आजकल महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ रही है. यह महिलाओं में होने वाला एक गंभीर कैंसर है, जो बच्चेदानी के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में शुरू होता है. शुरुआत में इसके लक्षण कई बार दिखाई नहीं देते, इसलिए समय पर इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में महिलाओं के मन में अक्सर सवाल उठता है कि क्या सर्वाइकल कैंसर पूरे शरीर में फैल सकता है? इसके कौन-कौन से स्टेज होते हैं और हमें किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए? इसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि सर्वाइकल कैंसर हाई-रिस्क ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की वजह से होता है. अगर सही वक्त पर ध्यान दे दिया जाए तो इसका असर कम किया जा सकता है.
क्या सर्वाइकल कैंसर पूरे शरीर में फैल सकता है?
डॉक्टर तरंग कृष्णा ने अपनी एक वीडियो में बताया है कि सर्वाइकल कैंसर अगर शुरुआती दौर में पहचाना न जाए तो यह गंभीर हो सकता है. यह लिम्फ नोड्स और शरीर के दूसरे अंगों तक फैल सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सर्वाइकल कैंसर होने पर हर महिला के शरीर में कैंसर फैल ही जाएगा. यह बीमारी किस हद तक बढ़ी है, इसका पता जांच के बाद ही लगाया जा सकता है. हालांकि, एडवांस स्टेज में यह मलाशय के आसपास के हिस्से को इफेक्ट कर सकता है.
सर्वाइकल कैंसर शरीर में कैसे फैलता है?
कैंसर कहां तक फैला है, यह जानना बहुत जरूरी होता है क्योंकि इससे बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है. डॉक्टर का कहना है कि यह कैंसर बच्चेदानी, लिम्फ नोड्स और खून के जरिए दूसरे अंगों तक पहुंच सकता है.
सर्वाइकल कैंसर के कितने स्टेज होते हैं?
सर्वाइकल कैंसर को मुख्य रूप से चार स्टेज में बांटा जाता है. हर स्टेज यह बताता है कि कैंसर कितना बढ़ा है और शरीर के किन हिस्सों तक पहुंचा है. हालांकि, इसका पता टेस्ट के आधार पर ही लगाया जा सकता है.
सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
- पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग होना
- यौन संबंध के बाद खून आना
- मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग होना
- डिस्चार्ज होना
- पेल्विक हिस्से में दर्द होना
- पीठ में दर्द रहना
सर्वाइकल कैंसर की जांच किस उम्र में करानी चाहिए?
सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की सही उम्र इस बात पर निर्भर करती है कि महिला की मेडिकल हिस्ट्री क्या है. भारत में आमतौर पर 30 से 65 वर्ष की महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग पर जोर दिया जाता है. इसके लिए VIA यानी Visual Inspection with Acetic Acid टेस्ट का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, स्क्रीनिंग उम्र और लक्षण के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है जैसे- HPV, DNA टेस्ट और पैप स्मीयर टेस्ट आदि.
अगर आपकी उम्र 30 साल या उससे ज्यादा है और आपने अब तक सर्वाइकल कैंसर का टेस्ट नहीं कराया है तो एक बार अपने डॉक्टर से बात करें. साथ ही, अपनी उम्र और हेल्थ हिस्ट्री के हिसाब से टेस्ट कराएं. अगर आपको कैंसर से जुड़े लक्षण जैसे ब्लीडिंग होना, मेनोपॉज के बाद ब्लीडिंग होना या सफेद पानी की शिकायत होना आदि नजर आ रहे हैं तो टेस्ट जरूर कराएं.
सर्वाइकल कैंसर की जांच से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
- सबसे पहले डॉक्टर को अपनी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में बताएं और अगर पहले कभी पैप स्मीयर या HPV टेस्ट कराया है तो उसकी रिपोर्ट भी दिखाएं.
- अगर आपके पीरियड्स चल रहे हैं तो टेस्ट की तारीख आगे करवाएं.
- अगर आपको ब्लीडिंग या लगातार दर्द होने जैसे लक्षण हैं तो सिर्फ स्क्रीनिंग टेस्ट न कराएं.
सर्वाइकल कैंसर का इलाज कैसे होता है?
- सर्वाइकल कैंसर का इलाज उसके स्टेज, कैंसर के प्रकार, मरीज की साल, हेल्थ और भविष्य में बच्चे पैदा करने की इच्छा पर डिमेंड करता है.
- कुछ शुरुआती मामलों में कैंसर वाले अंग को निकालने के लिए सर्जरी की जा सकती है.
- कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रेडिएशन का इस्तेमाल किया जाता है.
- कैंसर की ग्रोथ के लिए रोकने या उन्हें नष्ट करने के लिए दवाएं दी जाती हैं. कई मामलों में इसे रेडिएशन के साथ दिया जाता है.
क्या सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
- सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम करने और बीमारी की शुरुआती पहचान के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं.
- HPV वैक्सीन कैंसर पैदा करने वाले कई प्रकार के HPV संक्रमणों से बचाव में मदद करती है. टीकाकरण की उम्र के बारे में डॉक्टर से सलाह लें.
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार HPV टेस्ट या पैप टेस्ट कराना जरूरी है. स्क्रीनिंग से कैंसर से पहले होने वाले सेल्स के बदलाव का पता लगाया जा सकता है.
इसे भी पढ़ें- प्रोस्टेट से जुड़ी किन दिक्कतों के बाद कैंसर का टेस्ट जरूर करवाना चाहिए, जानिए कैसे होता है इलाज
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.