Cancer Causes: आजकल नेल पॉलिश लगाना महिलाओं के लिए डेली रूटीन का हिस्सा बन गया है। पहले इसे फैशन के लिहाज से देखा जाता था मगर अब नाखूनों में रंगीन परत लगाना मानों आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है। कुछ लड़कियों को रोजाना नेल पॉलिश बदल-बदलकर लगाने की आदत होती है। मगर वह ये नहीं जानती है कि नेल पेंट में ऐसे टॉक्सिक केमिकल्स होते हैं जो उन्हें इंफर्टीलिटी, हार्मोन्ल इंबैलेंस और कैंसर जैसी बीमारियां भी तोहफे में दे सकती हैं।
क्या कहती हैं एक्सपर्ट?
जर्मन बेस्ड हेल्थ एडवाइसिंग कंपनी मिदुती में हेल्थ एडवाइजर और सेलेब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि नेल पॉलिश लगाना इतना ज्यादा खतरनाक है कि हम जब तक इससे पीछे छुड़ाने की कोशिश करते हैं, ये हमें उतना ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। वह बताती है कि दुनिया में एक भी ऐसी नेल पॉलिश नहीं है जिसमें कोई केमिकल न हो। यहां तक की जो नेचुरल नेल पेंट्स होती है उनमें भी कंसिस्टेंसी बनाने के लिए केमिकल्स मिलाए जाते हैं। इसका मतलब हुआ कि नाखुन पॉलिश कोई भी अच्छी नहीं है।
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नेल पॉलिश में मौजूद केमिकल्स
एक्सपर्ट बताती हैं कि सभी नेल पेंट्स में हार्मफुल पदार्थ होते हैं जैसे कि फॉर्मेल्डिहाइड, टोल्यूनि और फ्थैलेट्स। डीबीपी और कैंफोर जैसे टॉक्सिन्स इन नेल पेंट्स को खतरनाक बना देते हैं। इन्हें लगाने से न सिर्फ कैंसर बल्कि हार्मोन्ल इंबैलेंस, एलर्जी, सांस की दिक्कतों से लेकर नर्वस सिस्टम डैमेज हो सकता है। नेल पेंट्स और आजकल ट्रेंड में आया नेल एक्सटेंशन कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण होती है।
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नेल पॉलिश के नुकसान
इससे मुख्यत: तीन प्रकार की समस्या होती हैं
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हार्मोन्ल इंबैलेंस- नेल पेंट्स में मौजूद केमिकल्स से शरीर में हार्मोन्स का उतार-चढ़ाव हो जाता है। ऐसे में महिलाओं को डिप्रेशन, एंग्जाइटी से लेकर मूड स्विंग्स की समस्या हो सकती है।
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सांस की समस्याएं- नेल पॉलिश और उसके रिमूवर में एक तेज गंध मौजूद होती है, जिसे वाष्प (fumes) कहते हैं। इसके संपर्क में लंबे समय तक रहने से सांस लेने की समस्या हो जाती है। नेल पॉलिश लगाने से फेफड़ों और सांस की नलियों पर बुरा असर पड़ सकता है, इससे अस्थमा हो सकता है।
इंफर्टिलिटी की प्रॉब्लम- नेल पेंट्स के हानिकारक केमिकल्स होते हैं। जब हम इन्हें अपनी उंगलियों में लगाते हैं तो इसके पार्टिकल्स नाखूनों और स्किन के जरिए शरीर के अंदर चले जाते हैं। इस वजह से ये हमारे फर्टिलिटी वाले ऑर्गन्स को डैमेज कर सकता है। इसलिए, महिलाओं को प्रेग्नेंसी में दिक्कत भी आती है।
कैंसर का संबंध
नेल पॉलिश हानिकारक तत्वों का मिश्रण होता है। जो महिलाएं बार-बार नेल पेंट्स लगाती है और लगातार अपने नेल्स पर एक्सटेंशन या फिर मैनिक्योर करवाती हैं, उन्हें निश्चित ही स्किन कैंसर होने की संभावनाएं रहती हैं।
नेल पेंट लगाने का सही तरीका क्या है?
- एक्सपर्ट बताती हैं कि नेल पेंट का इस्तेमाल नाखूनों पर कम से कम करना चाहिए।
- जो महिलाएं नाखून चबाती हैं, उन्हें भी नेल पेंट नहीं लगानी चाहिए।
- नेल पेंट यूज करनी है तो ऐसे पेंट्स का यूज करें जिनमें केमिकल की मात्रा कम से कम होती है।
- अगर किसी को अपने नेल्स शाइनी रखने होते है तो वे ट्रांसपेरेंट नेल पेंट्स की जगह ऑलिव ऑयल लगा सकते हैं।
- अगर आप नेल एक्टेंशन करवाने जा रही हैं तो पहले अपने हाथों में अच्छे से सनस्क्रीन लगाएं।
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