पेट साफ करते वक्त कई बार खून आ जाता है, जिसे अक्सर लोग बवासीर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार लोग शर्म या झिझक की वजह से डॉक्टर से बात भी नहीं करते, लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है. पॉटी में खून आने की वजह बवासीर, एनल फिशर या कब्ज जैसी समस्या हो सकती है, लेकिन कई बार यह बड़ी आंत या मलाशय के कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि इस लक्षण को हल्के में न लें और समय रहते इसकी असल वजह का पता लगाएं. बवासीर और कोलोरेक्टल कैंसर के कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं, जिसकी वजह से इनके बीच का अंतर समझनाृ मुश्किल हो जाता है. हालांकि, हर बार पॉटी में खून आने का मतलब कैंसर नहीं होता, लेकिन डॉक्टर कीर्तना प्रियदर्शिनी का कहना है कि इसका पता टेस्ट की मदद से पता लगाया जा सकता है. हालांकि, रेक्टल कैंसर के शुरुआती लक्षण की पहचान करना भी जरूरी है, जिसके लिए आपको डॉक्टर से बात करनी होगी.
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मल में खून आने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
मल में खून आने के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें कुछ समस्याएं नॉर्मल और कुछ गंभीर होती हैं.
- बवासीर की वजह से भी खून आता है, जिससे गुदा के आसपास की नसों में सूजन आ जाती है. खून के साथ खुजली, सूजन, दर्द या गुदा के आसपास गांठ महसूस होने जैसी समस्याएं होने लगती है.
- कब्ज या हार्ड पॉटी आने से भी खून आने लगता है, क्योंकि हार्ड पॉटी निकलने से गूदे के आसपास दर्द होता है.
- आंतों में सूजन आने या कोई परेशानी से खून, दस्त, पेट दर्द और बार-बार शौच जाने की परेशानी हो सकती है.
- बड़ी आंत या मलाशय में मौजूद पॉलीप और कैंसर के कारण भी मल में खून आ सकता है. कभी-कभी इसके साथ आदतों में बदलाव, पेट दर्द, वजन कम होना या खून की कमी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
बवासीर होती क्या है?
बवासीर में मस्से गुदे (anus) के अंदर या बाहर हो जाते हैं. ये मस्से छोटे दानों जैसे दिखते हैं, जिनमें खुजली, दर्द, सूजन और खून आने की समस्या हो सकती है और ये अंदर-बाहर करते हैं तो और दर्द महसूस होता है.
बवासीर होने की वजह
बवासीर (Hemorrhoids) होने की वजह फाइबर और पानी की कमी है. इनकी कमी से कब्ज और मल त्याग के दौरान जोर लगाना पड़ता है जिससे नसों पर दबाव पड़ता है और ये नसें सूज जाती हैं. इसके अलावा बवासीर को कई चीजें बढ़ावा देती हैं, जिसपर ध्यान देने की जरूरत होती है.
बवासीर होने के लक्षण
- पॉटी वाले हिस्से के आसपास खुजली होना
- जलन और दर्द रहना
- मल त्यागते समय या बाद में खून आना
- गुदा के पास गांठ महसूस होना
- मल त्यागने में परेशानी होना
- बैठने में दिक्कत महसूस होना
कैंसर होने पर पॉटी में क्या बदलाव होते हैं?
कोलन से शुरू हुए कैंसर को कोलन कैंसर और मलाशय में हुए कैंसर को रेक्टल कैंसर कहा जाता है. इन दोनों में से किसी में भी हुए कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है. इसलिए आपको लक्षण अलग-अलग नजर आ सकते हैं, लेकिन कैंसर होने पर पॉटी कई तरह के बदलाव होते हैं.
- पॉटी के रंग पर असर
- मल में खून आना
- कब्ज रहना
- पेट साफ ना होना
बवासीर और कैंसर के लक्षणों में क्या अंतर है?
- बवासीर और कैंसर जैसी बीमारी में पॉटी करते वक्त खून आता है. इसलिए ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते हैं और जब पता चलता है तो काफी देर हो जाती है.
- बवासीर में खून आने के साथ कुछ लोगों को गुदे के आसपास खुजली, सूजन, दर्द या गांठ की समस्या भी होती है.
- मलाशय के कैंसर में खून आने के अलावा पॉटी करने की आदतों में लगातार बदलाव, पेट में दर्द, बिना वजह वजन कम होना और थकान जैसे लक्षण भी हो सकते हैं.
- यह समझना जरूरी है कि सिर्फ लक्षणों के आधार पर बवासीर और कैंसर में अंतर नहीं किया जा सकता, बल्कि टेस्ट कराना जरूरी है.
खून आना कब हो सकता है खतरनाक?
अगर आपको शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आएं तो तुरंत डॉक्टर से जरूर बात करें.
- बार-बार मल में खून आना
- पॉटी करने में बदलाव आना
- बिना वजह वजन कम होना
- लगातार थकान और कमजोरी
- पेट में लगातार दर्द होना
- पॉटी करने का रंग काला या गहरा लाल होना
- पेट में ऐंठन होना
- आयरन की कमी होना
पॉटी में खून आने पर कौन-सा टेस्ट कराना चाहिए?
खून आने की वजह पता करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले मरीज से लक्षणों, समय, कब्ज की समस्या और परिवार में आंतों के कैंसर के इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं. इसके बाद टेस्ट करते हैं और बीमारी का पता लगाते हैं.
- खून टेस्ट
- बॉडी का टेस्ट
- पॉटी का टेस्ट
- कोलोनोस्कोपी
- बायोप्सी
हालांकि, अगर आपको यह समस्या बार-बार हो रही है या इसके साथ वजन कम होना जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो सही कारण का जरूर पता लगाएं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.
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