हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

क्या टॉयलेट पर फोन इस्तेमाल करने से बवासीर हो सकता है? डॉक्टर ने किया एक्सप्लेन, बताया क्या ऐसे सचमुच होता है Piles

Piles Causes: अक्सर ही लोग टॉयलेट पर बैठकर फोन चलाने लगते हैं, लेकिन क्या इस आदत से बवासीर हो सकता है? डॉ. प्रिंयका सहरावत बता रही हैं कि टॉयलेट पर बैठकर फोन चलाने से बवासीर होता है या नहीं.

विज्ञापन
ज्यादा देर तक टॉयलेट पर बैठने से क्या हो सकता है? Image Credit - Freepik

Bawasir Kaise Hota Hai: बवासीर एक ऐसी कंडीशन है जिसमें व्यक्ति के मलद्वार पर दाने या मास के लंप्स निकलने लगते हैं, मलत्याग करते हुए दर्द होता है और कई बार खून निकलने लगता है. बहुत ज्यादा दिनों तक कब्ज रहने से भी बवासीर (Piles) हो सकता है. ऐसे में बवासीर होने के यूं तो कई कारण बताए जाते हैं, लेकिन क्या टॉयलेट पर बैठकर फोन इस्तेमाल करने से बवासीर हो सकता है? इसका जवाब दे रही हैं न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजीशियन डॉ. प्रियंका सहरावत. डॉक्टर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से पोस्ट शेयर करके बताया है कि टॉयलेट में बैठकर फोन चलाने या अखबार पढ़ने से बवासीर होने का रिस्क बढ़ता है या नहीं.

टॉयलेट में ज्यादा देर बैठने से क्या होता है?

डॉ. प्रियंका सहरावत बताती हैं कि अगर आप बहुत ज्यादा देर तक टॉयलेट की सीट पर बैठे रहते हैं तो आपको बवासीर या हेमोरॉइड्स (Hemorrhoids) होने का खतरा बढ़ जाता है. बवासीर या हेमोरॉइड्स डाइलेटेड स्वॉलेन ऑब्सट्रक्टिव वेन्स होती हैं यानी रक्त वाहिनियां होती हैं जो खून को आपकी आंतों से दिल तक लेकर जाती हैं. रेक्टम यानी गुदा आंतों का सबसे निचला भाग होता है, जब उसकी वाहिनियां सूज जाती हैं या फूल जाती हैं तो उससे बवासीर या हेमोरॉइड्स हो जाते हैं.

यह भी पढ़ें – मल बाहर नहीं निकल रहा है तो क्या करें? आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताया रात के समय गुड़ में मिलाकर खा लें ये चीज, पेट साफ हो जाएगा

विज्ञापन

टॉयलेट सीट पर मोबाइल चलाने से बवासीर क्यों होता है इसपर डॉ. प्रिंयका का कहना है कि जिस तरह के हमारे इंग्लिश टॉयलेट सीट की शेप होती है अगर उसपर अपना मोबाइल देखते हुए या अखबार पढ़ते हुए 15 से 20 मिनट बिताए जाते हैं तो उससे आंत के सबसे निचले हिस्से पर दबाव बढ़ता है, इससे रेक्टम की वेन्स पर फूलने लगती हैं, फैलने लगती हैं और सूज जाती हैं. इससे बवासीर का खतरा बढ़ जाता है. बवासीर ना सिर्फ खून से पता चलता है बल्कि इसमें एनल एरिया में दर्द होने लगता है, ऐसा लगता है जैसे मलत्याग करते समय कुछ और भी शरीर से बाहर निकल रहा है या मलद्वार को साफ करते हुए दर्द महसूस होता है.

अगर बवासीर के लक्षण दिख रहे हैं तो क्या करें

विज्ञापन

डॉक्टर की सलाह है कि अगर आपको बवासीर के लक्षण दिखने लगे हैं तो टॉयलेट सीट पर बैठकर अखबार पढ़ने या मोबाइल चलाने की आदत छोड़ दें. कोशिश करें कि टॉयलेट में आप 5 मिनट से ज्यादा ना बिताएं.

यह भी पढ़ें – बीपी हाई होने पर हमें क्या खाना चाहिए? न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया क्या खाने पर कम होगा High Blood Pressure

विज्ञापन

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola