Chhavi Mittal Health Update: एक्ट्रेस छवि मित्तल को साल 2022 में अर्ली स्टेज ब्रेस्ट कैंसर हुआ था. अप्रैल 2022 में सर्जरी और रेडिएशन थेरैपी के बाद छवि कैंसर फ्री हो गई थीं. 4 सालों तक कैंसर फ्री रहने के बाद छवि को शरीर पर कई साइड इफेक्ट्स देखने को मिले. छवि ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि उन्हें कैंसर ट्रीटमेंट के बाद किन साइड इफेक्ट्स (Side Effecsts) से दोचार होना पड़ा था और अब इस एक साइड इफेक्ट के कारण उन्हें एकबार फिर सर्जरी करानी पड़ी है. सर्जरी की यूट्राइन फाइब्रॉइड रिमूवल सर्जरी (Utrine Fibroid Removal Surgery) हुई है. छवि ने सर्जरी का दर्द बयां किया और बताया कि कैंसर के बाद उन्हें कौन-कौन सी दिक्कतें होने लगीं.
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छवि की हुई फाइब्रॉइड रिमूवल सर्जरी
छवि मित्तर ने कहा, "सर्जरी ठीक से हुई. फाइब्रॉइड बहुत बड़ा था. हमने जो स्कैन में देखा था असल में फाइब्रॉइड उससे बड़ा था. ओवरी में डर्मेइट सिस्ट था. उसे भी निकाला गया. गर्भाशय और फाइब्रॉइड की बायोप्सी की गई, सबकुछ क्लीन था." छवि ने शेयर किया कि बायोप्सी में कुछ नहीं निकला यानी उन्हें फिर से कैंसर नहीं हुआ है.
सर्जरी के बाद होने वाली दिक्कतों को लेकर छवि ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया, "जनरल एनेस्थेशिया जाने में थोड़ा समय लेता है. लैप्रोस्कॉपिक सर्जरी के दौरान पेट को कार्बनडाइऑक्साइड से भरते हैं और यह ब्लॉटिंग बहुत अनकंफ्रर्टेबल होती है. इसके अलावा, नॉर्मल रूटीन में आना, चलना, सबकुछ थोड़ा मुश्किल है और समय ले रहा है." छवि ने बताया कि शरीर से कैथेटर निकालना सबसे खराब एक्सपीरियंस है जिससे वे कभी गुजरना नहीं चाहती हैं.
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पेट पर लगे टांके
छवि ने बताया कि सर्जरी के दौरान उनके पेट के बाहरी तरफ कट्स लगे हैं और अंदर लगा कट ज्यादा बड़ा है. फाइब्रॉइड बड़ा था और इसे छोटे से कट से निकालना मुमकिन नहीं था. इसीलिए कई अंदरूनी टांके लगे हैं.
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कैंसर के बाद दिखे ये साइड इफेक्ट्स
इंस्टाग्राम पर ही पोस्ट किए एक अपने एक और वीडियो में छवि ने बताया कि उन्होंने कभी कैंसर के साइड इफेक्ट्स की बात नहीं की है लेकिन कैंसर ट्रीटमेंट (Cancer Treamtment) चलने के दौरान कई साइड इफेक्ट्स दिखते हैं जो ट्रीटमेंट के बाद कम होने लगते हैं. छवि ने कहा, "मुझे एक दवा दी गई थी टेमोक्सिफेन और मुझे बताया गया था कि इसके कुछ खास साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं लेकिन मुझे कई साइड इफेक्ट्स हुए. मैं जब भी अपने डॉक्टर के पास जाती थी और कहती थी कि डॉक्टर मूड स्विंग्स बहुत ज्यादा हो रहे हैं तो वह कहते थे कि हां ऐसा होता है. अगर मैं बताती थी कि बोन डेंसिटी बहुत गिर गई है फ्रैक्चर हुए जा रहे हैं तो मुझे बताया गया कि हां यह तो होता है. लेकिन, यह एक साइड इफेक्ट है जिसके चलते अब मुझे एकबार फिर अंडर द नाइफ जाना पड़ रहा है."
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छवि ने बताया, "मैं यूट्राइन फाइब्रॉइड्स के लिए सर्जरी करवा रही हूं. फाइब्रॉइड्स में क्या होता है कि अगर आपको पहले से फाइब्रॉइड है, जोकि मुझे था, यह 1.25 सेंटीमीटर था 20 सालों पहले, लेकिन टेमोक्सिफेन के कारण यह बहुत तेजी से बढ़ा. रिसर्च भी कहती है कि यह एक तथ्य है. और अब यह (फाइब्रोइड) 7.2 सेंटीमीटर तक बढ़ गया है. इससे बहुत ज्यादा दिक्कतें होने लगी हैं. यह मेरे पीरियड्स को प्रभावित करता है. कुछ दिन मुझे अपने टैंपोन दिन में 5 से 6 बार बदलने पड़ते हैं और पैड्स के साथ ही पीरियड पैंटीस बदलनी पड़ती हैं. रोजाना की एक्टिविटीज में परेशानी आती है. मुझे इससे पहले पीरियड्स में इतना ज्यादा दर्द नहीं होता था. क्लॉट्स होने लगे थे. इससे मेरे ब्लैडर पर असर पड़ता है. मेरे ब्लैडर इशूज होने लगे हैं, आंतों की दिक्कतें और पेट की दिक्कतें होती हैं. मतलब हजार चीजें मुझे इस वजह से हो रही हैं."
सर्जरी कराना था जरूरी
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फाइब्रॉइड्स के कारण छवि को जो भी दिक्कतें हो रही थीं उस चलते छवि के लिए सर्जरी करवाना जरूरी था. सर्जरी से पहले छवि ने कहा था, "सर्जरी करवाना बहुत जरूरी है क्योंकि यह हर दिन बढ़ रहा है, यह बढ़ता जाएगा और मेरे लिए दिक्कतें बढ़ाता रहेगा. लेकिन, ऐसा नहीं है कि मुझे साइड इफेक्ट्स के बारे में पता होता तो मैं टेमोक्सिफेन नहीं लेती क्योंकि आपको टेमोक्सिफेन लेने के फायदे और नुकसान सब देखने पड़ते हैं."
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
Source - Chhavi Mittal Instagram