने लगता है.
ये भी हैं हाई कॉलेस्ट्रोल के लक्षण
- कॉलेस्ट्रोल बढ़ने पर आंखों के आस-पास पीले धब्बे या मस्से नजर आने लगते हैं.
- अक्सर ही थोड़ा-बहुत काम करने या किसी एक्टिविटी को करने पर सांस फूलने लगती है.
- हाथ-पैरों में झनझनाहट और सुन्नपन महसूस होता है.
- पैरों में अक्सर ही अकड़न महसूस होती है.
- गर्दन, जबड़े और पीठ में दर्द महसूस हो सकता है.
- मोटापा भी हाई कॉलेस्ट्रोल के लक्षणों (High Cholesterol Symptoms) में शामिल है.
कॉलेस्ट्रोल कम करने के लिए क्या करना चाहिए
गंदा कॉलेस्ट्रोल कम करने के लिए सैचुरेटेड फैट्स का सेवन कम करना चाहिए. लाल मीट, फुल फैट डेयरी प्रोडक्ट्स और प्रोसेस्ड या पैकेटबंद चीजों का कम सेवन करना चाहिए. खानपान का सही होना बेहद जरूरी है ऐसे में सोल्यूबल फाइबर का ज्यादा सेवन करें. अपनी डाइट में राजमा, ओटमील, सेब, ऑलिव ऑयल और सूखे मेवे शामिल करें. इसके अलावा, वजन घटाने की कोशिश करें, स्मोकिंग छोड़ दें. एल्कोहल के सेवन को सीमित कर दें और रोजाना एक्सरसाइज करने की कोशिश करें.
यह भी पढ़ें - बच्चेदानी में ट्यूमर होने के क्या लक्षण हैं? यहां जानिए Uterus Cancer का कैसे पता चलता है
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.