Cancer Risk Factors: कैंसर का खतरा बढ़ाने वाली 5 आम आदतें, अनजाने में रोज कर रहे हैं ये गलतियां तो संभल जाएं
आप ये तो जानते ही होंगे कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत होती है. लेकिन आइए इस स्टोरी में WHO और NCI से जानें किन-किन आदतों से कैंसर का खतरा शरीर में बढ़ जाता है?
कैंसर के खतरे को कौन सी आदतें बढ़ाती है? (Image: AI/Pexels)
अच्छी जिंदगी अच्छी सेहत से ही मिलती है, लेकिन दुनिया में आज इतनी सारी गंभीर बीमारी जन्म ले चुकी है कि हेल्दी जीवन मुश्किल हो गया है. अक्सर आपने लोगों को कहते हुए सुना होगा कि रोजाना किसी न किसी व्यक्ति की बीमारी से मौत होती है, इस तरह की बात में सबसे ज्यादा अगर उदाहरण किसी बीमारी का दिया जाता है, तो वह कैंसर है. कैंसर इतनी खतरनाक बीमारी है, जिसके चंगुल से आजाद होना बहुत मुश्किल और अगर ये अपनी आखिरी स्टेज पर पहुंच जाता है, तो व्यक्ति की मौत तक हो जाती है. आपने ये बातें कई बार सुनी होंगी कि कैसे कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है, लेकिन हम इस स्टोरी में उन आदतों के बारे में बात करेंगे, जो कैंसर के खतरों का मुख्य कारण बनती है.
WHO के मुताबिक, कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर के लगभग किसी भी अंग या टिशू में शुरू हो सकती है. इसमें शरीर की कुछ असामान्य कोशिकाएं कंट्रोल से बाहर होकर अनियमित तरीके से बढ़ने लगती हैं और आसपास के स्वस्थ टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकती हैं. कई बार ये कोशिकाएं (Cells) शरीर के दूसरे अंगों तक भी फैल जाती हैं, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ता जाता है. आपको बता दें कि कैंसर शरीर के किसी भी अंग में पनप सकता है, ज्यादातर मामलों में लोगों की मौत फेफड़ों के कैंसर, स्तन कैंसर, कोलन-मलाशय कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, त्वचा का कैंसर, पेट का कैंसर, और लिवर कैंसर से होती है.
2024 में कैंसर के आँकड़े
2024 में विश्वभर में कैंसर के प्रमुख प्रकार
1. नए कैंसर मामलों के आधार पर
क्रम संख्या
कैंसर का प्रकार
नए मामले (2024)
1
फेफड़ों का कैंसर
26 लाख
2
स्तन कैंसर
24 लाख
3
कोलन और मलाशय का कैंसर
20 लाख
4
प्रोस्टेट कैंसर
15 लाख
5
त्वचा का कैंसर (नॉन-मेलानोमा)
11 लाख
6
पेट का कैंसर
10 लाख
2. कैंसर से होने वाली मौतों के आधार पर
क्रम संख्या
कैंसर का प्रकार
मौतें (2024)
1
फेफड़ों का कैंसर
18.6 लाख
2
कोलन और मलाशय का कैंसर
9.18 लाख
3
लिवर का कैंसर
7.32 लाख
4
स्तन कैंसर
6.94 लाख
5
पेट का कैंसर
6.42 लाख
नोट: WHO द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2024 में दुनियाभर में कैंसर से लगभग 1 करोड़ मौतें हुईं.
विज्ञापन
किन कारणों से बढ़ सकता है कैंसर का खतरा
WHO और NCI (National Cancer Institute) के अनुसार, कैंसर के खतरे को लेकर वैज्ञानिकों ने कई रिसर्च कर चुके हैं और अभी भी कर रहे हैं. कैंसर के ज्यादातर जोखिम (और बचाव संबंधी) चीजों की पहचान सबसे पहले महामारी विज्ञान संबंधी अध्ययनों (epidemiology studies) में की जाती है. इन स्टाडीज में, वैज्ञानिक लोगों के बड़े समूहों पर स्टाडी करते हैं, जिसमें उन लोगों को रखा जाता है, जो कैंसर से पीड़ित है और जिन्हें कैंसर नहीं है. इस स्टडी से पता चल पाता है कि कैंसर से पीड़ित लोगों और जिन्हें कैंसर नहीं है उनके व्यवहार में क्या अंतर और किन चीजों के संपर्क में वह ज्यादा रहते हैं. नीचे दी गई सूची में कैंसर के उन जोखिम कारकों को शामिल किया गया है, जिन पर सबसे ज्यादा अध्ययन हुए हैं.
शराब का सेवन
खानपान
मोटापा
धूप
तंबाकू का सेवन
शराब का सेवन कर देगी जिंदगी बर्बाद
NCI के अनुसार, शराब पीने से मुंह, गले, खाने की नली, वॉयस बॉक्स, लिवर और स्तन के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. आप जितनी ज्यादा शराब पिएंगे, कैंसर का खतरा उतना ही ज्यादा बढ़ता चला जाएगा. लोगों को भले ही इस बात की जानकारी हो, लेकिन उनके बावजूद वह शराब का सेवन करते हैं. कई पार्टी में शराब को लोग इस तरह पीते हैं मानों पानी पी रहे हों. लेकिन ये बात समझने की है कि अगर एक बार किसी व्यक्ति को कैंसर हो जाता है और उसे काफी देर बाद इस बीमारी का पता चलता है, तो यह आदत उसकी जान ले सकती है. डॉक्टर शराब पीने वालों को सलाह देते हैं कि वे इसका सेवन सीमित मात्रा में करें और सबसे बेहतर ये है कि करें ही न.
विज्ञापन
खानपान भी अच्छा जरूरी
कई शोधों में यह जानने की कोशिश की गई है कि हमारे भोजन में मौजूद पोषक तत्व और अन्य चीजें कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं या कम करते हैं. NCI के अनुसार, कैंसर कोशिकाओं और जानवरों पर किए गए कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कुछ पदार्थ कैंसर को बढ़ा सकते हैं या उससे बचाव में मदद कर सकते हैं. लेकिन इंसानों पर किए गए ज्यादातर शोधों में अभी तक यह निश्चित रूप से साबित नहीं हुआ है कि कोई खास खाद्य पदार्थ कैंसर का कारण बनता है या उससे बचाता है. कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि कैंसर से पीड़ित और स्वस्थ लोगों के खानपान में अंतर होता है, लेकिन सिर्फ इस अंतर से यह साबित नहीं होता कि किसी खास भोजन के कारण कैंसर हुआ है या उससे बचाव हुआ है. हालांकि, डॉक्टर सलाह देते हैं कि खानपान को जितना साफ और हेल्दी रखा जाए, उतना बेहतर है क्योंकि बीमारी पैदा होगी और उसकी आड़ में कैंसर का खतरा बढ़ता रहेगा.
मोटापा भी बढ़ा सकता है कैंसर का खतरा
मोटापे के शिकार लोगों में कई तरह के कैंसर होने का खतरा ज्यादा रह सकता है. इनमें स्तन कैंसर (उन महिलाओं में जो मेनोपॉज से गुजर चुकी हैं), कोलन, रेक्टम, एंडोमेट्रियम, एसोफेगस (खाने की नली), किडनी, पैंक्रियाज और गॉल ब्लैडर के कैंसर शामिल हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को सलाह देते रहते हैं कि उम्र के हिसाब से वजन होना बेहतर रहता है, ज्यादा वजन न सिर्फ कैंसर, बल्कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों का भी खतरा बढ़ा सकती है.
विज्ञापन
सूरज की रोशनी
सूरज, सन-लैंप और टैनिंग बूथ, सभी से अल्ट्रावायलेट (UV) रेडिएशन निकलता है, जो सेहत के लिए खतरनाक होते हैं. इन UV रेडिएशन के संपर्क में आने से स्किन समय से पहले बूढ़े होने लगती है और सेहत पर भी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे स्किन कैंसर होने का खतरा रहता है. NCI के अनुसार, हर उम्र और हर तरह की त्वचा वाले लोगों को धूप में कम समय बिताना चाहिए, खासकर सुबह के बाद से लेकर देर दोपहर तक और टैनिंग बेड जैसे अन्य UV रेडिएशन वीली चीजों से बचना जरूरी है. ध्यान रखें कि रेत, पानी, बर्फ और ओस से UV रेडिएशन परावर्तित (रिफ्लेक्ट) होता है, और यह गाड़ियों की विंडशील्ड और खिड़कियों के आर-पार भी जा सकता है.
तंबाकू का सेवन
भारत देश में लोग तंबाकू का बहुत ज्यादा सेवन करते हैं, कुछ पान में डालकर खाते हैं, तो कुछ सीधा उसे मुंह में डाल लेते हैं. NCI के अनुसार, इसकी लत इतनी बुरी है कि कई लोग तब तक काम नहीं कर पाते हैं, जब तक उनके मुंह में तंबाकू न हो. अब ये तंबाकू सीधा चबाया जाए, या सिगरेट के रूप में पिया जाए, दोनों की कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं. तंबाकू के सेवन से कई तरह के कैंसर होते हैं, जिनमें फेफड़े, लैरिंक्स (वॉयस बॉक्स), मुंह, एसोफैगस (खाने की नली), गला, मूत्राशय, किडनी, लिवर, पेट, पैंक्रियाज, कोलन और रेक्टम, और साथ ही, सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) का कैंसर शामिल है; इसके अलावा, यह एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया का कारण भी बन सकता है.
विज्ञापन
अगर आप इनमें से किसी भी आदत का शिकार हैं, तो बेहतर रहेगा कि इनसे बचने के लिए जरूरी सावधानियां बरतें, ताकि आपकी सेहत खराब न हो और आप लंबा जीवन दी सके.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.