डायबिटीज (Diabetes) अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही, बल्कि यह हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रही है. चिंता की बात अब यह है कि छोटे बच्चे भी तेजी से इस रोग का शिकार बन रहे हैं. पहले जहां शुगर की समस्या ज्यादातर वयस्कों में देखी जाती थी, वहीं अब स्कूल जाने वाले बच्चों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं. बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ता मोटापा इस स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं. समय रहते जागरूक होना बेहद जरूरी है, वरना यह बीमारी अपके बच्चों का भविष्य दवाइयों और बीमारियों में फंसा कर खराब कर सकती है. इस स्टोरी में हम आपको कुछ ऐसे संकेत बताएंगे, जिससे आप यह पता लगा सकेंगे कि कहीं आपके बच्चे तो शुगर की समस्या के करीब तो नहीं पहुंच गए. आइए जानते हैं.
यह भी पढ़ें: सफेद दाग को जल्दी कैसे ठीक करें? बाबा रामदेव ने बताए इलाज करने के 5 असरदार तरीके
गलत खानपान और स्क्रीन टाइम बना बड़ी वजह
सामान्य जानकारी के अनुसार, बच्चों में डायबिटीज (Diabetes in Childrens) बढ़ने का सबसे बड़ा कारण जंक फूड, मिठाइयों और मीठे पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन है. बच्चों के बीच फास्ट फूड और पैकेज्ड खाने की आदत बहुत आम होती है और खुद माता-पिता उनको यह सब चीजें देते हैं, लेकिन आपको शायद जानकारी न हो यह तमाम चीजें ब्लड शुगर को असंतुलित कर देती हैं. इसके साथ ही मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स के कारण शारीरिक गतिविधि भी कम हो गई है, इस कारण शरीर की ऊर्जा खर्च नहीं होती है और शरीर में चर्बी बढ़ती है, जो आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का रूप ले सकती है.
ये लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं सतर्क
अगर बच्चा बार-बार प्यास लगने की शिकायत करे, बार-बार पेशाब जाए, बहुत ज्यादा भूख लगे या अचानक वजन घटने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें. आंखों से धुंधला दिखना, थकान रहना और घाव का देर से भरना भी डायबिटीज के संकेत हो सकते हैं. कई बार यह बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरुआती लक्षण साफ नहीं होते, इस कारण माता-पिता इन चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, अगर आप जागरूक रहेंगे, तो आपके बच्चे वक्त रहते इस समस्या से बच सकेंगे.
टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज में क्या है अंतर
बच्चों में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज दोनों देखी जा रही हैं. टाइप-1 डायबिटीज में शरीर का इम्यून सिस्टम अग्न्याशय (Pancreas) की इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा देता है, जिससे इंसुलिन बनना कम या बंद हो जाता है और ब्लड शुगर बढ़ने लगती है. वहीं टाइप-2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन तो बनाता है, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं कर पाता. मोटापा, जंक फूड, कम शारीरिक गतिविधि और परिवार में डायबिटीज का इतिहास इसका खतरा बढ़ाते हैं.
क्या है इसका उपाय?
बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए सबसे जरूरी है कि आप उनको संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और आउटडोर खेलों के लिए प्रेरित करें. मीठे और तले हुए खाद्य पदार्थों से दूर रखें और अगर किसी बच्चे में लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें. समय पर जांच और उपचार से डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है और बच्चे को स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है.
यह भी पढ़ें: इस होली घर पर बनाएं खस्ता मावा गुजिया, मेहमान भी करेंगे खूब तारीफ! जानिए स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीका
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
संबंधित खबरें
स्मोकिंग नहीं करते, फिर भी हो सकता है Lung Cancer! इन खतरों से रहें सावधान
17 hrs ago2 दिन से पेट साफ नहीं हुआ? कहीं कैंसर का ये लक्षण तो नहीं
18 hrs agoव्रत रखते ही होने लगती है गैस और ब्लोटिंग? अपनाएं ये आसान टिप्स
22 hrs agoक्या एसिडिटी से हो सकता है कैंसर? डॉक्टर ने बताया खट्टी डकार आने का कारण
1 day agoBP अचानक 150 के पार जाते ही होने लगती है घबराहट? इन बातों का रखें खास ध्यान
1 day agoएक ही महीने में 2 बार पीरियड्स क्यों होते हैं, किसी बीमारी का लक्षण तो नहीं
1 day agoबिना दर्द की गांठ भी हो सकती है कैंसर का संकेत, गलती से न करें इग्नोर
1 day agoकिस बीमारी के बाद हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है? जानिए यहां
1 day agoLung Cancer Symptoms: ये 6 दिक्कतें हो सकती हैं फेफड़ों के कैंसर का लक्षण
2 days agoदुबले-पतले हैं और वजन बढ़ाना चाहते हैं तो यहां जानिए किस तरह बढ़ाएं वजन
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines